द्विपक्षीय बैठक के बाद, केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल और रूसी संघ के उद्योग एवं व्यापार मंत्री श्री एंटोन अलीखानोव ने इन्नोप्रोम इंडिया 2026 के दूसरे दिन प्रदर्शनी के अपने दौरे (वॉकथ्रू) के तहत भारत मंडपम, नई दिल्ली में राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास निगम लिमिटेड (एनआईसीडीसी) के पैवेलियन का दौरा किया।
मंत्रियों ने एनआईसीडीसी टीम के साथ बातचीत की और उन्हें भारत के औद्योगिक तथा मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम को मजबूत करने के उद्देश्य से शुरू की गई प्रमुख पहलों के बारे में जानकारी दी गई। एनआईसीडीसी ने राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास कार्यक्रम (एनआईसीडीपी), इंडस्ट्रियल स्मार्ट सिटीज, पीएम मित्र पार्क्स, भारत औद्योगिक विकास योजना (भव्य), इंडस्ट्रियल कॉरिडोर लैंड प्लेटफॉर्म (आईसीएलपी) और एनआईसीडीसी लॉजिस्टिक्स डेटा सर्विसेज लिमिटेड (एनएलडीएसएल) द्वारा विकसित डिजिटल लॉजिस्टिक्स समाधानों के तहत अपने कार्यों को प्रस्तुत किया।
इस बातचीत ने मैन्युफैक्चरिंग, इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी, लोकलॉइजेशन और निवेश में भारत-रूस सहयोग की संभावनाओं को रेखांकित किया गया।
एनआईसीडीसी पैवेलियन में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों की मजबूत भागीदारी देखी गई, जिनमें उद्योग प्रतिनिधि, निवेशक, प्रौद्योगिकी कंपनियां और व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल शामिल थे। आगंतुकों ने औद्योगिक स्थलों, बुनियादी ढांचे की तैयारियों, कनेक्टिविटी, भूमि की उपलब्धता और भारत में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स स्थापित करने के अवसरों में गहरी रुचि दिखाई। एनआईसीडीसी के सीईओ एवं प्रबंध निदेशक श्री रजत कुमार सैनी (आईएएस) ने भी पैवेलियन का दौरा किया और प्रदर्शनी के दौरान चलाए जा रहे निवेशक सहभागिता तथा आउटरीच गतिविधियों की समीक्षा की।
एनआईसीडीसी ने रूसी समकक्षों, ब्रिक्स प्रतिनिधियों, भावी निवेशकों और उद्योग प्रतिनिधियों के साथ बी2बी बैठकों की एक श्रृंखला भी आयोजित की। इन चर्चाओं में संभावित मैन्युफैक्चरिंग पार्टनरशिप, लोकलाइजेशन, टेक्नोलॉजी में सहयोग, सप्लाई-चेन इंटीग्रेशन और भारत के उभरते इंडस्ट्रियल स्मार्ट सिटीज में अवसरों को शामिल किया गया।
इन वार्ताओं में उन्नत इंजीनियरिंग, मशीनरी एवं उपकरण, परिवहन प्रणाली, ऑटोमोबाइल, धातु, ऊर्जा, एयरोस्पेस, फार्मास्यूटिकल्स (दवाएं), रसायन और उन्नत विनिर्माण प्रौद्योगिकियों जैसे क्षेत्र शामिल थे।
