गंभीर रूप से लुप्तप्राय ग्रेट इंडियन बस्टर्ड (जीआईबी) के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में, वन्यजीव सप्ताह 2026 के दौरान केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव और राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा (वीसी के माध्यम से) ने आज जैसलमेर स्थित डेजर्ट नेशनल पार्क में कल होने वाले सॉफ्ट-रिलीज सुविधा से दो बंदी बनाकर पाले गए ग्रेट इंडियन बस्टर्ड को जंगल में छोड़ने की प्रक्रिया के शुभारंभ में भाग लिया। जीआईबी का यह पुनःवन्यीकरण राजस्थान के राजकीय पक्षी की एक व्यवहार्य आबादी विकसित करने के लिए एक दशक से किए जा रहे निरंतर कठिन परिश्रम, समर्पण और वैज्ञानिक अनुसंधान का परिणाम है। गणमान्य व्यक्तियों ने रामदेवरा और सैम में जीआईबी संरक्षण प्रजनन केंद्र की प्रगति की भी समीक्षा की और नवनिर्मित पुनःवन्यीकरण एवियरी का उद्घाटन किया, साथ ही परिदृश्य में जीआईबी की एक दशक की यात्रा पर ब्रोशर भी जारी किया। इस कार्यक्रम में राजस्थान राज्य के वन और पर्यावरण मंत्री श्री संजय शर्मा, केंद्र और राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उपस्थित थे।
इस परियोजना की शुरुआत राजस्थान में शानदार रही और इसके बाद गुजरात में भी इसे सफलतापूर्वक आगे बढ़ाया गया। केंद्रीय मंत्री ने हाल ही में गुजरात के कच्छ जिले के नालिया में स्थित सॉफ्ट रिलीज और संरक्षण सुविधा का निरीक्षण किया। कल होने वाला रिलीज भारत के जीआईबी संरक्षण कार्यक्रम में एक महत्वपूर्ण बदलाव का प्रतीक होगा, जिसके तहत एक व्यवहार्य संरक्षण-प्रजनन आबादी स्थापित करने से लेकर प्रजातियों को उनके प्राकृतिक आवास में पुनः स्थापित करने और उनकी संख्या बढ़ाने की दिशा में काम किया जाएगा। यह प्रक्रिया सावधानीपूर्वक नियंत्रित तरीके से की गई, जिसमें रिलीज स्थल पर सीमित उपस्थिति सुनिश्चित की गई ताकि पक्षियों को मानव जनित व्यवधान से बचाया जा सके। पायलट रिलीज से प्राप्त सीख का उपयोग आगामी रिलीज के प्रोटोकॉल को धीरे-धीरे परिष्कृत करने के लिए किया जाएगा।
शाम को अपने संबोधन में राजस्थान के मुख्यमंत्री ने राजकीय पक्षी के पुनःवन्यीकरण के इस दिन को पूरे राज्य के लिए गौरव का दिन बताया। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि केंद्र और राज्य सरकारों के समन्वित प्रयासों से थार की सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न अंग माने जाने वाले जीआईबी को विलुप्ति के कगार से वापस लाया गया है। मुख्यमंत्री ने जीआईबी संरक्षण कार्यक्रम के लिए राज्य सरकार द्वारा प्रदान की गई वित्तीय सहायता के साथ-साथ राज्य भर में पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में किए गए अन्य सफल प्रयासों का भी विस्तृत विवरण दिया।
