केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज मुंबई में हिंदी दिवस 2026 एवं छठे अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन को मुख्य अतिथि के तौर पर संबोधित किया। इस अवसर पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री देवेन्द्र फडणवीस, उप-मुख्यमंत्री श्री एकनाथ शिंदे एवं श्रीमती सुनेत्रा पवार, केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री श्री नित्यानंद राय एवं श्री बंडी संजय कुमार और राजभाषा विभाग की सचिव श्रीमती अंशुली आर्या सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने हिंदी दिवस और गणेश चतुर्थी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह मणिकंचन योग है कि आज हिंदी दिवस और गणेश चतुर्थी दोनों है। उन्होंने कहा कि विघ्नहर्ता भगवान श्री गणेश भारतीय भाषाओं के विकास का मार्ग प्रशस्त करेंगे और मार्ग की बाधाओं का हरण करेंगे। गृह मंत्री ने इस अवसर पर लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक का स्मरण करते हुए कहा कि महाराष्ट्र में सार्वजनिक गणेश उत्सव की शुरुआत 1893 में लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक महाराज ने की थी। उन्होंने कहा कि तिलक महाराज ने इस देश की नब्ज सही पकड़ी थी। उन्होंने गहराई से समझा था कि इस देश में जागरूकता और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद इसकी संस्कृति और इसके इतिहास के माध्यम से ही लाया जा सकता है। इसलिए उन्होंने गणेश उत्सव और छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती मनाने की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि देखते-देखते ये दोनों उत्सव पूरे देश में मनाए जाने लगे। इन दोनों उत्सवों से अंग्रेजों को बहुत परेशानी हुई। तिलक महाराज ने इन दोनों उत्सवों के माध्यम से देशभक्ति का बड़ा ज्वार पैदा किया। श्री शाह ने कहा कि महाराष्ट्र की भूमि परंपराओं और विशाल सोच की भूमि है। उन्होंने कहा कि जब भक्ति आंदोलन हुआ, तब महाराष्ट्र की भूमि के अनेक संतों ने ऐसी रचनाएं कीं, जिनसे देशभर में भक्ति आंदोलन को बल मिला। यह छत्रपति शिवाजी महाराज जी की भूमि है, जिन्होंने स्वराज, स्वधर्म और स्वभाषा को स्वराज का मूल अंग बनाया। शासन में मराठी को महत्व देकर उन्होंने अपनी भाषा का कोष निर्मित किया। इसी माध्यम से छत्रपति शिवाजी महाराज और हिंदवी स्वराज के काल तक यहाँ का शासन चलता रहा।
