भारत सरकार के श्रम और रोजगार मंत्रालय द्वारा महाराष्ट्र सरकार के साथ मिलकर आयोजित किया गया भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिकों (बीओसीडब्ल्यू) से संबंधित दो-दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन आज मुंबई में संपन्न हुआ। 11-12 सितंबर, 2026 को हुए इस सम्मेलन में केन्द्र सरकार, विभिन्न राज्य/केन्द्र-शासित प्रदेश की सरकारों, बीओसीडब्ल्यू कल्याण बोर्डों तथा अन्य संबंधित पक्षों के प्रतिनिधियों ने निर्माण श्रमिकों के कल्याण, कौशल विकास, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। केन्द्रीय श्रम और रोजगार तथा युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने इस सम्मेलन के पहले दिन की अध्यक्षता की। इस अवसर पर केन्द्रीय श्रम और रोजगार तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम राज्यमंत्री सुश्री शोभा करंदलाजे भी मौजूद थीं।
सम्मेलन के दूसरे दिन अपनी शुरुआती संबोधन में, सचिव ने बीओसीडब्ल्यू सेक्टर में मौजूदा चुनौतियों और मौकों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अधिक जवाबदेह, समावेशी एवं सुदृढ़ श्रमिक इकोसिस्टम बनाने हेतु कौशल इकोसिस्टम को मजबूत करना और नीतिगत एवं कार्यक्रम संरचना में श्रमिकों की गरिमा को केन्द्र में रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने श्रम बाजार में जानकारी एवं पहुंच संबंधी विषमताओं को दूर करने और नौकरी चाहने वालों व नियोक्ताओं के बीच बेहतर तालमेल बनाने वाली व्यवस्था को सुदृढ़ करने की जरूरत पर भी बल दिया।
सचिव ने इस बात पर जोर दिया कि सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याण से जुड़ी योजनाएं बनाते समय श्रमिकों की अंतरराज्यीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होने वाली आवाजाही का उचित ध्यान रखा जाना चाहिए। साथ ही, उन्होंने निर्माण श्रमिकों की पेशेगत सेहत, शारीरिक सुरक्षा और कार्यस्थल से जुड़ी अन्य चिंताओं पर अधिक ध्यान देने का आह्वान किया।
सम्मेलन के दौरान विभिन्न राज्यों और केन्द्र-शासित प्रदेशों द्वारा साझा किए गए सर्वोत्तम कार्यपद्धतियों की सराहना करते हुए, उन्होंने निरंतर सहयोग और एक-दूसरे से सीखने हेतु केन्द्र तथा राज्यों के बीच अनुभवों के अधिक आदान-प्रदान एवं अक्सर वर्चुअल बातचीत को प्रोत्साहित किया।
Dr. Chandra Bhushan Kumar, Secretary, Ministry of Labour & Employment, delivered the opening remarks on Day 2 of the National Conference on BOCW, setting the tone for the day’s deliberations. https://t.co/rBEgP0gmEE
भविष्य को ध्यान में रखते हुए, सचिव ने बीओसीडब्ल्यू के कल्याण इकोसिस्टम को सुदृढ़ करने के मुख्य उपायों की रूपरेखा बताई। इसमें वर्तमान में किए जा रहे विविध उपायों को समेकित करने और टिकाऊ कल्याणकारी पहलों को सहारा देने हेतु बीमांकिक विश्लेषण (एक्चुअरियल एनालिसिस) का अधिक उपयोग शामिल है।
