प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी; लोक सभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला; केंद्रीय रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह; केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण तथा रसायन और उर्वरक मंत्री श्री जगत प्रकाश नड्डा; केंद्रीय संसदीय कार्य और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री श्री किरेन रिजिजू; राज्य सभा में विपक्ष के नेता श्री मल्लिकार्जुन खरगे; लोक सभा में विपक्ष के नेता श्री राहुल गांधी; श्री नितिन नबीन, सांसद ; संसद् सदस्यों, पूर्व सदस्यों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने आज संविधान सदन के केंद्रीय कक्ष में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री श्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर उनकी प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि अर्पित की।
लोक सभा के महासचिव श्री उत्पल कुमार सिंह और राज्य सभा के महासचिव श्री पी.सी. मोदी ने भी इस अवसर पर पुष्पांजलि अर्पित की।
इस अवसर पर, ‘Know Your Leader ’ कार्यक्रम के अंतर्गत संविधान सदन के केंद्रीय कक्ष में देश के विभिन्न भागों से आए विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए लोक सभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने युवाओं से आह्वान किया कि वे महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री श्री लाल बहादुर शास्त्री के जीवन, आदर्शों और जनसेवा से प्रेरणा लें तथा एक विकसित भारत के निर्माण की दिशा में दृढ़ संकल्प, अनुशासन और उत्तरदायित्व की प्रबल भावना के साथ योगदान दें।
युवा प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए, उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक केंद्रीय कक्ष में उनकी उपस्थिति भारत की लोकतांत्रिक और संवैधानिक विरासत से जुड़ने का एक अवसर है। महात्मा गांधी का उल्लेख करते हुए, श्री बिरला ने कहा कि उनके जीवन ने सत्य, नैतिकता, अहिंसा और सत्याग्रह की शक्ति को प्रदर्शित किया। ऐसे समय में जब दुनिया का अधिकांश हिस्सा औपनिवेशिक शासन के अधीन था, महात्मा गांधी ने यह सिद्ध किया कि सत्य और अहिंसा पर आधारित आंदोलन स्वतंत्रता संग्राम को दिशा दे सकता है। उनके विचारों और दर्शन ने तत्पश्चात दुनिया भर में स्वतंत्रता और न्याय के आंदोलनों को प्रेरित किया। महात्मा गांधी की शिक्षाओं का स्मरण करते हुए, श्री बिरला ने युवाओं से उनके जीवन और विचारों का अध्ययन करने का आग्रह किया, और कहा कि जो उनके जीवन और दर्शन को जितना अधिक समझता है, उसे विपत्तियों और चुनौतियों का सामना करने के लिए उतनी ही अधिक अंतर्दृष्टि, साहस और एक नया दृष्टिकोण प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी का जीवन यह सिखाता है कि सरल साधनों के माध्यम से भी लोगों के जीवन और मन में स्थायी परिवर्तन लाया जा सकता है। आत्म-निरीक्षण, अनुशासन, दृढ़ता और उद्देश्य की दृढ़ता उनके जीवन का अभिन्न अंग थे और आज भी युवाओं के लिए प्रासंगिक हैं।
