उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने आज नई दिल्ली के उपराष्ट्रपति भवन में तेलंगाना की पूर्व राज्यपाल और पुडुचेरी की पूर्व उपराज्यपाल डॉ. तमिलिसाई सौंदर्यराजन द्वारा लिखित पुस्तक "ए सेंचुरी ऑफ सर्विस – द आरएसएस इन 100 एक्ट्स ऑफ सेवा" का विमोचन किया।
Vice President C. P. Radhakrishnan today released the book “A Century of Service – The RSS in 100 Acts of Seva” authored by former Governor of Telangana and former Lieutenant Governor of Puducherry, Dr. Tamilisai Soundararajan, at Uprashtrapati Bhavan, New Delhi. pic.twitter.com/50z9TnIyID
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, उपराष्ट्रपति ने कहा कि यह किताब आरएसएस की सौ साल की सेवा, उसकी सामाजिक ज़िम्मेदारी और राष्ट्र-निर्माण में उसके योगदान को दर्ज करती है।
यह मानते हुए कि "आज की खबर कल का इतिहास बन जाती है," श्री सी.पी. राधाकृष्णन ने अच्छे कार्यों को दर्ज करने के महत्व पर ज़ोर दिया, अन्यथा वे लोगों की यादों से मिट सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह किताब दर्शाती है कि कैसे सेवा की भावना लगातार सामाजिक सेवा में बदल गई है।
"सेवा ही धर्म है, यह एक कर्तव्य है", को एक बुनियादी आदर्श बताते हुए, उपराष्ट्रपति ने कहा कि आरएसएस की सेवा पहल समाज के गरीब, हाशिए पर रहने वाले और अलग-अलग वर्गों, जिनमें मज़दूर, महिलाएँ और बच्चे शामिल हैं, तक पहुँची है। उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान भोजन, दवाइयाँ और ज़रूरी मदद पहुँचाने में आरएसएस स्वयंसेवकों की भूमिका को याद किया।
किताब में "चरित्र-निर्माण के ज़रिए राष्ट्र-निर्माण" के विषय का ज़िक्र करते हुए, उपराष्ट्रपति ने कहा कि राष्ट्र-निर्माण के लिए देशभक्ति, अनुशासन, सामाजिक ज़िम्मेदारी और राष्ट्रीय एकता बेहद ज़रूरी हैं।
उन्होंने कहा कि यह किताब न केवल आरएसएस की सौ साल की सेवा का रिकार्ड होगी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भारत की सेवा की परंपरा, संस्कृति और राष्ट्रीय चेतना को दिखाने वाला एक दस्तावेज़ भी होगी।
उपराष्ट्रपति ने डॉ. तमिलिसाई सुंदरराजन और इस प्रकाशन से जुड़े सभी लोगों को बधाई दी और उम्मीद जताई कि इतिहास को दर्ज करने की ऐसी और भी कोशिशें होंगी।
सूचना और प्रसारण तथा संसदीय मामलों के केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन, पुडुचेरी के गृह मंत्री श्री ए. नमासिवयम और डॉ. तमिलिसाई सुंदरराजन इस मौके पर मौजूद थे।
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