प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्थापना दिवस पर स्वयंसेवकों को शुभकामनाएं दीं और नागपुर के विजयादशमी कार्यक्रम में मोहन भागवत का संबोधन साझा किया।
उन्होंने एक्स पर अलग-अलग संदेशों में अपनी बात रखी।
प्रधानमंत्री ने संघ के स्थापना दिवस पर स्वयंसेवकों को बधाई दी और संगठन में योगदान देने वाले लोगों को याद किया।
संदेश में संघ के शताब्दी वर्ष तथा उसकी सामाजिक सेवा और राष्ट्र निर्माण संबंधी गतिविधियों का उल्लेख किया गया।
उन्होंने कहा कि ये कार्य आगे भी राष्ट्रीय विकास में योगदान दे सकते हैं।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री ने सभी स्वयंसेवकों को बधाई दी और पूर्व योगदानकर्ताओं के कार्यों का स्मरण किया।
संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर उन्होंने सामाजिक दायित्व, सेवा भावना और सामूहिक प्रयासों को विशेष महत्व दिया।
उन्होंने आने वाले समय में भी सेवा के प्रयास जारी रहने की कामना की।
प्रधानमंत्री ने एक्स पर संघ के स्थापना दिवस पर शुभकामनाएं देते हुए स्वयंसेवकों के कार्यों, राष्ट्र निर्माण और सामाजिक एकता का उल्लेख किया।
नागपुर में आयोजित विजयादशमी शताब्दी समारोह के दौरान मोहन भागवत के संबोधन की जानकारी भी प्रधानमंत्री ने साझा की।
प्रधानमंत्री के अनुसार, भाषण में आत्मनिर्भरता, राष्ट्रीय विकास, समाज के चरित्र और सामाजिक सद्भाव के विषय शामिल रहे।
प्रधानमंत्री ने सेवा और राष्ट्र निर्माण में स्वयंसेवकों की भूमिका पर दिए गए जोर की चर्चा की।
उन्होंने पंच परिवर्तन को समाज में सकारात्मक बदलाव से जुड़े विमर्श का हिस्सा बताया।
पूरा संबोधन इस लिंक से देखा जा सकता है: https://www.youtube.com/live/PcWgPtMVw_Q?si=mCFMUSKnpi_UvUhQ
प्रधानमंत्री ने मोहन भागवत के नागपुर में दिए गए भाषण का उल्लेख करते हुए सेवा, एकता और आत्मनिर्भरता की चर्चा की। मूल संदेश: https://t.co/G6Rg2wX4KH
