Sunday, 18 October 2026 24 new updates today
Latest Updates

पृथ्‍वी विज्ञान मंत्रालय Read in English

भारत मौसम विज्ञान विभाग ने चक्रवात की चेतावनी और समुद्री मौसम सेवाओं संबंधी निर्णय लेने में समर्थन करने वाली प्रणाली देश को समर्पित की

Key details of this update
DetailInformation
Date17 October 2026 (Saturday)
Time2:12 PM
Topic / Ministryपृथ्‍वी विज्ञान मंत्रालय
Languageहिन्दी · Read in English
Reading time5 min (855 words)

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने आज चक्रवात की चेतावनी और समुद्री मौसम सेवाओं संबंधी निर्णय लेने में समर्थन करने वाली प्रणाली ('साइक्लोन वार्निंग और मरीन वेदर सर्विसेज़ डिसीज़न सपोर्ट सिस्टम') देश को समर्पित की। यह इंटरैक्टिव WebGIS-आधारित प्लेटफ़ॉर्म है। इसे भारत मौसम विज्ञान विभाग के मौसम विज्ञान महानिदेशक और विश्व मौसम विज्ञान संगठन (डब्ल्यूएमओ) के तीसरे उपाध्यक्ष डॉ. मृत्युंजय महापात्रा की अध्यक्षता में, मॉनसून के बाद के मौसम (अक्टूबर-दिसंबर) 2026 के लिए आयोजित छमाही 'प्री-साइक्लोन एक्सरसाइज़ मीटिंग' के दौरान आरंभ किया गया। जनता के लिए यह निर्णय सहायक प्रणाली (डीएसएस) प्लेटफ़ॉर्म मौसम विभाग की वेबसाइट (www.mausam.imd.gov.in) और क्षेत्रीय विशिष्ट मौसम विज्ञान केंद्र (आरएसएमसी) की वेबसाइट (www.rsmcnewdelhi.imd.gov.in) पर उपलब्ध है। इस वेब-आधारित प्लेटफ़ॉर्म का URL नीचे दिया गया है:

https://dss.imd.gov.in/dwr_img/GIS/marine.php

डीएसएस में देखे गए और अनुमानित ट्रैक और तीव्रता के साथ-साथ अनिश्चितता का दायरा और ज़िलेवार वर्षा की चेतावनी दिखाई गई है।

डीएसएस उपयोक्ता अनुकूल, संवादात्मक प्लेटफ़ॉर्म है जो चक्रवात और समुद्री मौसम से जुड़ी ज़रूरी जानकारी को एक ही जगह पर लाता है। इससे आपदा प्रबंधन अधिकारियों, सरकारी एजेंसियों और आम जनता जैसे उपयोक्ताओं के लिए खतरों की आशंका और उनके असर को समझना आसान हो जाता है। इंटरैक्टिव मैप और चक्रवात के ट्रैक, तीव्रता, हवा, बारिश, तूफ़ानी लहरों (स्टॉर्म सर्ज) और नदी के जलग्रहण क्षेत्रों के लिए बारिश के अनुमान के दृश्यीकरण (विज़ुअलाइज़ेशन) के ज़रिए, यह प्लेटफ़ॉर्म उपयोक्ताओं को ज़रूरी जानकारी पाने और सही फ़ैसले लेने में सहायता करता है। इसका उद्देश्य मौसम के पूर्वानुमान और उनके व्यावहारिक इस्तेमाल के बीच की दूरी को कम करना है, ताकि चक्रवात और मौसम की अन्य गंभीर घटनाओं के दौरान बेहतर तैयारी, समय पर कार्रवाई और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

डीएसएस हवा के फैलाव और ज़िलेवार बारिश की चेतावनी के साथ-साथ चक्रवात के देखे गए और अनुमानित रास्ते और तीव्रता को दिखा रहा है।

डीएसएस हवा के फैलाव और तूफ़ानी लहरों (स्टॉर्म सर्ज) की चेतावनी के साथ-साथ चक्रवात के देखे गए और अनुमानित रास्ते और तीव्रता को दिखा रहा है।

यह अवसर इसलिए भी विशेष है क्योंकि आईएमडी ने 'बहुत गंभीर चक्रवाती तूफ़ान फैलिन' (2013) और 'बहुत गंभीर चक्रवाती तूफ़ान हुदहुद' (2014) (संयोग से दोनों क्रमशः 12 अक्टूबर, 2013 और 2014 को तट से टकराए थे) की सफल भविष्यवाणी की थी। इन घटनाओं ने भारत की आपदा तैयारी में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की और देश की पूर्व-चेतावनी क्षमताओं के लिए अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई।

आईएमडी 2008 से वर्ष में दो बार यह बैठक आयोजित कर रहा है। यह बैठक आने वाले चक्रवात सीज़न की तैयारी की समीक्षा करने, पिछले कार्रवाई बिंदुओं पर हुई प्रगति का आकलन करने, आईएमडी की नवीनतम योजनाओं को साझा करने और ऑपरेशनल चुनौतियों का समाधान करने के लिए महत्वपूर्ण मंच का काम करती है। यह आईएमडी, आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों, रक्षा बलों, राज्य सरकारों और अन्य उपयोक्ता एजेंसियों के बीच करीबी तालमेल और समन्वय को भी बढ़ावा देती है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि ज़मीनी स्तर पर समय से कार्रवाई के लिए पूर्वानुमानों और चेतावनियों का प्रभावी ढंग से उपयोग किया जाए।

इस बैठक में देश भर के 30 से अधिक संगठनों ने भाग लिया, जिसमें लगभग 230 प्रतिभागी शामिल थे – 180 ऑनलाइन और 50 व्यक्तिगत रूप से शामिल हुए। प्रतिभागी संगठनों में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), गृह मंत्रालय, भारतीय नौसेना, भारतीय वायु सेना, भारतीय तटरक्षक बल , केंद्रीय जल आयोग, पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी), राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और मत्स्य विभाग शामिल थे। वैज्ञानिक और तकनीकी संगठनों में भारत मौसम विज्ञान विभाग, मध्यम अवधि मौसम पूर्वानुमान राष्ट्रीय केंद्र और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान शामिल थे। तटीय राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों – पश्चिम बंगाल, ओडिशा, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरलम, कर्नाटक, गोवा, महाराष्ट्र, गुजरात, लक्षद्वीप, दमन और दीव, दादरा और नगर हवेली और पुदुचेरी – के प्रतिनिधियों ने भी इसमें भाग लिया। इस बैठक में कई मंत्रालयों और विभागों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिनमें पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय, भारी उद्योग मंत्रालय, उपभोक्ता कार्य विभाग, लाइट हाउस और लाइट शिप महानिदेशालय (डीजीएलएल) और अन्य संबंधित क्षेत्रों के हितधारक शामिल थे। इस भागीदारी ने विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल को मज़बूत करने, कामकाज से जुड़ी ज़रूरतों को साझा करने और आने वाले चक्रवात के मौसम के लिए तैयारी को बेहतर बनाने के लिए महत्वपूर्ण मंच प्रदान किया।

बैठक की शुरुआत आईएमडी की गतिविधियों और चक्रवात की चेतावनी व समुद्री मौसम सेवाओं के क्षेत्र में हाल की प्रगति पर प्रस्तुति के साथ हुई। इसके बाद अप्रैल में हुई 'चक्रवात पूर्व अभ्यास बैठक' की सिफारिशों पर हुई कार्रवाई की रिपोर्ट की समीक्षा की गई। हाल ही में शुरू किए गए, यूज़र-फ्रेंडली 'डिसीजन सपोर्ट सिस्टम' (डीएसएस) का लाइव डेमो दिखाया गया, जिसमें चक्रवात और उससे जुड़े खतरों के बारे में विशेष जगह की जानकारी देने की इसकी इंटरैक्टिव खूबियों और क्षमताओं को प्रदर्शित किया गया। डेमो के बाद, इसमें शामिल हितधारकों ने प्लेटफॉर्म को और बेहतर बनाने और इसके कामकाज की उपयोगिता बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण टिप्पणियां, सुझाव और फीडबैक दिए।

बैठक में आईएमडी ने शुरुआती चेतावनी सेवाओं को मजबूत करने, विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल बढ़ाने और चक्रवात के दौरान जान-माल के नुकसान को कम करने के लिए सटीक पूर्वानुमानों को समय पर कार्रवाई में बदलने की प्रतिबद्धता दोहराई।

बैठक में कुल 230 आपदा प्रबंधकों और हितधारकों ने हिस्सा लिया।

पीके/केसी/आरटी/पीके

इसी विषय से और: पृथ्‍वी विज्ञान मंत्रालय

View all इसी विषय से और: पृथ्‍वी विज्ञान मंत्रालय
  1. पृथ्‍वी विज्ञान मंत्रालय

    आईआईटीएम ने जलवायु विज्ञान को भारत के लिए सेवाओं में परिणत करने वाले मंच (सीएसआईएफ) की पहली हितधारक परामर्श बैठक का आयोजन किया

    जलवायु विज्ञान को भारत के लिए सेवाओं में परिणत करने वाले मंच (सीएसएसआईएफ) की पहली हितधारक परामर्श बैठक आईआईटीएम, पुणे में 17 अक्टूबर 2026 को हुई। बैठक का मुख्य उद्देश्य जलवायु विज्ञान…

    पूरा पढ़ें →
  2. पृथ्‍वी विज्ञान मंत्रालय

    आईआईटीएम पुणे ने “एपीएआरसी अर्ली करियर वर्कशॉप” और ईएसटीआईसी के कर्टेन रेज़र कार्यक्रम का आयोजन किया

    भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम), पुणे ने आज मेघदूत हॉल में "द ईसीआर नेक्सस: कनेक्टिंग वॉयसेस, टूल्स, एंड साइंस टू सोसाइटी" शीर्षक से अर्ली करियर रिसर्चर (ईसीआर) कार्यशाला का आयोजन किया।…

    पूरा पढ़ें →
  3. पृथ्‍वी विज्ञान मंत्रालय

    आईएमडी ने उपयोगकर्ताओं के लिए चक्रवात एवं समुद्री मौसम चेतावनी सेवाओं पर प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की

    भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने हितधारकों, आपदा प्रबंधकों और मीडिया प्रतिनिधियों के लिए “फैमिलियराइज़ेशन ऑफ़ साइक्लोन वॉर्निंग एंड मरीन वेदर सर्विसिज़” विषय पर एक प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम…

    पूरा पढ़ें →
  4. पृथ्‍वी विज्ञान मंत्रालय

    स्वच्छ सागर सुरक्षित सागर अभियान स्वच्छ तटों और सुरक्षित समुद्रों के लिए सरकार और समाज के समग्र प्रयासों का व्यापक आंदोलन बन गया है : डॉ. जितेंद्र सिंह

    विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी एवं पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और प्रधानमंत्री कार्यालय में कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा एवं अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कल विश्व भर में…

    पूरा पढ़ें →
  5. पृथ्‍वी विज्ञान मंत्रालय

    केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने ओडिशा के संबलपुर में भारत के 51वें डॉप्लर मौसम रडार का उद्घाटन किया और कहा कि ‘मिशन मौसम’ भारत की मौसम संबंधी तैयारियों को मजबूत कर रहा है

    पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज ओडिशा के मुख्यमंत्री श्री मोहन चरण मांझी की उपस्थिति में संबलपुर, ओडिशा में भारत के 51वें अत्याधुनिक डॉप्लर मौसम रडार का…

    पूरा पढ़ें →
  6. पृथ्‍वी विज्ञान मंत्रालय

    स्वच्छ सागर, सुरक्षित सागर 5.0 के तहत दीघा समुद्र तट पर तटीय सफाई अभियान का आयोजन किया गया

    स्वच्छ सागर सुरक्षित सागर 5.0 अभियान के शुभारंभ के उपलक्ष्य में, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय द्वारा पूर्वी मिदनापुर के दीघा में आज एक तटीय सफाई अभियान का आयोजन किया गया। इस अभियान का…

    पूरा पढ़ें →

और करेंट अफेयर्स

View all और करेंट अफेयर्स
  1. आयुष

    AIIA ने दो समझौता ज्ञापनों, प्रमुख अकादमिक प्रकाशनों और डिजिटल पहलों के साथ मनाया अपना 10वाँ स्थापना दिवस

    अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA), नई दिल्ली के कौमारभृत्य विभाग द्वारा आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन KAUMARACON 2026 का शनिवार को आयुर्वेदिक बाल स्वास्थ्य को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित अंतरराष्ट्रीय…

    पूरा पढ़ें →
  2. वित्‍त मंत्रालय

    केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन) ने मिशन युवा रक्षा के अंतर्गत एमपी के युवाओं के लिए मादक पदार्थों के खिलाफ पांच जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया

    केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन) की मध्य प्रदेश इकाई ने मिशन युवा रक्षा के अंतर्गत अक्टूबर 2026 में नीमच, जावरा, जावद, मंदसौर और गरोठ के शिक्षण संस्थानों में पांच नशा-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए।…

    पूरा पढ़ें →
  3. पर्यावरण

    राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (एनबीए) ने पहुंच और लाभ साझाकरण व्यवस्था के अंतर्गत 29 राज्य जैव विविधता परिषदों और एक केंद्र शासित प्रदेश जैव विविधता परिषद को 1.19 करोड़ रुपये वितरित किए

    जैविक संसाधन बाज़ारों या व्यापारियों के माध्यम से खरीदे जाने के कारण व्यक्तिगत लाभार्थियों की पहचान आसानी से नहीं हो पाती थी। इस प्रकार से एनबीए ने विशेषज्ञ समिति द्वारा अनुशंसित और…

    पूरा पढ़ें →
  4. पर्यावरण

    सीएक्यूएम ने फिरोजपुर और फरीदकोट में धान की पराली के प्रबंधन संबंधी उपायों की समीक्षा की; फसल अवशेष प्रबंधन (सीआरएम) मशीनरी की समय पर उपलब्धता और किसानों को सहायता प्रदान करने पर जोर

    पंजाब के मोगा जिले के दौरे के बाद, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के सदस्य (तकनीकी) डॉ. टी.एस. पंवार के नेतृत्व में एक…

    पूरा पढ़ें →
  5. औषधि विभाग

    137 कैंसर रोधी दवाओं पर व्यापार मार्जिन का युक्तिकरण

    रसायन और उर्वरक मंत्रालय के औषधि विभाग के अंतर्गत आने वाले राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) ने अत्यधिक ट्रेड मार्जिन को नियंत्रित करने, कैंसर के इलाज को अधिक किफायती बनाने और…

    पूरा पढ़ें →
  6. सामाजिक न्‍याय एवं अधिकारिता मंत्रालय

    शिल्प समागम मेला 2026-मैसूर, कर्नाटक

    सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के सचिव श्री सुधांश पंत कल कर्नाटक के मैसूर में आयोजित नौ दिवसीय शिल्प समागम मेला 2026 में पहुंचेंगे। इस मेले का आयोजन सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता…

    पूरा पढ़ें →
  7. आयुष

    विश्व रजोनिवृत्ति दिवस 2026: आयुर्वेद रजोनिवृत्ति स्वास्थ्य के लिए समग्र दृष्टिकोण को बढ़ावा देता है

    विश्व रजोनिवृत्ति दिवस 2026 (18 अक्टूबर) पर आयुष मंत्रालय रजोनिवृत्ति के दौरान महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता, निवारक देखभाल और व्यापक दृष्टिकोण की अहमियत को रेखांकित कर रहा है। आयुर्वेद विज्ञान…

    पूरा पढ़ें →
  8. रक्षा मंत्रालय

    पहला प्रशिक्षण स्क्वाड्रन सेशेल्स से रवाना, समुद्री सहयोग को और प्रगाढ़ किया

    भारतीय नौसेना के पहले प्रशिक्षण स्क्वाड्रन (1टीएस) के जहाज आईएनएस तीर, आईएनएस सुजाता और भारतीय तटरक्षक जहाज सारथी 15 अक्टूबर, 2026 को सेशेल्स के पोर्ट विक्टोरिया से रवाना हो गए। ये जहाज…

    पूरा पढ़ें →
  9. सामाजिक न्‍याय एवं अधिकारिता मंत्रालय

    समानता और गरिमापूर्ण जीवन की ओर महाराष्ट्र के अनिकेत अधिक सपकाल और मीनाक्षी हनुमंत पटोले की जीवन-यात्रा

    श्री अनिकेत अधिक सपकाल और श्रीमती मीनाक्षी हनुमंत पाटोले के लिए अंतरजातीय विवाह समानता, बंधुत्व और सामाजिक सद्भाव जैसे मूल्यों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रतीक बना। यह जाति आधारित भेदभाव से…

    पूरा पढ़ें →
  10. स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्रालय

    एफएसएसएआई ने चाय के लिए कीटनाशक अवशेषों की वैज्ञानिक आधार पर निर्धारित सीमाएँ प्रस्तावित कीं, उपभोक्ता सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की

    भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने विज्ञान आधारित खाद्य सुरक्षा विनियमन और उपभोक्ता संरक्षण को बढ़ावा देने के अपने सतत प्रयासों के तहत, चाय में दो कीटनाशकों, एसिटामिप्रिड और इमिडाक्लोप्रिड…

    पूरा पढ़ें →

इस करंट अफेयर्स अपडेट को कैसे पढ़ें

यह पेज “भारत मौसम विज्ञान विभाग ने चक्रवात की चेतावनी और समुद्री मौसम सेवाओं संबंधी निर्णय लेने में समर्थन करने वाली प्रणाली देश को समर्पित की” विषय पर जानकारी देता है। विषय समझने के लिए पूरा लेख पढ़ें और किसी भी तारीख, आंकड़े या आधिकारिक घोषणा के लिए संबंधित मूल दस्तावेज़ से पुष्टि करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस अपडेट का मुख्य विषय क्या है?

इस पेज का विषय है: भारत मौसम विज्ञान विभाग ने चक्रवात की चेतावनी और समुद्री मौसम सेवाओं संबंधी निर्णय लेने में समर्थन करने वाली प्रणाली देश को समर्पित की। विषय की पूरी जानकारी ऊपर दिए गए लेख में पढ़ें।

यह पेज कब प्रकाशित हुआ था?

यह पेज 17 October 2026 को प्रकाशित हुआ था। यह पेज की प्रकाशन तारीख है; लेख में बताई गई घटना की तारीख अलग हो सकती है।

इस विषय की जानकारी का उपयोग कैसे करें?

पूरे लेख का संदर्भ पढ़ें, जरूरी तथ्यों की आधिकारिक दस्तावेज़ों से पुष्टि करें और संबंधित अपडेट के लिए करंट अफेयर्स अनुभाग देखें।

↑