पृथ्‍वी विज्ञान मंत्रालय Read in English

भारत का स्वदेशी क्षमताओं और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता हासिल करने का लक्ष्य: आईपीआरडी 2026 में डॉ. जितेंद्र सिंह

Key details of this update
DetailInformation
Date04 November 2026 (Wednesday)
Time5:31 PM
Topic / Ministryपृथ्‍वी विज्ञान मंत्रालय
Languageहिन्दी · Read in English
Reading time7 min (1,307 words)

भारत का स्वदेशी क्षमताओं, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और वैश्विक सह-सृजन के माध्यम से महासागर अनुसंधान और अन्वेषण के क्षेत्र में वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता हासिल करने का लक्ष्य है। यह बात केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन, परमाणु ऊर्जा तथा अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने रक्षा मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय समुद्री फाउंडेशन द्वारा आयोजित हिंद-प्रशांत क्षेत्रीय संवाद (आईपीआरडी) 2026 को संबोधित करते हुए कही।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि हाल के वर्षों में वैज्ञानिक मिशनों के प्रति भारत का दृष्टिकोण मिशन मोड रूपरेखा पर आधारित रहा है, जिसके तहत अनुसंधान को अलग-अलग मंत्रालयों तक सीमित रखने के बजाय अनेक विभागों और संस्थानों को एक साथ लाया जा रहा है। उन्होंने भारत की समुद्री और गहरे समुद्र संबंधी क्षमताओं को आगे बढ़ाने में महासागर विज्ञान, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, परमाणु विज्ञान, भू-विज्ञान, इलेक्ट्रॉनिक्स और रोबोटिक्स के बीच बढ़ते समन्वय को रेखांकित किया।

गहरे समुद्र के अन्वेषण में भारत की स्वदेशी क्षमताओं को रेखांकित करते हुए, मंत्री महोदय ने कहा कि चेन्नई स्थित राष्ट्रीय महासागर प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईओटी) ने मध्य हिंद महासागर बेसिन में 5,000 से 6,000 मीटर की गहराई पर परीक्षण करने की क्षमता विकसित कर ली है। उन्होंने ओशन मिनरल एक्सप्लोरर का भी उल्लेख किया, जो जलतापीय सल्फाइड निक्षेपों का उच्च-रिज़ॉल्यूशन अन्वेषण करने में सक्षम है। इनमें से कई निक्षेपों की पहचान पहले ही की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी द्वारा अपने स्वतंत्रता दिवस संबोधनों में दो बार डीप ओशन मिशन का उल्लेख किया जाना, उच्चतम स्तर पर महासागरीय संसाधनों को दी गई प्राथमिकता और भारत के भविष्य के लिए उनके रणनीतिक महत्त्व को दर्शाता है।

समुद्रयान मिशन का उल्लेख करते हुए, डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि मत्स्य सबमर्सिबल को तीन समुद्र-अन्वेषकों को 5,000–6,000 मीटर की गहराई तक ले जाने के लिए तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि भारत वर्ष 2028 तक 6,000 मीटर तक की गहराई में अपना पहला मानवयुक्त डीप सी मिशन भेजने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। यह देश के स्वदेशी डीप-ओशन अन्वेषण कार्यक्रम में एक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि होगी।

भारत के मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम के साथ समानता दर्शाते हुए, मंत्री महोदय ने कहा कि देश गहरे समुद्र और अंतरिक्ष अन्वेषण के उल्लेखनीय समेकन की दिशा में काम कर रहा है। उन्होंने यह परिकल्पना व्यक्त की, कि एक भारतीय लगभग 6,000 मीटर की गहराई तक गहरे समुद्र के सफर पर निकले और लगभग उसी समय कोई अन्य भारतीय अंतरिक्ष की यात्रा पर। यह देश की बढ़ती वैज्ञानिक और तकनीकी क्षमताओं को दर्शाता है।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत के महासागर अनुसंधान को अंतरिक्ष-आधारित क्षमताओं से लगातार अधिक सहयोग मिल रहा है। उन्होंने समर्पित उपग्रहों का उल्लेख किया, जो महासागरीय रंग, समुद्र की सतह के तापमान और पवन सदिशों के अवलोकन के माध्यम से महासागर संबंधी अनुसंधान में योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये क्षमताएँ महासागर अवलोकन के दायरे का विस्तार कर रही हैं और भविष्य में महासागरों से पवन एवं सौर ऊर्जा सहित नवीकरणीय ऊर्जा संसाधनों के अन्वेषण में भी सहयोग कर सकती हैं।

समग्र सरकारी और समग्र वैज्ञानिक दृष्टिकोण के महत्त्व पर जोर देते हुए, मंत्री महोदय ने भारत के महासागर संबंधी मिशनों में विभिन्न वैज्ञानिक संस्थानों और विभागों के योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने समुद्री जल के विलवणीकरण में परमाणु प्रौद्योगिकी की भूमिका का उल्लेख किया, जिसमें भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र के सहयोग से स्थापित कल्पक्कम स्थित विलवणीकरण संयंत्र और पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के माध्यम से विकसित लक्षद्वीप स्थित निम्न-तापमान विलवणीकरण सुविधा शामिल हैं।

मंत्री महोदय ने कहा कि ये पहलें दर्शाती हैं कि तटीय और द्वीपीय क्षेत्रों में पेयजल की उपलब्धता सहित राष्ट्रीय आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए विभिन्न वैज्ञानिक विषय और प्रौद्योगिकियाँ किस प्रकार मिलकर काम कर सकती हैं।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि महासागर अनुसंधान को आगे बढ़ाने में अंतरराष्ट्रीय सहयोग भी समान रूप से महत्त्वपूर्ण होगा, क्योंकि महासागर देशों द्वारा निर्धारित राजनीतिक सीमाओं का पालन नहीं करते। समुद्री प्रदूषण और महासागर के तापमान में बदलाव जैसे मुद्दों के प्रभाव राष्ट्रीय अधिकार-क्षेत्रों से परे तक फैलते हैं, जिससे सामूहिक वैज्ञानिक प्रयास आवश्यक हो जाते हैं।

मंत्री महोदय ने संयुक्त वैज्ञानिक मिशनों, अनुसंधान सुविधाओं तक पारस्परिक पहुंच और डेटा साझाकरण पर आधारित वैश्विक रणनीतियों और साझेदारियों का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत का दृष्टिकोण “एक महासागर, साझा ज्ञान और न्यायसंगत समृद्धि” के सिद्धांत से निर्देशित होना चाहिए। साथ ही, हिंद-प्रशांत क्षेत्र में इतिहास, संस्कृतियों और भौगोलिक स्थितियों की विविधता को सहयोग सुदृढ़ करने के अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए।

मंत्री महोदय ने क्षेत्रीय सहयोग को सुदृढ़ करने के लिए प्रमुख प्राथमिकताओं की रूपरेखा प्रस्तुत की। इनमें अवलोकन संबंधी कमियों को दूर करना और चरम घटनाओं के पूर्वानुमान में सुधार करना; तटीय एवं द्वीपीय क्षेत्रों के लिए क्षेत्रीय जलवायु सेवा साझेदारियाँ स्थापित करना; जिम्मेदार और सुलभ महासागरीय प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा देना; गहरे महासागर संबंधी अनुसंधान को आगे बढ़ाना तथा महासागरीय संसाधनों के संरक्षण और उनके न्यायसंगत उपयोग को सुदृढ़ करना शामिल है।

अनुसंधान एवं नवाचार के वित्तपोषण की भूमिका को रेखांकित करते हुए, डॉ. जितेंद्र सिंह ने अनुसंधान नेशनल रिसर्च फाउंडेशन की स्थापना और अनुसंधान एवं विकास में निजी क्षेत्र की भागीदारी को गति देने के लिए 1 लाख करोड़ रुपये के अनुसंधान, विकास एवं नवाचार (आरडीआई) कोष की घोषणा का उल्लेख किया।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि आरडीआई कोष में 50:50 इक्विटी-आधारित दृष्टिकोण का प्रावधान है, जो निजी क्षेत्र के हितधारकों और निवेशकों को अनुसंधान एवं प्रौद्योगिकी के उभरते क्षेत्रों में सरकार के साथ मिलकर भागीदारी करने के लिए प्रोत्साहित करता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नए क्षेत्रों के विकास और भारत की तकनीकी क्षमताओं को सुदृढ़ करने के लिए सरकारी विभागों, वैज्ञानिक संस्थानों, निजी क्षेत्र के हितधारकों और निवेशकों को मिलकर काम करना चाहिए।

महासागर अन्वेषण को विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय विज़न से जोड़ते हुए, मंत्री महोदय ने कहा कि देश के विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए आर्थिक मूल्य संवर्धन के नए स्रोतों की पहचान करना आवश्यक होगा। उन्होंने कहा कि इस क्षमता का एक बड़ा हिस्सा ऐसे संसाधनों में निहित है, जिन्‍हें अभी तक खोजा नहीं गया है या जिनका अन्वेषण बहुत कम हुआ है। डीप ओशन ऐसे प्रमुख अवसरों में से एक है।

प्रतिभागियों के साथ संवाद के दौरान, डॉ. जितेंद्र सिंह ने परमाणु ऊर्जा चालित पोतों की संभावनाओं और समुद्री परिवहन में स्वच्छ ऊर्जा के भविष्य से जुड़े एक प्रश्न का भी उत्तर दिया। उन्होंने शांति अधिनियम के तहत परमाणु क्षेत्र को हाल ही में निजी भागीदारी के लिए खोले जाने और वर्ष 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता हासिल करने के भारत के लक्ष्य का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि डीप ओशन मिशन के तहत महासागरों से नवीकरणीय ऊर्जा उत्पन्न करने की विभिन्न संभावनाओं का भी पता लगाया जा रहा है, जिनमें सौर पैनलों, महासागरीय पवन और तापमान अथवा ऊर्जा प्रवणताओं के माध्यम से ऊर्जा का उत्पादन शामिल है।

स्वच्छ भारत पहल को महासागरों तक विस्तृत करने के सुझाव पर प्रतिक्रिया देते हुए, मंत्री महोदय ने कहा कि सरकार पहले ही वार्षिक महासागर स्वच्छता अभियान शुरू कर चुकी है। स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में इसकी शुरुआत को याद करते हुए उन्होंने कहा कि तब से यह पहल एक वार्षिक प्रयास के रूप में विकसित हुई है, जिसमें तटीय जिलों के प्रशासन, भारतीय नौसेना, भारतीय तटरक्षक बल, गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) और अन्य हितधारकों की भागीदारी होती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि समुद्री प्रदूषण किसी एक देश तक सीमित नहीं रह सकता और महासागरों को स्वच्छ बनाने की दिशा में किए गए प्रयासों से व्यापक हिंद-प्रशांत क्षेत्र को लाभ होगा।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों और वैज्ञानिक ज्ञान के जिम्मेदाराना साझाकरण के साथ भारत की बढ़ती स्वदेशी क्षमताएँ, वैश्विक महासागर अनुसंधान और अन्वेषण में भारत की भूमिका को सुदृढ़ करने में महत्त्वपूर्ण होंगी। उन्होंने हितधारकों से महासागरीय संसाधनों के शांतिपूर्ण, सतत और न्यायसंगत उपयोग की दिशा में सामूहिक रूप से काम करने का आह्वान किया, जिससे विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय दृष्टिकोण को साकार करने में योगदान मिल सके।

पीके/केसी/आरटी/पीके/डीए

इसी विषय से और: पृथ्‍वी विज्ञान मंत्रालय

View all इसी विषय से और: पृथ्‍वी विज्ञान मंत्रालय
  1. पृथ्‍वी विज्ञान मंत्रालय

    डॉ. जितेंद्र सिंह ने उच्च भूकंपीय क्षेत्र किश्तवाड़ में नई भूकंपीय वेधशाला का उद्घाटन करते हुए आपदा तैयारियों और मौसम निगरानी संबंधी बुनियादी ढांचे के विस्तार पर प्रकाश डाला

    केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और प्रधानमंत्री कार्यालय, परमाणु ऊर्जा विभाग और अंतरिक्ष विभाग राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के माध्यम…

    पूरा पढ़ें →
  2. पृथ्‍वी विज्ञान मंत्रालय

    केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने दिल्ली एनसीआर के लिए दुनिया की अपनी तरह की पहली ‘एयर पॉल्यूशन एनालिसिस’ सुविधा का उद्घाटन किया

    केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी और पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन, परमाणु ऊर्जा विभाग और अंतरिक्ष विभाग में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने…

    पूरा पढ़ें →
  3. पृथ्‍वी विज्ञान मंत्रालय

    पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय और वैज्ञानिक एवं नवोन्मेष अनुसंधान अकादमी ने पृथ्वी प्रणाली विज्ञान में डॉक्टरेट अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए साझेदारी की

    नई दिल्ली के पृथ्वी भवन मुख्यालय में 13 अक्टूबर, 2026 को आयोजित एक समारोह के दौरान पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (एमओईएस) और वैज्ञानिक एवं नवोन्मेष अनुसंधान अकादमी (एसीएसआईआर) ने एक रणनीतिक समझौता ज्ञापन…

    पूरा पढ़ें →
  4. पृथ्‍वी विज्ञान मंत्रालय

    आईआईटीएम ने जलवायु विज्ञान को भारत के लिए सेवाओं में परिणत करने वाले मंच (सीएसआईएफ) की पहली हितधारक परामर्श बैठक का आयोजन किया

    जलवायु विज्ञान को भारत के लिए सेवाओं में परिणत करने वाले मंच (सीएसएसआईएफ) की पहली हितधारक परामर्श बैठक आईआईटीएम, पुणे में 17 अक्टूबर 2026 को हुई। बैठक का मुख्य उद्देश्य जलवायु विज्ञान…

    पूरा पढ़ें →
  5. पृथ्‍वी विज्ञान मंत्रालय

    भारत मौसम विज्ञान विभाग ने चक्रवात की चेतावनी और समुद्री मौसम सेवाओं संबंधी निर्णय लेने में समर्थन करने वाली प्रणाली देश को समर्पित की

    भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने आज चक्रवात की चेतावनी और समुद्री मौसम सेवाओं संबंधी निर्णय लेने में समर्थन करने वाली प्रणाली ('साइक्लोन वार्निंग और मरीन वेदर सर्विसेज़ डिसीज़न सपोर्ट सिस्टम') देश…

    पूरा पढ़ें →
  6. पृथ्‍वी विज्ञान मंत्रालय

    आईआईटीएम पुणे ने “एपीएआरसी अर्ली करियर वर्कशॉप” और ईएसटीआईसी के कर्टेन रेज़र कार्यक्रम का आयोजन किया

    भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम), पुणे ने आज मेघदूत हॉल में "द ईसीआर नेक्सस: कनेक्टिंग वॉयसेस, टूल्स, एंड साइंस टू सोसाइटी" शीर्षक से अर्ली करियर रिसर्चर (ईसीआर) कार्यशाला का आयोजन किया।…

    पूरा पढ़ें →

और करेंट अफेयर्स

View all और करेंट अफेयर्स
  1. शिक्षा मंत्रालय

    बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी में उच्च स्तरीय बैठक में काशी तमिल संगमम 5.0 की तैयारियों की समीक्षा

    काशी तमिल संगमम 5.0 (केटीएस 5.0) की तैयारियों और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय की समीक्षा के लिए 3 नवंबर, 2026 को बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बी एच यू), वाराणसी में एक उच्च…

    पूरा पढ़ें →
  2. सामाजिक न्‍याय एवं अधिकारिता मंत्रालय

    केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने अंतर-पीढ़ीगत संबंधों को मजबूत करने के लिए ‘वायो सम्मान राष्ट्रीय अभियान’ शुरू किया

    केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने आज शाम राष्ट्रीय राजधानी में अटल वयो अभ्युदय योजना (अव्यय) के तहत एक राष्ट्रीय अंतर-पीढ़ीगत जुड़ाव अभियान, 'वायो सम्मान राष्ट्रीय अभियान' का…

    पूरा पढ़ें →
  3. रक्षा मंत्रालय

    सशस्त्र बल चिकित्सा सेवाओं ने रायरंगपुर मेगा मल्टी-स्पेशियलिटी चिकित्सा शिविर में 4,000 से अधिक मरीजों का इलाज किया और और दृष्टि लौटाने वाली 365 सर्जरी कीं

    सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा (एएफएमएस) ने 2 से 4 नवंबर, 2026 के बीच ओडिशा के मयूरभंज जिले के रायरंगपुर में एक विशाल मल्टी-स्पेशियलिटी चिकित्सा शिविर 'ऑपरेशन दृष्टि' के 12वें संस्करण का सफलतापूर्वक…

    पूरा पढ़ें →
  4. भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग

    भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने सैफायर यूएस होल्डको (यूएसए), एलएलसी द्वारा जेंटारी रिन्यूएबल्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की कुछ प्रतिभूतियों की सदस्यता लेने को मंजूरी दी

    भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने सैफायर यूएस होल्डको (यूएसए), एलएलसी द्वारा जेंटारी रिन्यूएबल्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की कुछ प्रतिभूतियों की सदस्यता लेने को मंजूरी दे दी है। प्रस्तावित संयोजन के अंतर्गत सैफायर…

    पूरा पढ़ें →
  5. भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग

    भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने कोटक महिंद्रा बैंक द्वारा डॉयचे बैंक एजी के कुछ कारोबार के अधिग्रहण और अन्य संबंधित लेन-देन को मंजूरी दी

    भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने कोटक महिंद्रा बैंक लिमिटेड द्वारा डॉयचे बैंक एजी के कुछ कारोबार के अधिग्रहण और अन्य संबंधित लेन-देन को मंजूरी दे दी है। प्रस्तावित संयोजन के तहत, कोटक…

    पूरा पढ़ें →
  6. उपभोक्‍ता कार्य

    खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग के विशेष अभियान 6 का समापन

    खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग (डीएफपीडी) ने अपने सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) और अधीनस्थ/संबद्ध कार्यालयों के साथ मिलकर 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर, 2026 तक विशेष अभियान 6 के कार्यान्वयन की…

    पूरा पढ़ें →
  7. सामाजिक न्‍याय एवं अधिकारिता मंत्रालय

    दिल्ली हाट में शिल्प समागम मेला 2026 ने जीवंत सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और पारंपरिक हस्तशिल्प के माध्यम से आगंतुकों को किया मंत्रमुग्ध

    नई दिल्ली के आईएनए स्थित दिल्ली हाट में आयोजित शिल्प समागम मेला 2026 में भारत की कलात्मक परंपराओं, स्वदेशी शिल्पकला और जीवंत सांस्कृतिक विविधता की शानदार झलक देखने को मिल रही है,…

    पूरा पढ़ें →
  8. प्रधानमंत्री कार्यालय

    केरलम के राज्यपाल प्रधानमंत्री से मिले

    केरलम के राज्यपाल श्री ओम प्रकाश माथुर ने आज नई दिल्ली में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की। प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक्स पर लिखा; "केरलम के राज्यपाल श्री @OmMathur_Raj ने प्रधानमंत्री…

    पूरा पढ़ें →
  9. रक्षा मंत्रालय

    रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने ‘हिंद-प्रशांत क्षेत्रीय संवाद-2026’ में कहा- सुरक्षा के तनावपूर्ण वातावरण के बीच, समुद्री क्षेत्र में आपसी निर्भरता मजबूत करने के लिए आपूर्ति शृंखला में विविधता लाना और क्षेत्रीय सहयोग बढ़ाना महत्वपूर्ण है

    रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने वैश्विक समुद्री सुरक्षा वातावरण में बढ़ते तनाव के बीच, क्षेत्रीय साझेदारों के बीच आपसी निर्भरता और अधिक सुरक्षित तथा मजबूत बनाने का आह्वान किया है। इसके…

    पूरा पढ़ें →
  10. वाणिज्‍य एवं उद्योग मंत्रालय

    केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने जयपुर में वाणिज्य भवन और उद्योग भवन का उद्घाटन किया

    केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने आज वर्चुअल माध्यम से जयपुर में वाणिज्य भवन और उद्योग भवन का उद्घाटन किया। इसके साथ ही वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय तथा इसके…

    पूरा पढ़ें →
↑