वाणिज्‍य एवं उद्योग मंत्रालय Read in English

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने जयपुर में वाणिज्य भवन और उद्योग भवन का उद्घाटन किया

Key details of this update
DetailInformation
Date04 November 2026 (Wednesday)
Time5:47 PM
Topic / Ministryवाणिज्‍य एवं उद्योग मंत्रालय
Languageहिन्दी · Read in English
Reading time8 min (1,534 words)

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने आज वर्चुअल माध्यम से जयपुर में वाणिज्य भवन और उद्योग भवन का उद्घाटन किया। इसके साथ ही वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय तथा इसके संबद्ध एवं अधीनस्थ संगठनों के कार्यालयों को एक ही स्थान पर स्थापित करने की प्रक्रिया का शुभारंभ हुआ। जयपुर ऐसा करने वाला देश का पहला शहर और पहला राज्य राजधानी बन गया है, जहाँ इन सभी कार्यालयों को एक ही छत के नीचे लाया गया है।

इस पहल के लिए वाणिज्य विभाग और उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) को बधाई देते हुए श्री गोयल ने कहा कि यह परियोजना देशभर में, विशेष रूप से प्रत्येक राज्य की राजधानी में, इस अवधारणा को लागू करने की दिशा में तेजी से कार्य करने की शुरुआत होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ये केंद्र उद्योग और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को सहयोग प्रदान करने वाले प्रमुख केंद्रों के रूप में कार्य करेंगे। साथ ही, निर्यात, निवेश और आंतरिक व्यापार को बढ़ावा देने से संबंधित गतिविधियों के लिए वन-स्टॉप सेंटर के रूप में काम करेंगे। ये केंद्र विकसित भारत @2047 के लक्ष्य की दिशा में व्यवसायों और उद्योगों की प्रगति में भी सहयोग प्रदान करेंगे।

इस पहल को संपूर्ण व्यवस्था की सामूहिक प्रतिबद्धता बनाने पर जोर देते हुए श्री गोयल ने सरकारी कार्यालयों, विभिन्न हितधारकों, राज्य सरकार के प्रतिनिधियों, निर्यातकों, आयातकों, निवेशकों और व्यवसायियों से सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस पहल का उद्देश्य केवल प्रशासनिक कार्यालयों को एक स्थान पर एकत्रित करने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इसके माध्यम से सेवा वितरण प्रणाली में बदलाव लाना, प्रक्रियाओं को सरल बनाना तथा कारोबार करने और देश के कानूनों का अनुपालन करने को अधिक सुगम बनाना भी होना चाहिए।

श्री पीयूष गोयल ने निर्देश दिया कि लाइसेंस एवं परमिट के लिए आवेदन, SCOMET अनुमोदन तथा अन्य सभी सेवाओं सहित समस्त प्रक्रियाओं को पूरी तरह ऑनलाइन किया जाना चाहिए। उन्होंने देशभर में विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) के क्षेत्रीय कार्यालयों में पुराने डेटा और अभिलेखों के डिजिटलीकरण सहित आवश्यक डिजिटल प्रक्रियाओं को पूरा करने के लिए 31 मार्च 2027 की समय-सीमा निर्धारित की। उन्होंने कहा कि 1 अप्रैल 2027 से इन सेवाओं के लिए किसी भी व्यक्ति को किसी भी कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से जाने की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि जहाँ भी मूल दस्तावेजों का फिजिकल वेरिफिकेशन आवश्यक हो, वहाँ दस्तावेजों के सत्यापन और उन्हें अपलोड करने की सुविधा के लिए एक छोटा काउंटर बनाया जा सकता है। आवश्यकता पड़ने पर दस्तावेजों के सत्यापन और अपलोड की प्रक्रिया को एक साथ पूरा करने के लिए कार्यालयों के प्रवेश द्वार पर कंप्यूटर भी स्थापित किए जा सकते हैं। श्री गोयल ने सेल्फ-सर्टिफिकेशन को प्रोत्साहित करने और हितधारकों पर अधिक विश्वास जताने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सरकार को नागरिकों और व्यवसायों के प्रति अपना विश्वास प्रदर्शित करना चाहिए।

श्री गोयल ने प्रक्रियाओं, प्रारूपों और फॉर्म को सरल बनाने का भी आह्वान किया। उन्होंने विभागों से संगठनात्मक सीमाओं और आपसी बाधाओं को दूर कर आपसी समन्वय एवं सामूहिक प्रयासों के साथ कार्य करने का आग्रह किया, ताकि व्यवसायों और नागरिकों को बेहतर सेवाएँ एवं परिणाम प्रदान किए जा सकें। उन्होंने कहा कि इस पहल के उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए दोनों विभागों तथा मंत्रालय के अधीन विभिन्न संगठनों के बीच बेहतर समन्वय अत्यंत आवश्यक होगा।

श्री गोयल ने जानकारी दी कि वर्तमान में मंत्रालय के लगभग 500 कार्यालय और 46 संगठन हैं। मुंबई स्थित ईसीजीसी के बड़े कार्यालय जैसे कुछ अत्यंत विशाल परिसर, जो स्वतंत्र रूप से कार्य करते रहेंगे, को छोड़कर अन्य सभी कार्यालयों को एक ही स्थान पर स्थापित करने की व्यवस्था के अंतर्गत लाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि एक ही स्थान पर स्थापित किए जाने वाले ये केंद्र केवल वहाँ फिजिकल रूप से स्थित संगठनों की सेवाएँ ही प्रदान नहीं करेंगे, बल्कि मंत्रालय के सभी 46 संगठनों और विभिन्न विभागों से संबंधित सेवाओं को भी सुगम बनाएंगे।

उन्होंने कहा कि यदि किसी विशेष संगठन के अधिकारी किसी एकीकृत कार्यालय में फिजिकल रूप से मौजूद नहीं भी हों, तब भी लोगों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उनसे संवाद करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इसी क्रम में, श्री गोयल ने निर्देश दिया कि प्रत्येक एकीकृत कार्यालय में पर्याप्त वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही, कार्यालय के आकार और आवश्यकताओं के अनुसार इन सुविधाओं को बढ़ाकर दो या तीन काउंटर तक करने की व्यवस्था भी की जाए।

श्री गोयल ने जोर देकर कहा कि इन केंद्रों को धीरे-धीरे सुविधा एवं संवर्धन कार्यालयों (फैसिलिटेशन एंड प्रमोशन ऑफिसेज) के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। इनकी भूमिका निवेश और विदेशी व्यापार को बढ़ावा देने, मार्गदर्शन चाहने वाले लोगों की सहायता करने, भारत में निवेश आकर्षित करने, देश में पूंजीगत व्यय को प्रोत्साहित करने तथा निर्यात संवर्धन पर केंद्रित होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन केंद्रों का उद्देश्य केवल लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया को सुगम बनाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए।

श्री गोयल ने कहा कि कार्यालयों को एक ही स्थान पर स्थापित करने, डिजिटलीकरण और फेसलेस मूल्यांकन की व्यवस्था लागू करने से पारदर्शिता, जवाबदेही और जनता का विश्वास बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि प्रत्येक राज्य में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की एकीकृत उपस्थिति से व्यवसायों और हितधारकों को यह भरोसा मिलेगा कि उन्हें एक ही स्थान पर सभी आवश्यक सहायता और मार्गदर्शन उपलब्ध हो सकेगा।

अंतरराष्ट्रीय व्यापार और वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियों में व्याप्त अनिश्चितता एवं उतार-चढ़ाव के बीच कुशल सेवा वितरण के महत्व पर जोर देते हुए श्री गोयल ने कहा कि समय अत्यंत महत्वपूर्ण है और सफलता के लिए प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता निर्णायक है। उन्होंने अधिकारियों से आह्वान किया कि प्रत्येक कार्यालय की कार्यप्रणाली सुविधाजनक, सहयोगात्मक, मैत्रीपूर्ण और सहायक होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी कार्यालयों को एक ही छत के नीचे लाने से उनकी कार्यप्रणाली में निगरानी, नियंत्रण एवं संतुलन (चेक्स एंड बैलेंस) की व्यवस्था स्थापित करने में भी मदद मिलेगी।

श्री गोयल ने निर्देश दिया कि प्रत्येक कार्यालय में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएँ और उन्हें नई दिल्ली स्थित वाणिज्य भवन के केंद्रीय सर्वर से जोड़ा जाए, ताकि देशभर में किए जा रहे कार्यों की रैंडम निगरानी की जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसका उद्देश्य लगातार निगरानी करना नहीं है, बल्कि कार्यालयों की कार्यप्रणाली का समय-समय पर निरीक्षण करना तथा चोरी और इस तरह की अन्य घटनाओं से सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

उन्होंने आगे निर्देश दिया कि सभी कार्यालयों के पास उनके संचालन के लिए आवश्यक अनुमतियाँ और स्वीकृतियाँ होनी चाहिए, जिनमें अग्निशमन विभाग की मंजूरी तथा शॉप्स एंड एस्टेब्लिशमेंट्स एक्ट के तहत आवश्यक अनुमोदन शामिल हैं। कार्यस्थल पर बेहतर सुविधाओं के महत्व पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि प्रत्येक कार्यालय में पुरुषों और महिलाओं के लिए बेहतर एवं आधुनिक शौचालय सुविधाएँ होने चाहिए। छोटे कार्यालयों में जहाँ उपयुक्त हो, वहाँ मल्टी-जेंडर शौचालयों की सुविधा भी उपलब्ध कराई जानी चाहिए। साथ ही, दिव्यांगजनों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए उनके अनुकूल शौचालयों की व्यवस्था भी अनिवार्य रूप से की जानी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि इन सुविधाओं की गुणवत्ता नई दिल्ली स्थित वाणिज्य भवन के समान या उससे बेहतर होनी चाहिए। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए पर्याप्त संसाधन आवंटित करने के भी निर्देश दिए।

श्री गोयल ने इस बात पर भी जोर दिया कि जहाँ तक संभव हो, फर्नीचर और उपकरण मॉड्यूलर होने चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि फर्नीचर, उपकरण, प्रकाश व्यवस्था और पर्दों सहित सभी प्रकार की खरीद घरेलू या स्वदेशी स्रोतों से की जानी चाहिए। केवल अपरिहार्य परिस्थितियों में ही इसके अपवाद की अनुमति होनी चाहिए।

श्री गोयल ने अधिकारियों से प्रक्रियाओं में लगने वाले समय को और कम करने तथा जहाँ भी संभव हो, निर्धारित समय-सीमा में निर्णय न होने पर स्वतः स्वीकृति (डीम्ड अप्रूवल) की व्यवस्था लागू करने की संभावनाओं पर विचार करने का आग्रह किया। उन्होंने सचिवों, अपर सचिवों और संयुक्त सचिवों से विभिन्न क्षेत्रों के हितधारकों के साथ नियमित रूप से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग या हाइब्रिड बैठकों के माध्यम से संवाद करने का आह्वान किया। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि कागजी कार्रवाई को कम करने तथा मंत्रालय के कार्यालयों से सेवाएँ और अपेक्षित परिणाम प्राप्त करने की प्रक्रिया को आम लोगों के लिए अधिक सरल एवं सुविधाजनक बनाने के उपाय लगातार तलाशे जाने चाहिए।

श्री गोयल ने कहा कि इस पहल से दोनों विभागों के भीतर तथा विभिन्न आंतरिक और बाहरी हितधारकों के बीच टीम भावना और सामूहिक कार्य संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा। इससे मंत्रालय की विभिन्न शाखाओं के बीच समन्वय बेहतर होगा और समग्र कार्यक्षमता में वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि यह पहल मंत्रालय को अधिक समकालीन एवं आधुनिक स्वरूप प्रदान करने के साथ-साथ विकसित भारत @2047 के लक्ष्य की दिशा में उसकी भूमिका के लिए तैयार करने में भी सहायक होगी।

कई नए व्यापार समझौतों और नए बाजारों तक भारत की पहुँच बढ़ने के संदर्भ में मंत्रालय की बढ़ती जिम्मेदारियों को रेखांकित करते हुए श्री गोयल ने कहा कि भारत वैश्विक मंच पर एक साहसी, आत्मविश्वासी और न रुकने वाली अर्थव्यवस्था के रूप में उभरा है। उन्होंने वर्ष 2047 तक भारत को 30 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए देश को तैयार करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

श्री गोयल ने दोहराया कि मंत्रालय की सर्वोच्च प्राथमिकता देश के नागरिकों और व्यवसायों की सेवा करना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने भी इस बात पर जोर दिया है कि नागरिक ईश्वर के समान हैं और सरकार का दायित्व है कि वह इसी भावना के साथ उनकी सेवा करे।

पीके/केसी/आरटी/डीवी/डीए

इसी विषय से और: वाणिज्‍य एवं उद्योग मंत्रालय

View all इसी विषय से और: वाणिज्‍य एवं उद्योग मंत्रालय
  1. वाणिज्‍य एवं उद्योग मंत्रालय

    वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री श्री जितिन प्रसाद ने पोलैंड का दौरा किया; द्विपक्षीय व्यापार, निवेश और प्रौद्योगिकी सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा की

    वाणिज्य एवं उद्योग तथा इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री श्री जितिन प्रसाद ने 12 भारतीय कंपनियों के प्रतिनिधियों वाले एक कारोबारी प्रतिनिधिमंडल के साथ 2-3 नवंबर, 2026 को पोलैंड का दौरा…

    पूरा पढ़ें →
  2. वाणिज्‍य एवं उद्योग मंत्रालय

    एपीडा ने कुल्लू से दुबई तक 1.3 मीट्रिक टन सिंदूरी अनार के निर्यात में मदद की

    केंद्र सरकार के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण-एपीडा ने हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले से संयुक्त अरब अमीरात के दुबई तक 1.3 मीट्रिक…

    पूरा पढ़ें →
  3. वाणिज्‍य एवं उद्योग मंत्रालय

    एपीईडीए ने अरुणाचल प्रदेश की 1.5 मीट्रिक टन कीवी का दुबई के लिए प्रायोगिक निर्यात कराया

    भारत सरकार के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले 'कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण' (एपीईडीए) ने अरुणाचल प्रदेश के ज़िरो से संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के दुबई…

    पूरा पढ़ें →
  4. वाणिज्‍य एवं उद्योग मंत्रालय

    वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने युवाओं से 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की यात्रा का नेतृत्व करने का आह्वान किया

    केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने आज नई दिल्ली के किरोड़ीमल कॉलेज में आयोजित ‘युवा नेतृत्‍व संवाद मंच’ (यंग लीडर्स डिस्कोर्स फोरम) में मुख्य भाषण देते हुए युवाओं से…

    पूरा पढ़ें →
  5. वाणिज्‍य एवं उद्योग मंत्रालय

    वाणिज्य और उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने भारत के बायोफार्मा स्टार्टअप परितंत्र को मजबूत करने और बायोइकोनॉमी के विकास में तेजी लाने पर एक गोलमेज बैठक की अध्यक्षता की

    केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने नई दिल्ली स्थित वाणिज्य भवन में "भारत में बायोइकोनॉमी अवसर: नवाचार और विकास को बढ़ावा देने में स्टार्टअप्स की भूमिका" विषय पर एक…

    पूरा पढ़ें →
  6. वाणिज्‍य एवं उद्योग मंत्रालय

    डीपीआईआईटी ने कार्यालयों में स्वच्छता को संस्थागत रूप देने और लंबित मामलों को कम करने के लिए विशेष अभियान 6 का क्रियान्वयन किया

    उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) अपने संबद्ध कार्यालयों के साथ प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) के मार्गदर्शन में विशेष अभियान 6 का क्रियान्वयन कर रहा है। इस अभियान…

    पूरा पढ़ें →

और करेंट अफेयर्स

View all और करेंट अफेयर्स
  1. सामाजिक न्‍याय एवं अधिकारिता मंत्रालय

    केंद्रीय मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने अंतर-पीढ़ीगत संबंधों को मजबूत करने के लिए ‘वायो सम्मान राष्ट्रीय अभियान’ शुरू किया

    केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने आज शाम राष्ट्रीय राजधानी में अटल वयो अभ्युदय योजना (अव्यय) के तहत एक राष्ट्रीय अंतर-पीढ़ीगत जुड़ाव अभियान, 'वायो सम्मान राष्ट्रीय अभियान' का…

    पूरा पढ़ें →
  2. भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग

    भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने सैफायर यूएस होल्डको (यूएसए), एलएलसी द्वारा जेंटारी रिन्यूएबल्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की कुछ प्रतिभूतियों की सदस्यता लेने को मंजूरी दी

    भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने सैफायर यूएस होल्डको (यूएसए), एलएलसी द्वारा जेंटारी रिन्यूएबल्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की कुछ प्रतिभूतियों की सदस्यता लेने को मंजूरी दे दी है। प्रस्तावित संयोजन के अंतर्गत सैफायर…

    पूरा पढ़ें →
  3. भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग

    भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने कोटक महिंद्रा बैंक द्वारा डॉयचे बैंक एजी के कुछ कारोबार के अधिग्रहण और अन्य संबंधित लेन-देन को मंजूरी दी

    भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने कोटक महिंद्रा बैंक लिमिटेड द्वारा डॉयचे बैंक एजी के कुछ कारोबार के अधिग्रहण और अन्य संबंधित लेन-देन को मंजूरी दे दी है। प्रस्तावित संयोजन के तहत, कोटक…

    पूरा पढ़ें →
  4. उपभोक्‍ता कार्य

    खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग के विशेष अभियान 6 का समापन

    खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग (डीएफपीडी) ने अपने सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) और अधीनस्थ/संबद्ध कार्यालयों के साथ मिलकर 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर, 2026 तक विशेष अभियान 6 के कार्यान्वयन की…

    पूरा पढ़ें →
  5. प्रधानमंत्री कार्यालय

    केरलम के राज्यपाल प्रधानमंत्री से मिले

    केरलम के राज्यपाल श्री ओम प्रकाश माथुर ने आज नई दिल्ली में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की। प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक्स पर लिखा; "केरलम के राज्यपाल श्री @OmMathur_Raj ने प्रधानमंत्री…

    पूरा पढ़ें →
  6. रक्षा मंत्रालय

    रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने ‘हिंद-प्रशांत क्षेत्रीय संवाद-2026’ में कहा- सुरक्षा के तनावपूर्ण वातावरण के बीच, समुद्री क्षेत्र में आपसी निर्भरता मजबूत करने के लिए आपूर्ति शृंखला में विविधता लाना और क्षेत्रीय सहयोग बढ़ाना महत्वपूर्ण है

    रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने वैश्विक समुद्री सुरक्षा वातावरण में बढ़ते तनाव के बीच, क्षेत्रीय साझेदारों के बीच आपसी निर्भरता और अधिक सुरक्षित तथा मजबूत बनाने का आह्वान किया है। इसके…

    पूरा पढ़ें →
  7. पृथ्‍वी विज्ञान मंत्रालय

    भारत का स्वदेशी क्षमताओं और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता हासिल करने का लक्ष्य: आईपीआरडी 2026 में डॉ. जितेंद्र सिंह

    भारत का स्वदेशी क्षमताओं, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और वैश्विक सह-सृजन के माध्यम से महासागर अनुसंधान और अन्वेषण के क्षेत्र में वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता हासिल करने का लक्ष्य है। यह बात केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी…

    पूरा पढ़ें →
  8. अल्‍पसंख्‍यक कार्य मंत्रालय

    अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने ‘समावेश से विकास’ कार्यक्रम का आयोजन किया। ‘पीएम विकास’ कार्यक्रम के क्रियान्वयन की समीक्षा और इसके हितधारकों की भागीदारी को मजबूत किया

    अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने 4 नवंबर 2026 को नई दिल्ली स्थित डॉ. अंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र के समरसता सभागार में “समावेश से विकास – क्रियान्वयन समीक्षा एवं हितधारक संवाद” कार्यक्रम आयोजित किया। इस…

    पूरा पढ़ें →
  9. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय

    अवरोधों के पार टेराहर्ट्ज तरंगों को गुजारने वाली नई सिलिकॉन चिप, भविष्य के 6जी नेटवर्क के विकास में हो सकती है सहायक

    एक नई सिलिकॉन चिप, जो टेराहर्ट्ज तरंगों को एक विशेष रूप से निर्मित अवरोध के पार बहुत कम नुकसान के साथ गुजरने देती है और 100 गीगाबिट प्रति सेकंड की गति से…

    पूरा पढ़ें →
  10. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय

    अधिमिश्र धातुओं की मशीनिंग प्रक्रिया बेहतर बनाने में विकसित उन्नत सुरक्षात्मक लेप एयरोस्पेस, ऊर्जा एवं पेट्रोकेमिकल क्षेत्रों के लिए लाभकारी

    वैज्ञानिकों द्वारा विकसित उन्नत सतह-अभियांत्रिकी पद्धति से अधिमिश्र धातुओं की मशीनिंग में उपयोग होने वाले कटिंग टूल्स (अतिरिक्त सामग्री को काटने, आकार देने या हटाने में प्रयुक्त होने वाले कठोर धातु उपकरण)…

    पूरा पढ़ें →
↑