30 वर्षीय सुरेश कुमार (बदला हुआ नाम) के लिए, एनएपीडीडीआर योजना के तहत प्रदान की गई सहायता ने नशामुक्ति, आर्थिक स्थिरता और जीवन में नए उद्देश्य की भावना की ओर बढ़ने में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई है।
उनकी यह यात्रा नशे की लत से उबरने और गरिमा एवं आत्मविश्वास के साथ जीवन को पुनः संवारने में समय पर हस्तक्षेप, निरंतर परामर्श, परिवार की भागीदारी तथा सुनियोजित पुनर्वास के महत्व को रेखांकित करती है।
तेलंगाना के करीमनगर जिले के निवासी श्री सुरेश कुमार को लंबे समय तक शराब और तंबाकू के सेवन के कारण व्यक्तिगत, सामाजिक और आर्थिक स्तर पर गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ा। उनकी नशे की लत की शुरुआत किशोरावस्था के अंतिम वर्षों में हुई, जिसका मुख्य कारण मित्रों का दबाव और भावनात्मक तनाव था। समय के साथ उनकी नशे पर निर्भरता बढ़ती गई, जिसका उनके शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य, पारिवारिक संबंधों और पेशेवर जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा।
आत्मविश्वास में कमी, प्रेरणा का अभाव, काम पर अनियमित उपस्थिति और आर्थिक अस्थिरता ने उनकी स्थिति को और भी जटिल बना दिया। परिवार के सदस्यों के साथ उनके संबंधों में तनाव बढ़ने लगा और धीरे-धीरे उन्होंने सामाजिक मेलजोल से भी दूरी बना ली। इन कठिनाइयों के बावजूद, उनके परिवार ने लगातार उनका साथ दिया और उन्हें नशे की लत से उबरने में मदद करने के अपने संकल्प पर अडिग रहे।
12 नवंबर, 2025 को उनके जीवन में एक महत्वपूर्ण बदलाव आया, जब उन्हें सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की नेशनल एक्शन प्लान फॉर ड्रग डिमांड रिडक्शन (एनएपीडीडीआर) योजना के तहत तेलंगाना के करीमनगर में प्रकृति एनवायरनमेंट सोसाइटी द्वारा संचालित नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र (आईआरसीए) में सहायता प्राप्त हुई।
इस हस्तक्षेप के माध्यम से उन्हें व्यापक सहायता प्रदान की गई, जिसमें व्यक्तिगत परामर्श, सामूहिक चिकित्सा, पारिवारिक परामर्श, प्रेरक साक्षात्कार तथा नशे की पुनरावृत्ति की रोकथाम के लिए चिकित्सा शामिल थी। चिकित्सकीय निगरानी और भावनात्मक सहयोग से उन्हें नशे की लत से जुड़ी चुनौतियों से निपटने में मदद मिली। व्यावसायिक मार्गदर्शन और पुनर्वास सेवाओं ने उनका आत्मविश्वास फिर से बहाल करने तथा पारिवारिक एवं सामाजिक जीवन में दोबारा जुड़ने के उनके प्रयासों को और मजबूती प्रदान की।
निरंतर परामर्श, परिवार की भागीदारी और सुनियोजित पुनर्वास के माध्यम से श्री कुमार ने धीरे-धीरे अपने जीवन पर फिर से नियंत्रण हासिल किया। इस हस्तक्षेप से उन्हें तनाव एवं चुनौतियों से निपटने के स्वस्थ तरीके विकसित करने, पारिवारिक संबंधों को मजबूत बनाने और नशामुक्ति की दिशा में निरंतर प्रगति करने में मदद मिली। पेशेवर परामर्श और परिवार की भागीदारी से मिले संयुक्त सहयोग ने उन्हें स्वस्थ जीवनशैली की ओर आगे बढ़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
आज श्री कुमार नशामुक्त जीवन व्यतीत कर रहे हैं और पहले से अधिक स्वस्थ एवं स्थिर जीवनशैली अपना रहे हैं। उन्होंने नियमित रूप से काम पर जाना फिर से शुरू कर दिया है, पारिवारिक एवं सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं तथा अपना खोया हुआ आत्मविश्वास और प्रेरणा भी पुनः प्राप्त कर ली है। रोजगार में स्थिरता आने से उनकी आर्थिक स्थिति भी मजबूत हुई है। अनियमित आय और आर्थिक कठिनाइयों के दौर से निकलकर अब वे प्रति माह लगभग 15,000 रुपये कमा रहे हैं।
पीके/केसी/आरटी/जीके
