औषध विभाग (डीओपी), रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय अपने संबद्ध कार्यालय राष्ट्रीय औषध मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) तथा अपने अधीनस्थ संगठनों के साथ लंबित मामलों के निपटान के लिए विशेष अभियान (एससीडीपीएम) 6.0 में सक्रिय रूप से हिस्सा ले रहा है। इन संगठनों में सात राष्ट्रीय औषधीय शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (एनआईपीईआर), फार्मास्यूटिकल्स एंड मेडिकल डिवाइसेज ब्यूरो ऑफ इंडिया (पीएमबीआई) और तीन सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (पीएसयू) बंगाल केमिकल्स एंड फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड (बीसीपीएल), हिंदुस्तान एंटीबायोटिक्स लिमिटेड (एचएएल) और कर्नाटक एंटीबायोटिक्स एंड फार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड (केएपीएल) शामिल हैं।
02 अक्टूबर से 31 अक्टूबर, 2026 तक चलने वाला यह अभियान स्वच्छता को बढ़ावा देने, ई-कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन एवं निपटान, व्यवस्थित रिकॉर्ड प्रबंधन, शिकायतों का प्रभावी तरीके से निपटने एवं कार्यालय स्थल के बेहतर उपयोग पर केंद्रित है। इसका उद्देश्य प्रशासनिक कार्यक्षमता को बढ़ाना और एक स्वच्छ, व्यवस्थित एवं उत्पादक कार्य-वातावरण को बढ़ावा देना है।
क्षेत्रीय कार्यालयों में जनसंपर्क एवं सतत कार्यस्थल प्रथाएं: इस अभियान का एक प्रमुख स्तंभ स्वच्छता को बढ़ावा देना एवं पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाना है। क्षेत्रीय एवं बाहरी कार्यालयों में अब तक 12,208 के निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले 14,700 स्वच्छता अभियान चलाए जा चुके हैं। यह कार्यस्थलों पर स्वच्छता एवं साफ-सफाई में सुधार लाने, पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाने एवं सतत कार्यस्थल संबंधी प्रथाओं को प्रोत्साहित करने के लिए विभाग के निरंतर प्रयासों को दर्शाता है।
रिकॉर्ड प्रबंधन एवं कार्यालय स्थान का इष्टतम उपयोग
इस अभियान ने व्यवस्थित रिकॉर्ड प्रबंधन को मजबूत किया है और कार्यालय स्थल के कुशल उपयोग को बढ़ावा दिया है। 2,716 भौतिक फाइलों एवं 20 ई-फाइलों के शुरुआती लक्ष्य के मुकाबले विभाग ने 4,283 भौतिक फाइलों और 20 ई-फाइलों की समीक्षा की है, जबकि 489 फाइलों को छंटनी के बाद बंद किया है। इसके अलावा, इन प्रयासों से कार्यालय की 2,200 वर्ग फुट जगह खाली हुई है, जिससे बेहतर जगह प्रबंधन में मदद मिली है और कार्यस्थल ज्यादा व्यवस्थित, कुशल तथा अनावश्यक चीजों से मुक्त बना है।
शिकायत निवारण एवं लंबित मामलों का निपटान
लंबित मामलों का समय पर निपटान करने के माध्यम से प्रशासनिक दक्षता एवं उत्तरदायी शासन को मजबूत किया गया है। इनमें सांसदों के संदर्भ (4 लक्ष्य में से 3), संसदीय आश्वासन (2 में से 1), कैबिनेट प्रस्ताव (2 प्रस्ताव), राज्य के संदर्भ (58 में से 57) और पीएमओ के संदर्भ (2 मामले) शामिल हैं।
केंद्रीकृत सार्वजनिक शिकायत निवारण एवं निगरानी प्रणाली (सीपीग्राम) पर दर्ज 72 सार्वजनिक शिकायतों और 28 अपीलों के लक्ष्य के मुकाबले, 132 सार्वजनिक शिकायतों और 39 अपीलों का निपटारा किया गया है। नियमों/प्रक्रियाओं को आसान बनाने के लिए 20 पहचाने गए मदों में से 17 मदों के लिए यह काम पूरा हो चुका है। ये प्रयास लंबित मामलों के निपटान को तेज करने, सेवा वितरण में सुधार लाने एवं सार्वजनिक प्रशासन में अधिक जवाबदेही एवं दक्षता बढ़ाने के लिए किए गए हैं।
वैज्ञानिक ई-कचरा प्रबंधन एवं जिम्मेदार निपटान
वैज्ञानिक ई-कचरा प्रबंधन, एससीडीपीएम 6.0 के मुख्य फोकस क्षेत्रों में से एक है। विभाग ने 1,011 पुराने इलेक्ट्रॉनिक एवं इलेक्ट्रिकल सामानों को 'ई-कचरा (प्रबंधन) नियम, 2022' के तहत अधिकृत पुनर्चक्रणकर्ताओं के माध्यम से सुरक्षित रूप से नष्ट करने का लक्ष्य निर्धारित किया है जिनमें आईटी उपकरण, उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स, घरेलू उपकरण एवं प्रयोगशाला उपकरण शामिल हैं। इन सामानों को नष्ट करने की प्रक्रिया अभी चल रही है।
इसके अलावा, विभाग ने कार्यालय के कबाड़ के निपटान से 2,30,187 रुपये का राजस्व अर्जित किया है। औषध विभाग एससीडीपीएम 6.0 के उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए प्रतिबद्ध है; यह लक्ष्यों की बारीकी से निगरानी कर रहा है और राष्ट्रीय विशेष अभियान पोर्टल के माध्यम से अपनी उपलब्धियों का दस्तावेजीकरण कर रहा है।
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