मुंबई में इंडिया केम 2026 के 14वें संस्करण की शुरुआत जे. पी. नड्डा ने की। केंद्रीय मंत्री रसायन एवं उर्वरक तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभागों की जिम्मेदारी संभालते हैं।
उद्योग प्रतिनिधियों और नीति निर्माताओं से बातचीत में नड्डा ने रसायन विनिर्माण के लिए सरकारी प्रयासों से बन रहे अनुकूल वातावरण का उल्लेख किया। उन्होंने भाव्या रसायन योजना को क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण अवसर बताया।
उन्होंने कहा कि प्रतिस्पर्धी विनिर्माण केंद्रों के लिए एकीकृत मूल्य श्रृंखलाओं के साथ बंदरगाह, रेल, हवाई अड्डे और सड़क संपर्क मजबूत होना चाहिए। भाव्या रसायन के तहत प्रस्तावित केंद्रों में इन्हीं सुविधाओं पर ध्यान दिया जाएगा।
नड्डा ने 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य से इस उद्योग की प्रगति को जोड़ा। उनके अनुसार घरेलू और बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लिए अवसर मौजूद हैं तथा आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था के लिए विश्वस्तरीय रसायन और पेट्रोकेमिकल उद्योग आवश्यक है।
उन्होंने इंडिया केम 2026 के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का संदेश भी प्रस्तुत किया।
प्रधानमंत्री के संदेश में कारोबार सरल बनाने और मुक्त व्यापार समझौतों का दायरा बढ़ने से निवेश तथा विदेशी बाजारों तक पहुंच के अवसरों की बात कही गई। रसायन निर्माताओं को इन अवसरों से वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में अपनी भूमिका मजबूत करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
मोदी ने उम्मीद जताई कि इंडिया केम 2026 की चर्चाओं से ऐसी साझेदारियां बनेंगी जो उद्योग के दीर्घकालिक विकास में उपयोगी होंगी।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, मध्य प्रदेश के मोहन यादव और ओडिशा के मोहन चरण माझी ने अपने राज्यों में निवेश अवसर बताए। उन्होंने रसायन तथा पेट्रोकेमिकल कारोबार से जुड़े उद्यमों को निवेश के लिए आमंत्रित किया।
फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र में रसायन उद्योग लगभग तीन लाख रोजगार देता है। उन्होंने कारोबारी प्रक्रियाओं को सरल बनाने वाली भविष्य उन्मुख निवेश नीति तैयार किए जाने की जानकारी दी।
मध्य प्रदेश और ओडिशा के मुख्यमंत्रियों ने भी कंपनियों को अपने राज्यों की निवेश नीतियों तथा रसायन उद्योग के लिए उपलब्ध अवसंरचना का लाभ लेने को कहा।
राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने बुनियादी आवश्यकताओं की पूर्ति और जीवन स्तर बेहतर बनाने में रसायन तथा पेट्रोकेमिकल उत्पादों की भूमिका रेखांकित की।
पटेल ने उपलब्ध प्रोत्साहनों का उपयोग करने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि भाव्या रसायन योजना में तीन समर्पित रसायन पार्कों का प्रावधान है। उन्होंने उद्योग और राज्य सरकारों को साथ काम करने के लिए कहा, क्योंकि क्रियान्वयन में राज्यों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।
रसायन एवं पेट्रोकेमिकल विभाग के सचिव तेजवीर सिंह ने उद्घाटन के दौरान कार्यक्रम की रूपरेखा रखी।
उन्होंने बताया कि केंद्रित समूह चर्चाओं में विभिन्न उपक्षेत्रों की विकास जरूरतों और आगे की रणनीति पर विचार किया जाएगा।
सिंह ने अगले दो दिनों की बातचीत से कारोबारों के बीच व्यवस्थित संपर्क और सहयोग की संभावनाएं बनने की उम्मीद जताई।
इंडिया केम 2026 के उद्घाटन सत्र में फिक्की और ईवाई की संयुक्त रूप से तैयार ज्ञान रिपोर्ट जारी की गई।
नड्डा ने नेस्को के बॉम्बे एग्जिबिशन सेंटर में इंडिया केम 2026 की अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी भी खोली। इसमें रसायन, पेट्रोकेमिकल, तकनीक, सेवाएं, उपकरण और प्रक्रिया मशीनरी प्रदर्शित हैं।
मंत्री और अन्य अतिथियों ने प्रदर्शनी के स्टॉल देखे तथा उद्योग प्रतिनिधियों से उनके काम और अवसरों पर चर्चा की।
तीन दिन का सम्मेलन और प्रदर्शनी रसायन एवं पेट्रोकेमिकल विभाग तथा फिक्की मिलकर आयोजित कर रहे हैं। इसमें उद्योग प्रमुख, अधिकारी, निवेशक, शोधकर्ता और विदेशों से आए प्रतिनिधि शामिल हैं।
इंडिया केम 2026 का विषय एडवांटेज भारत: उभरता वैश्विक रसायन केंद्र है। कार्यक्रम जानकारी साझा करने, निवेश खोजने और व्यापारिक साझेदारी विकसित करने के लिए साझा मंच उपलब्ध कराता है।
जापान इस आयोजन का साझेदार देश है। उसकी भागीदारी से रसायन और पेट्रोकेमिकल कारोबार में आर्थिक सहयोग आगे बढ़ाने का उद्देश्य है।
महाराष्ट्र, गुजरात, ओडिशा, मध्य प्रदेश, बिहार, आंध्र प्रदेश और उत्तर प्रदेश साझेदार राज्य हैं। इनकी सहभागिता उद्योग विकास और निवेश में राज्यों की भूमिका को सामने लाती है।
14वें संस्करण में इंडिया केम यूथ इनोवेशन चैलेंज नई पहल है। विद्यार्थी, युवा नवोन्मेषक और उभरते उद्यमी इसके जरिए उद्योग की जरूरतों के लिए शोध आधारित तथा व्यावहारिक समाधान विकसित कर सकेंगे।
विज्ञप्ति में उद्योग के 2030 तक 300 अरब डॉलर और 2040 तक एक ट्रिलियन डॉलर पहुंचने का अनुमान दिया गया है। घरेलू मांग, निर्यात, युवा आबादी, अपेक्षाकृत कम प्रति व्यक्ति खपत और सरकारी पहलों को विकास के आधार बताया गया है।
जापान, अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, यूरोपीय संघ, लैटिन अमेरिका, दक्षिण कोरिया और आसियान देशों सहित विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।
आयोजन में 200 से अधिक प्रदर्शक, भारत और विदेशों से आठ हजार से अधिक कारोबारी आगंतुक तथा 50 प्रमुख भारतीय और अंतरराष्ट्रीय मुख्य कार्यकारी अधिकारी शामिल हैं।
इंडिया केम 2026 के जरिए वैश्विक विशेषज्ञता को भारत की विनिर्माण क्षमताओं और निवेश अवसरों से जोड़ने का प्रयास है। इसमें टिकाऊ औद्योगिक विकास की प्राथमिकताओं पर भी ध्यान रहेगा।
विस्तृत आयोजन जानकारी आयोजक की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।
कार्यक्रम का वीडियो यहां देखा जा सकता है: https://youtube.com/live/qhFqeE7vBSg
प्रेस विज्ञप्ति का श्रेय: पीके/केसी/आरटी/एसके
