इस अवसर पर अपने संबोधन में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि श्री नरेन्द्र मोदी जी के देश के प्रधानमंत्री बनने के बाद से ही हम सरदार वल्लभभाई पटेल जी की जयंती को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाते हैं। आज सरदार साहब की 151वीं जयंती है। सरदार साहब वो महान व्यक्तित्व हैं जिन्होंने न सिर्फ भारत के इतिहास को बदला बल्कि देश के भूगोल की संरचना भी की। अनेक राजे-रजवाड़ों और रियासतों को एक माला में पिरोने का कठिन कार्य कर हमारे सामने वर्तमान अखंड भारत के नक्शे का निर्माण सरदार साहब ने किया। उन्होंने कहा कि सरदार साहब ने भारत के भौगोलिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक एकीकरण के लिए न सिर्फ सफल प्रयास किया बल्कि उसे एक कर भारत को एक सूत्र में भी पिरोया।
श्री अमित शाह ने कहा कि जब देश को आज़ादी मिली तब दुनिया कहती थी कि आज़ादी के बाद भारत बिखर जाएगा। सरदार साहब ने आज़ादी के बाद मात्र 1218 दिन में एक अखंड भारत की रचना कर वो कर दिखाया जो सबको असंभव लगता था। देखते ही देखते सरदार साहब की संकल्पना से बना वो भारत आज दुनिया के सामने गौरव के साथ खड़ा है।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि इसी वर्ष 31 मार्च को देश नक्सलवाद से मुक्त होकर नशामुक्त देश बनने की दिशा में आगे बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी के विकसित भारत की कल्पना में सबसे पहला चरण नशामुक्त भारत की रचना का है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के कार्यकाल में देश में कई सारे बड़े काम हुए हैं। धारा 370 हटाकर कश्मीर को हमेशा के लिए भारत के साथ जोड़ना, देश से नक्सलवाद समाप्त करना, एक देश, एक कर प्रणाली लागू करना जैसे कई बड़े काम हुए हैं। श्री शाह ने कहा कि जब नशामुक्त भारत की रचना होगी, वो इन सभी कामों में हमारे देश के युवाओं और भविष्य के लिए सबसे बड़ा काम होगा।
श्री अमित शाह ने कहा कि हमारे देश की भाषाई, सांस्कृतिक और पारंपरिक विविधता हमारी कमजोरी नहीं बल्कि हमारी ताकत है। उन्होंने कहा कि यही सरदार साहब का संदेश था और इसी रास्ते पर हमें आगे बढ़ना है। भाषाई, सांस्कृतिक और धार्मिक विविधता हमारी शक्ति है। संवाद, विश्वास और समावेशी सोच से हमने विगत 80 साल में एक साझा राष्ट्रीय पहचान खड़ी की है। हमारी भाषाएं, वेशभूषाएं, सांस्कृतिक मान्यताएं और धर्म अलग हैं लेकिन हमारा देश हमेशा एक बनकर रहा है।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि सोमनाथ मंदिर पुनर्निर्माण के माध्यम से हमने सभ्यता और राष्ट्रीय पुनर्जागरण का अनुभव किया है। सोमनाथ मंदिर के निर्माण की कल्पना भी सरदार साहब ने की थी। आज प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत की संकल्पनाएं हमें विश्व मे अर्थतंत्र की तालिका में उच्चतम स्थान की दिशा में आगे ले जा रही हैं।
श्री अमित शाह ने कहा कि सरदार साहब को कई वर्षों तक उनके कार्यों के आधार पर उचित सम्मान नहीं मिला था। विपक्ष ने हमेशा से सरदार साहब को भुलाने का प्रयास किया, लेकिन सूर्य के प्रकाश को ढक नहीं सकते। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे तब उन्होंने स्टेच्यू ऑफ यूनिटी बनाकर एक गगनचुंबी प्रतिमा का निर्माण कर पूरे देश के सामने सरदार साहब के उच्च व्यक्तित्व को प्रस्थापित किया। उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री मोदी जी उसी स्थान से देशभर के पुलिसबलों की परेड की सलामी लेकर राष्ट्रीय एकता का संदेश देंगे।
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