दिल्ली में यमुना पुनरुद्धार की ₹8,941 करोड़ की परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शामिल हुए। उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सीवेज शोधन, जल निकासी और शहरी स्वच्छता से जुड़े कार्यों के साथ यमुना को स्वच्छ बनाने की समयबद्ध योजना पर चर्चा हुई।
शाह ने परियोजनाओं की लागत करीब 9 हजार करोड़ रुपये बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दिल्ली सरकार बनने के बाद यमुना की सफाई पर समन्वय बैठक की थी। उन्होंने अब तक 40 प्रतिशत से अधिक सफलता मिलने का दावा किया। यह प्रगति संबंधी आकलन उनके संबोधन में प्रस्तुत किया गया, जिसमें केंद्र और दिल्ली सरकार की संयुक्त भूमिका पर जोर था।
गृह मंत्री ने पिछले 30 वर्षों की सरकारों की आलोचना करते हुए सीवर, औद्योगिक अपशिष्ट और डेयरियों के प्रदूषण का मुद्दा उठाया। उन्होंने रोजाना 2000 टन गोबर नदी में जाने का दावा किया। शाह ने कहा कि केंद्र, दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश की सरकारों का समन्वय अब समयबद्ध कार्ययोजना को आगे बढ़ाएगा। उन्होंने 2029 तक यमुना निर्मल करने का लक्ष्य रखा और इसे साफ पानी, बेहतर गलियों तथा कचरा मुक्त दिल्ली की व्यापक परिकल्पना से जोड़ा।
शाह के अनुसार कार्यक्रम में 10 योजनाओं का लोकार्पण और 33 कार्यों की शुरुआत हुई। कुल ₹8,941 करोड़ की परियोजनाओं में मौजूदा सीवेज शोधन संयंत्रों का उन्नयन, नए संयंत्र, पंपिंग स्टेशन और घरों को सीवर नेटवर्क से जोड़ना शामिल है। उन्होंने सीवर सुधार, नालों की टैपिंग और निकासी व्यवस्था का उल्लेख किया। अपने संबोधन में उन्होंने मई 2029 से पहले नदी की सफाई पूरी करने का विश्वास भी जताया।
राजनीतिक टिप्पणी करते हुए शाह ने दिल्ली की पूर्व सरकारों पर काम के बजाय बहाने बनाने और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। ये आरोप उनके भाषण का हिस्सा थे। उन्होंने कचरे के ढेर घटाने के लिए वर्तमान सरकार की प्रशंसा की और कहा कि 2 वर्ष बाद ऐसी जगहों को बगीचों में बदलने का लक्ष्य है। उन्होंने परिणाम आधारित काम को जनता के भरोसे से जोड़ा।
शाह ने दावा किया कि दिल्ली सरकार ने केंद्र के सहयोग से 2.17 करोड़ मीट्रिक टन कचरा हटाया और 100 एकड़ भूमि मुक्त कराई है। उनके अनुसार ओखला और भलस्वां के ढेर 30 से 40 मीटर तथा गाजीपुर का ढेर 10 से 15 मीटर तक घटा है। उन्होंने असिता ईस्ट, बांसेरा और वासुदेव घाट का उल्लेख किया तथा हर घर तक सीवर कनेक्शन और शुद्ध पेयजल पहुंचाने की कार्ययोजना बताई।
चुनावों से जुड़े विवादों पर शाह ने विपक्ष के आरोपों को खारिज किया। उन्होंने अपनी पार्टी की चुनावी सफलता का उल्लेख करते हुए वोट चोरी के आरोपों को राजनीतिक बहाना बताया। विपक्षी दलों पर मतदाता सूची संबंधी बहस का गलत इस्तेमाल करने का आरोप भी लगाया गया। ये वक्तव्य चुनावी राजनीति पर मंत्री की टिप्पणियां थीं और कार्यक्रम में परियोजनाओं पर उनके मुख्य संबोधन के साथ आए।
ईवीएम और चुनाव आयोग की आलोचना का उल्लेख करते हुए शाह ने कहा कि अगले 30 वर्ष उनकी पार्टी के बने रहने संबंधी बयान पर विपक्ष सवाल उठाता है। उन्होंने जनता के बीच अपनी मौजूदगी का हवाला दिया और हर 6 महीने विदेश जाने संबंधी राजनीतिक तंज किया। विपक्ष की रणनीति की आलोचना करते हुए उन्होंने आने वाले 30 वर्षों तक उसके सत्ता से बाहर रहने का राजनीतिक अनुमान प्रस्तुत किया।
शाह ने केरल, तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश और तमिलनाडु के चुनावी उदाहरण देते हुए कहा कि जीत मिलने पर विपक्ष चुनाव व्यवस्था स्वीकार करता है, जबकि हारने पर उसे दोष देता है। उन्होंने अदालतों के फैसलों पर प्रतिक्रियाओं को लेकर भी विपक्ष पर दोहरे मानदंड का आरोप लगाया। ये तुलनाएं उनके राजनीतिक तर्क का हिस्सा थीं। उन्होंने कहा कि नागरिक दलों के व्यवहार और उनके काम को समझते हैं।
प्रदर्शनों पर टिप्पणी में शाह ने कहा कि भीड़ जुटाने से जनता के फैसले को बदला नहीं जा सकता। उन्होंने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं की लोगों के बीच उपस्थिति और समस्याएं हल करने के प्रयासों का दावा किया। यमुना के संदर्भ में उन्होंने 30 वर्ष के पुराने शासन की आलोचना की और फिर 30 वर्ष के दौरान काम न होने का आरोप दोहराया। उन्होंने विपक्ष से भी अपने शासन वाले क्षेत्रों में योजनाएं और सेवाएं बेहतर करने को कहा।
पंजाब पर अपने वक्तव्य में शाह ने राज्य सरकार पर नशे के कारोबार को नियंत्रित करने में विफल रहने का आरोप लगाया। उन्होंने वहां अपनी पार्टी की चुनावी संभावनाओं पर विश्वास जताया और 2029 तक नशीले पदार्थों का व्यापार समाप्त करने का राजनीतिक वादा किया। साथ ही उन्होंने कहा कि शासन की सफलता परिणामों से तय होती है। पंजाब संबंधी आरोप और भविष्यवाणी भी उनके संबोधन के राजनीतिक हिस्से में शामिल थे।
समारोह में प्रस्तुत परियोजनाओं का विषय यमुना पुनरुद्धार, सीवर व्यवस्था तथा दिल्ली की स्वच्छता रहा। भाषण में बताए लक्ष्य, प्रगति के आंकड़े और राजनीतिक आकलन मंत्री के वक्तव्य के रूप में प्रस्तुत किए गए हैं।
