सेना प्रमुख की अध्यक्षता में भारतीय सेना के वरिष्ठ कमांडरों का सम्मेलन नई दिल्ली में शुरू हुआ है। 21 से 23 अक्टूबर 2026 तक चलने वाला यह आयोजन सेना का सर्वोच्च स्तर का द्विवार्षिक मंच है। इसमें सुरक्षा परिस्थितियों, परिचालन तैयारी, क्षमता निर्माण और भविष्य की जरूरतों के अनुसार बदलाव पर चर्चा की जा रही है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सम्मेलन को संबोधित करेंगे। रक्षा प्रमुख, नौसेना प्रमुख और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव भी वर्तमान सुरक्षा विषयों पर विचार रखेंगे। इन वक्तव्यों को वरिष्ठ सैन्य नेतृत्व की व्यापक चर्चा के कार्यक्रम में शामिल किया गया है।
रक्षा मंत्री द्वारा थल युद्ध सिद्धांत का विमोचन प्रमुख कार्यक्रमों में है। इसका उद्देश्य बदलते युद्ध स्वरूप तथा भविष्य के संघर्षों की तैयारी के लिए व्यापक मार्गदर्शन देना है। राजनाथ सिंह संयुक्त राष्ट्र की वार्षिक पत्रिका भी जारी करेंगे। संयुक्त राष्ट्र शांतिरक्षक के रूप में उल्लेखनीय सेवा देने वाले सैनिकों को उनके पेशेवर काम और अंतरराष्ट्रीय शांति तथा सुरक्षा में योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा।
हरित सैन्य स्टेशनों और विमानन उड़ान सुरक्षा के पुरस्कार सेना प्रमुख प्रदान करेंगे। इनके माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और मजबूत उड़ान सुरक्षा संस्कृति के लिए किए गए प्रयासों को मान्यता दी जाएगी।
सम्मेलन में वर्तमान पहलों की प्रगति का आकलन और आगे प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की पहचान की जाएगी। विचार-विमर्श से तकनीकी क्षमता, अनुकूलनशीलता और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार सेना के निर्माण की नीतिगत दिशा तय करने में मदद की अपेक्षा है। परिचालन तत्परता तथा क्षमता विकास इस एजेंडे के केंद्र में हैं।
भारतीय सेना के सम्मेलन संबंधी कार्यक्रम की जानकारी।
