पीएम-दक्ष यानी प्रधानमंत्री दक्षता और कुशलता संपन्न हितग्राही योजना की शुरुआत 2020-21 में हुई थी। केंद्रीय क्षेत्र की इस योजना में सूचीबद्ध संस्थानों के जरिए कौशल प्रशिक्षण दिया गया। इसका लक्ष्य अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस), विमुक्त जनजातियों (डीएनटी) और सफाई कर्मचारियों को स्वरोजगार तथा वेतन आधारित रोजगार से जोड़ना था। कचरा इकट्ठा करने वाले कर्मचारी भी इसके लक्षित समूह में शामिल थे।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने योजना को तीन निगमों के माध्यम से लागू किया। इनमें राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम (एनएसएफडीसी), राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम (एनबीसीएफडीसी) और राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त एवं विकास निगम (एनएसकेएफडीसी) शामिल हैं।
विभाग से प्राप्त धनराशि के जरिए ये निगम प्रशिक्षण संस्थानों की लागत की प्रतिपूर्ति करते हैं। संस्थान कौशल विकास एवं उद्यमशीलता मंत्रालय की प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई) के अंतर्गत सूचीबद्ध होते हैं और भुगतान दिशा-निर्देशों तथा कार्यादेश के अनुसार होता है। प्रशिक्षण के बाद कम से कम 70 प्रतिशत प्रशिक्षित उम्मीदवारों को वेतन आधारित रोजगार और/या स्वरोजगार उपलब्ध कराना अनिवार्य है। शर्त पूरी नहीं होने पर तीसरी किस्त के रूप में देय प्रशिक्षण लागत की 30 प्रतिशत राशि रोक दी जाती है। रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए संबंधित उद्योगों से सहयोग बनाए रखना भी अनिवार्य है। निगम पात्र युवाओं को अपनी परियोजनाएं शुरू करने के लिए ऋण तथा आवश्यक मार्गदर्शन और सहायता देते हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, 2020-21 से 2023-24 तक योजना के लिए 276.47 करोड़ रुपये आवंटित हुए। रिपोर्ट में अब तक हुए वास्तविक व्यय का आंकड़ा 309.5 करोड़ रुपये बताया गया है।
2020-21 से 2023-24 के दौरान 1,87,305 उम्मीदवारों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया और 96,162 उम्मीदवारों को रोजगार उपलब्ध कराया गया।
मूल्यांकन अध्ययन में 90 प्रतिशत से अधिक लाभार्थियों ने प्रशिक्षण को अपने करियर लक्ष्यों और स्थानीय श्रम बाजार की जरूरतों के अनुरूप बताया। उन्होंने अपेक्षित सीखने के परिणाम मिलने की भी जानकारी दी। अध्ययन में आत्मविश्वास, आत्मसम्मान और सामाजिक पहचान में सुधार सामने आया, विशेषकर महिलाओं और वंचित समूहों में। अधिकांश लाभार्थी सीखे गए कौशल का उपयोग जारी रखे हुए थे। उन्होंने भविष्य में आय बढ़ने की उम्मीद, अपने विकास में पुनर्निवेश और सुधारों को स्वतंत्र रूप से बनाए रखने की क्षमता भी व्यक्त की।
वित्त वर्ष 2024-25 से पीएम-दक्ष को पीएमकेवीवाई में समाहित करने का निर्णय लिया गया। पीएम-दक्ष में कौशल भारत डिजिटल हब (एसआईडीएच) पोर्टल से ली गई रोजगार भूमिकाएं पहले से पीएमकेवीवाई में शामिल थीं। इसलिए प्रशिक्षण गतिविधियों के दोहराव को रोकने के लिए दोनों योजनाओं को एक ढांचे में लाया गया।
स्रोत विज्ञप्ति के श्रेय: पीके/केसी/आरटी/एसएस/वाईबी
