केंद्रीय युवा मामलों और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित 10वीं वर्ल्ड एसोसिएशन ऑफ एंटी-डोपिंग साइंटिस्ट्स (WAADS) क्वालिटी अश्वोरेंस मैनेजर्स मीटिंग 2026 के दौरान राष्ट्रीय डोप टेस्टिंग लैबोरेटरी (NDTL) की बाह्य अनुसंधान अनुदान नीति (एक्सट्राम्यूरल रिसर्च ग्रांट पॉलिसी) का शुभारंभ किया।
2 नवंबर से शुरू हुई दो दिवसीय बैठक का आयोजन राष्ट्रीय डोप टेस्टिंग लैबोरेटरी (NDTL ) ने किया था, जिसमें खेल और वैज्ञानिक समुदाय के अंतरराष्ट्रीय हितधारक शामिल हुए। मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. मांडविया ने, इस बैठक में NDTL न्यूज़लेटर के शुभारंभ की भी देखरेख की।
केंद्रीय खेल मंत्री ने डोपिंग के प्रति भारत की शून्य सहनशीलता नीति की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने कहा, “मित्रों, भारत की डोपिंग के प्रति शून्य सहनशीलता है। हमारी जिम्मेदारी यह सुनिश्चित करना है कि हर जीत प्रतिभा, अनुशासन और कड़ी मेहनत से अर्जित हो।”
“पिछले दो वर्षों में, हमारे माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, खेल को राष्ट्र निर्माण के एक महत्वपूर्ण स्तंभ के रूप में मान्यता दी गई है,” डॉ. मांडविया ने कहा। “भारत की खेल यात्रा एक नए चरण में प्रवेश कर चुकी है।”
एंटी-डोपिंग अनुसंधान और शिक्षा के प्रति भारत की प्रतिबद्धता पर प्रकाश डालते हुए, केंद्रीय मंत्री ने कहा, “आज हमने महत्वपूर्ण एक्सट्राम्यूरल रिसर्च ग्रांट पॉलिसी का शुभारंभ किया, जिसका उद्देश्य उन्नत पहचान और रोकथाम के क्षेत्रों में अनुसंधान और विकास को बढ़ावा देना है। यह पहल हमारे एंटी-डोपिंग प्रयासों की वैज्ञानिक नींव को मजबूत करेगी।”
भारत को राष्ट्रमंडल खेल 2030 की मेज़बानी करनी है और 2036 ओलंपिक की मेज़बानी करने का भी सपना है, इसलिए डोपिंग को रोकने की भारत की लड़ाई में शिक्षा और जागरूकता की महत्वपूर्ण भूमिका है।
डॉ. मांडविया ने कहा, “इसलिए हमारा दृष्टिकोण मजबूत परीक्षण अवसंरचना के साथ शिक्षा, जागरूकता और रोकथाम को जोड़ने का है। जैसा कि भारत राष्ट्रमंडल खेल 2030 की मेज़बानी की तैयारी कर रहा है और 2036 ओलंपिक की मेज़बानी का सपना भी देख रहा है ऐसे में, एंटी-डोपिंग परीक्षण, खिलाड़ी शिक्षा और अंतरराष्ट्रीय सहयोग हमारे लिए प्राथमिकता है।”
डॉ. मांडविया ने कहा,“खिलाड़ियों, कोचों और चिकित्सा पेशेवरों को निषिद्ध पदार्थों के प्रभाव, सप्लीमेंट्स से जुड़े जोखिमों और एंटी-डोपिंग नियमों के तहत अपनी जिम्मेदारियों को समझना चाहिए,”
केंद्रीय खेल मंत्री ने बताया कि भारत खेल राष्ट्र बनने की दिशा में पहले से ही बड़े कदम उठा चुका है, और 2026 एशियाई खेलों में अपने खिलाड़ियों का हालिया प्रदर्शन इसका प्रमाण हैं।
डॉ. मांडविया ने कहा, “खेलो इंडिया, फिट इंडिया और टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम जैसे पहल के माध्यम से, हमने खेल पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत किया है और हमारे युवाओं को उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए अधिक अवसर सृजित किए हैं ।
“हाल ही में संपन्न हुए एशियाई खेलों 2026 में, हमारे खिलाड़ियों ने अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शनों में से एक दिया और अंतिम पदक तालिका में हम चौथे स्थान पर रहे। हमारे पैरा-खिलाड़ियों ने भी एशियाई पैरा खेलों 2026 में इतिहास रचा है, जिसमें रिकॉर्ड 114 पदक जीते गए, जो इन खेलों में हमारी अब तक की सर्वोच्च पदक तालिका है,” उन्होंने कहा।
इन दो दिनों के दौरान बैठक में सचिव (खेल) श्री हरि रंजन राव के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि, डॉ. ओस्केल बारोसो, वरिष्ठ सहयोगी निदेशक (लैबोरेटरी विज्ञान और चिकित्सा), WADA, डॉ. डोरोटा क्वियाटकोव्स्का, अध्यक्ष, WAADS, प्रो. (डॉ.) पी. एल. साहू, निदेशक, NDTL, और अन्य प्रतिष्ठित वैज्ञानिक भी शामिल हुए।
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