नर्मदा नियंत्रण प्राधिकरण की समीक्षा समिति (आरसीएनसीए) की 15वीं बैठक 27 अक्टूबर 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय जल शक्ति मंत्री और आरसीएनसीए के अध्यक्ष श्री सी. आर. पाटिल ने की। इसमें गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री देवेंद्र फडणवीस, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव और राजस्थान के श्री मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा शामिल हुए।
आरसीएनसीए ने भारत के अटॉर्नी जनरल (एजीआई) की राय और 7 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में चारों राज्यों के बीच हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन (एमओए) को स्वीकार कर लिया। इस समझौता ज्ञापन पर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी. आर. पाटिल की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए। इसे अंतरराज्यीय बकाया राशि, दावों और वित्तीय देनदारियों के एकमुश्त निपटारे के रूप में स्वीकार किया गया। साथ ही, बकाया राशि के भुगतान की प्रक्रिया को भी मंजूरी दी गई।
इस समझौता ज्ञापन को स्वीकार किया जाना एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। इससे मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र के बीच सरदार सरोवर परियोजना के निर्माण की लागत साझा करने से जुड़े लंबे समय से चले आ रहे विवादों को समाप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। इसके तहत लंबित बकाया राशि का एकमुश्त निपटारा किया जाएगा।
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी. आर. पाटिल ने भारत के अटॉर्नी जनरल की राय और 7 जुलाई 2026 के समझौता ज्ञापन को स्वीकार करने तथा वित्त वर्ष 2026-27 के भीतर एनडब्ल्यूडीटी अवॉर्ड परियोजनाओं की बकाया राशि के भुगतान की प्रक्रिया को अंतिम रूप देने में सहयोग के लिए चारों राज्यों के मुख्यमंत्रियों का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन में अंतरराज्यीय नदी जल विवादों को सुलझाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने संबंधित राज्यों, जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण विभाग (डीओडब्ल्यूआर, आरडी एंड जीआर) और नर्मदा नियंत्रण प्राधिकरण (एनसीए) के अधिकारियों को भी समझौता ज्ञापन पर प्रभावी ढंग से काम करने और इसकी पुष्टि के लिए आरसीएनसीए की 15वीं बैठक आयोजित करने के लिए धन्यवाद दिया।
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