Friday, 23 October 2026 38 new updates today
Latest Updates

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय Read in English

चेन्नई के एसआरआईएचईआर दीक्षांत समारोह में जितेंद्र सिंह का संदेश: एआई और जीनोमिक्स को चिकित्सकीय विवेक से जोड़ें, युवाओं की निवारक स्वास्थ्य देखभाल बढ़ाएं

Key details of this update
DetailInformation
Date22 October 2026 (Thursday)
Time4:24 PM
Topic / Ministryविज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय
Languageहिन्दी · Read in English
Reading time4 min (726 words)

चेन्नई में श्री रामचंद्र उच्च शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान के दीक्षांत समारोह में केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने चिकित्सा के बदलते स्वरूप पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता और जीनोमिक्स की मदद से अधिक व्यक्तिगत चिकित्सा की संभावनाएं बढ़ रही हैं। उनके अनुसार भारत भी उन्नत स्वास्थ्य समाधानों के विकास में अपनी भूमिका मजबूत कर रहा है।

संस्थान के 42वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में मंत्री ने युवा चिकित्सकों से तकनीक और अनुभव को साथ लेकर चलने को कहा। उन्होंने बताया कि नई पीढ़ी को बेहतर उपकरण उपलब्ध होंगे, लेकिन उनका सही उपयोग समझना भी उसकी जिम्मेदारी होगी। रोगी की स्थिति समझकर निर्णय लेने और बीमारी रोकने की क्षमता चिकित्सा प्रशिक्षण का प्रमुख हिस्सा बनी रहनी चाहिए।

डॉ. सिंह ने स्नातक, स्नातकोत्तर और सुपर-स्पेशियलिटी पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों तथा स्वर्ण पदक विजेताओं को बधाई दी। कुलाधिपति वी. आर. वेंकटचलम और संस्थान के अन्य वरिष्ठ प्रतिनिधि समारोह में मौजूद थे। मंत्री ने चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान में संस्थान के योगदान की सराहना की। उन्होंने अनुपस्थित कुलपति डॉ. उमा के जल्द स्वस्थ होने की कामना भी की।

अपने चिकित्सकीय अनुभव का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के सामने रोगों का स्वरूप बदल रहा है। संक्रामक बीमारियों की चुनौती बनी हुई है, जबकि मधुमेह और हृदय रोग जैसे दीर्घकालिक विकारों पर भी अधिक ध्यान देना पड़ रहा है। बढ़ती जीवन प्रत्याशा के साथ कम उम्र में बीमारी की शुरुआत स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के लिए नई मांगें पैदा करती है।

मंत्री ने उदाहरण दिया कि 30 वर्ष की उम्र में मधुमेह होने पर व्यक्ति को उसके प्रभावों के साथ लंबे समय तक रहना पड़ सकता है। इसलिए जटिलताएं रोकना और महत्वपूर्ण अंगों की सुरक्षा करना डॉक्टरों, परिवार तथा रोगी की अनिवार्य जिम्मेदारी है। उन्होंने युवाओं के स्वास्थ्य को देश की मानव क्षमता और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य से जोड़ा।

कृत्रिम बुद्धिमत्ता और जीन-आधारित चिकित्सा पर उन्होंने कहा कि नई तकनीकें निदान, उपचार और व्यक्तिगत देखभाल की संभावनाएं खोल सकती हैं। चिकित्सकों को उनके उपयोग की सीमाएं तथा उपयोगिता समझते हुए उन्हें अपने काम से जोड़ना होगा। रोगी की देखभाल के लिए आवश्यक नैदानिक समझ को बनाए रखने पर उन्होंने विशेष जोर दिया। तकनीकी क्षमता और चिकित्सकीय विवेक को साथ विकसित करना उनके संबोधन का प्रमुख संदेश रहा।

स्वदेशी अनुसंधान के उदाहरण देते हुए डॉ. सिंह ने कोविड-19 के विरुद्ध डीएनए वैक्सीन और डेंगू तथा मलेरिया से जुड़े वैक्सीन अनुसंधान का उल्लेख किया। उन्होंने हीमोफीलिया के लिए जीन थेरेपी पर हो रहे काम की भी चर्चा की। उनके अनुसार इन क्षेत्रों में भारतीय संस्थानों का योगदान जटिल स्वास्थ्य समस्याओं के समाधान विकसित करने की बढ़ती क्षमता दिखाता है।

दवा विकास के संदर्भ में उन्होंने सामुदायिक जीवाणु निमोनिया के लिए नेफिथ्रोमाइसिन का उदाहरण दिया। तीव्र लिम्फोब्लास्टिक ल्यूकेमिया और फैटी लिवर से संबंधित परमाणु चिकित्सा अनुसंधान का भी उल्लेख हुआ। मंत्री ने इन्हें वैज्ञानिक और चिकित्सा संस्थानों की शोध क्षमता के उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया। संबोधन का जोर अनुसंधान की दिशा और संभावनाओं पर था।

डॉ. सिंह ने संस्थान को जीनोमिक्स, बायोमैन्युफैक्चरिंग और परमाणु चिकित्सा की राष्ट्रीय अनुसंधान पहलों में भागीदारी बढ़ाने का निमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय, अस्पताल, सरकारी शोध संस्थान और उद्योग साथ काम करें तो वैज्ञानिक विशेषज्ञता को रोगियों की जरूरतों से बेहतर ढंग से जोड़ा जा सकता है। इससे शोध को उपयोगी तथा किफायती स्वास्थ्य समाधानों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।

उन्होंने संस्थान को अपने शोध संसाधनों, चिकित्सकीय अनुभव और स्टार्टअप व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रोत्साहित किया। नई उपचार पद्धतियों और चिकित्सा तकनीकों के विकास में अलग-अलग क्षेत्रों के विशेषज्ञों का सहयोग उपयोगी होगा, उन्होंने कहा। शोधकर्ता, डॉक्टर और तकनीक विकसित करने वाले मिलकर काम करें तो नवाचार और वास्तविक स्वास्थ्य जरूरतों के बीच बेहतर संबंध बन सकता है।

जीनोमिक जानकारी के उपयोग पर मंत्री ने कहा कि रोगी की आनुवंशिक विशेषताओं को उसकी जीवनशैली, वातावरण और उपचार के परिणामों के साथ समझना चाहिए। इससे व्यक्ति के अनुसार चिकित्सा तय करने की दिशा में मदद मिल सकती है। उन्होंने वैज्ञानिक ज्ञान को नैदानिक अनुभव के साथ जोड़ने की बात दोहराई, ताकि नई जानकारी रोगी की देखभाल में सार्थक सुधार ला सके।

समापन में डॉ. सिंह ने युवाओं में दीर्घकालिक रोगों की रोकथाम को सामूहिक राष्ट्रीय प्राथमिकता बनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य और उत्पादक क्षमता की रक्षा विकसित भारत 2047 की परिकल्पना के लिए आवश्यक है। इसके लिए निवारक देखभाल, चिकित्सा अनुसंधान, तकनीकी नवाचार और जिम्मेदार चिकित्सा पद्धतियों पर निरंतर प्रयास करने होंगे।

Source: Press Information Bureau, Government of India · Read the official release

इसी विषय से और: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय

View all इसी विषय से और: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय
  1. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय

    डीएसटी अभियान 6: 16 अक्टूबर 2026 तक सफाई और फाइल निस्तारण की प्रगति

    विशेष अभियान 6 में डीएसटी ने सफाई स्थलों, शिकायत निस्तारण, भौतिक और इलेक्ट्रॉनिक फाइलों की समीक्षा तथा खाली कराए गए कार्यालयी स्थान की प्रगति बताई। विभाग अपने संस्थानों में बाकी कार्यों की…

    पूरा पढ़ें →
  2. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय

    बदलती एक्स-रे रेखाओं से सेंटॉरस पल्सर के पास अभिवृद्धि प्रवाह और डिस्क के संकेत मिले

    रमन रिसर्च इंस्टीट्यूट की टीम ने सेंटॉरस X-3 की बदलती एक्स-रे उत्सर्जन रेखाओं से घूमते अभिवृद्धि प्रवाह की पहचान की। शोधकर्ताओं ने इसके आधार पर तारे तक पदार्थ पहुंचाने वाली डिस्क का…

    पूरा पढ़ें →
  3. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय

    सीएसआईआर-एनआईएससीपीआर ने पुस्तकालयों के लिए लाइब्रेरी ऑटोमेशन, डिजिटाइजेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर दो सप्ताह का कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न किया

    सीएसआईआर-एनआईएससीपीआर ने 5-16 अक्टूबर 2026 तक पुस्तकालय स्वचालन, डिजिटलीकरण और एआई पर दो सप्ताह का प्रशिक्षण कराया। कार्यक्रम में कोहा और डीस्पेस सॉफ्टवेयर का व्यावहारिक अभ्यास शामिल था…

    पूरा पढ़ें →
  4. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय

    डीएसआईआर में विशेष अभियान 6 के कार्यान्वयन चरण के दौरान महत्वपूर्ण प्रगति हुई है

    विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधीन वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान विभाग (डीएसआईआर) में 2 अक्टूबर, 2026 से विशेष अभियान 6 संचालित किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य स्वच्छता को संस्थागत बनाना,…

    पूरा पढ़ें →
  5. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय

    हितधारकों ने हाइड्रोजन मूल्य श्रृंखला में हाल की प्रगति पर चर्चा की

    राष्ट्रीय हाइड्रोजन और ईंधन सेल दिवस के अवसर पर आयोजित एक कार्यशाला में प्रख्यात वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों, उद्योग विशेषज्ञों, प्रौद्योगिकीविदों, शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम में हाइड्रोजन मूल्य श्रृंखला में…

    पूरा पढ़ें →
  6. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय

    टीडीबी-डीएसटी ने एआई-आधारित दवा खोज और विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए पेप्ट्रिस के साथ 86 करोड़ रुपये के आरडीआई सहयोग की दिशा में समझौते पर हस्ताक्षर किए

    कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के माध्यम से अगली पीढ़ी की चिकित्सा पद्धतियों के विकास में तेजी लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी)…

    पूरा पढ़ें →

और करेंट अफेयर्स

View all और करेंट अफेयर्स
  1. कृषि एवं किसान कल्‍याण मंत्रालय

    तरावड़ी से खेत बचाओ अभियान शुरू: शिवराज सिंह चौहान ने संतुलित खाद, फसल चक्र और प्राकृतिक खेती अपनाने का किया आग्रह

    करनाल के तरावड़ी में शिवराज सिंह चौहान ने खेत बचाओ अभियान शुरू करते हुए मिट्टी की जांच, संतुलित उर्वरक उपयोग, फसल चक्र और पराली प्रबंधन पर जोर दिया। कार्यक्रम में हरियाणा के…

    पूरा पढ़ें →
  2. प्रधानमंत्री कार्यालय

    तेजलबेन दामोर ने एशियाई पैरा खेलों में रजत जीता

    तेजलबेन दामोर ने एशियाई पैरा खेल 2026 में महिला 400 मीटर टी12 का रजत जीता। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उनकी गति, दृढ़ संकल्प और खेल में उत्कृष्टता के प्रति समर्पण की सराहना…

    पूरा पढ़ें →
  3. प्रधानमंत्री कार्यालय

    अंजनाबेन ने एशियाई पैरा खेलों की ट्रैक स्पर्धा में स्वर्ण जीता

    एशियाई पैरा खेल 2026 में महिला 400 मीटर टी47 का स्वर्ण जीतने पर अंजनाबेन को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बधाई दी। उन्होंने उनकी गति, एकाग्रता और संकल्प की प्रशंसा करते हुए भविष्य…

    पूरा पढ़ें →
  4. प्रधानमंत्री कार्यालय

    मनीषा रामदास ने लगातार दूसरे एशियाई पैरा खेलों में एकल कांस्य जीता

    मनीषा रामदास ने एशियाई पैरा खेल 2026 में महिला एकल एसयू-5 पैरा बैडमिंटन का कांस्य जीता। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लगातार दूसरे संस्करण में पदक जीतने को उनकी निरंतरता और खेल के…

    पूरा पढ़ें →
  5. प्रधानमंत्री कार्यालय

    कपिल कुमार के फ्रीस्टाइल रजत पर प्रधानमंत्री ने सहनशक्ति और संकल्प को सराहा

    कपिल कुमार ने एशियाई पैरा खेल 2026 की पुरुष 400 मीटर फ्रीस्टाइल एस10 स्पर्धा में रजत हासिल किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उनके प्रभावशाली समय और मेहनत को सराहा। संदेश में सहनशक्ति,…

    पूरा पढ़ें →
  6. प्रधानमंत्री कार्यालय

    शीतल देवी ने व्यक्तिगत कंपाउंड तीरंदाजी का स्वर्ण बरकरार रखा

    शीतल देवी ने एशियाई पैरा खेल 2026 में महिला व्यक्तिगत पैरा कंपाउंड तीरंदाजी का खिताब बचाया। प्रधानमंत्री ने उनके सटीक निशाने और निरंतरता की प्रशंसा की।

    पूरा पढ़ें →
  7. प्रधानमंत्री कार्यालय

    शीतल देवी और टोमन कुमार ने कंपाउंड मिश्रित टीम का स्वर्ण जीता

    शीतल देवी और टोमन कुमार की पैरा कंपाउंड मिश्रित टीम स्पर्धा में स्वर्णिम सफलता पर प्रधानमंत्री मोदी ने कौशल, संयम और टीम भावना की प्रशंसा की।

    पूरा पढ़ें →
  8. प्रधानमंत्री कार्यालय

    संजना कुमारी ने एशियाई पैरा खेलों में बैडमिंटन कांस्य जीता

    संजना कुमारी ने एशियाई पैरा खेलों की महिला एकल एसएल3 पैरा बैडमिंटन स्पर्धा में कांस्य हासिल किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उनकी उपलब्धि पर गर्व व्यक्त किया और आने वाले वर्षों में…

    पूरा पढ़ें →
  9. कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय

    एनएसई सोशल स्टॉक एक्सचेंज पर एनएसडीसी की शुरुआत, मध्य प्रदेश के युवाओं के विदेशी रोजगार प्रशिक्षण में नाबार्ड का सहयोग

    एनएसडीसी ने एनएसई के सोशल स्टॉक एक्सचेंज पर कौशल विकास और विदेशी रोजगार की तैयारी से जुड़ी पहल शुरू की है। नाबार्ड समर्थित कार्यक्रम मध्य प्रदेश के आर्थिक रूप से कमजोर ओबीसी…

    पूरा पढ़ें →
  10. राष्ट्रपति सचिवालय

    रायपुर में राष्ट्रपति मुर्मु का संदेश: अन्न का सम्मान, युवाओं में सेवा-भाव और महिलाओं की समान भागीदारी

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 22 अक्टूबर 2026 को रायपुर के नुआखाई कार्यक्रमों में किसानों, प्रकृति और अन्न के सम्मान पर जोर दिया। उन्होंने युवाओं को नैतिकता तथा सेवा-भाव अपनाने और समाज में…

    पूरा पढ़ें →
↑