डीएसटी ने विशेष अभियान 6 के तहत स्वच्छता और प्रशासनिक कार्यों में हुई प्रगति की जानकारी दी है। डीएआरपीजी के निर्देशों के अनुसार चल रहे अभियान में विभाग, स्वायत्त संस्थान, अधीनस्थ एवं क्षेत्रीय कार्यालय, प्रौद्योगिकी नवाचार केंद्र, मिशन और संबद्ध संगठन शामिल हैं।
शुरुआत में सफाई के लिए 315 स्थान चुने गए थे। 5 अक्टूबर की समीक्षा में संयुक्त सचिव प्रशासन और विशेष अभियान 6 के नोडल अधिकारी ने संस्थाओं को पुराने रिकॉर्ड एवं कबाड़ हटाने, शिकायतें निपटाने तथा कार्यस्थल सुधारने के लिए सक्रिय भागीदारी को कहा।
बाद में चिह्नित स्थलों की संख्या 315 से बढ़कर 401 हुई। इन 401 स्थानों में से 397 पर सफाई अभियान चलाया जा चुका था। यह विभागीय संगठनों की बढ़ती सहभागिता को दर्शाता है।
विभाग का अनुमान है कि 31 अक्टूबर 2026 को अभियान समाप्त होने तक कुल स्थलों की संख्या करीब 800 हो सकती है। यह शेष अवधि के लिए अनुमानित संख्या है।
लंबित कार्यों में 135 जन शिकायतों में से 99 निपटाई गईं। 23 अपीलों में से 9 का समाधान हुआ। सांसदों के 12 संदर्भों में से 7 भी निस्तारित किए गए।
रिकॉर्ड प्रबंधन में 7,000 निर्धारित भौतिक फाइलों में से 6,280 की जांच हुई और 2,598 फाइलें छांटी गईं। समीक्षा के लिए प्रस्तुत 1,900 ई-फाइलों में से 1,791 देखी गईं और 949 बंद की गईं।
विशेष अभियान 6 की सफाई और निस्तारण गतिविधियों से 61,888 वर्ग फुट स्थान खाली हुआ। कबाड़ बेचने से 8,25,696 रुपये का राजस्व मिला।
डीएसटी शेष गतिविधियों की निगरानी कर रहा है ताकि विशेष अभियान 6 की समय-सीमा के भीतर चिह्नित कार्य पूरे हो सकें। विभाग ने निर्धारित लक्ष्यों तक पहुंचने के लिए लगातार प्रयास जारी रखने की बात कही है।
ये आंकड़े अभियान के मध्य चरण की स्थिति बताते हैं। संबद्ध संस्थाएं गतिविधियां जारी रखे हुए हैं और अतिरिक्त सफाई स्थल भी चिह्नित किए जा रहे हैं। विभाग को बाकी अवधि में परिणाम बेहतर होने की उम्मीद है।
विशेष अभियान 6 की जानकारी के प्रसार के लिए डीएसटी ने पीआईबी की 3 विज्ञप्तियां जारी कीं और एक्स पर 72 पोस्ट साझा किए। फेसबुक और लिंक्डइन का भी इस्तेमाल किया गया ताकि अभियान की पहुंच अधिकतम हो सके।
प्रेस विज्ञप्ति का श्रेय: पीके/केसी/आरटी/एसकेएस/एसके
