राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई) ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अपनी कार्रवाई को जारी रखते हुए, 21 अक्टूबर 2026 को पंजाब के जालंधर के पास फगवाड़ा में खुफिया जानकारी के आधार पर चलाए गए एक अभियान में 5.6 किलोग्राम हेरोइन जब्त की और चार लोगों को गिरफ्तार किया।
सार्वजनिक परिवहन बस में यात्रा कर रहे कुछ लोगों पर मादक पदार्थों की आवाजाही के संबंध में विशिष्ट खुफिया जानकारी पर कार्रवाई करते हुए, डीआरआई अधिकारियों ने फगवाड़ा क्षेत्र में निगरानी रखी और एक बस को रोका तथा डीआरआई टीम के माध्यम से यात्रियों के तौर पर यात्रा कर रहे चार संदिग्ध लोगों की पहचान की गई।
स्वापक औषधि और मनः प्रभावी पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम, 1985 के प्रावधानों के तहत की गई तलाशी में, संदिग्धों में से एक की गोद में रखे बैग में पीले रंग के चिपकने वाले टेप से लिपटे पांच पैकेट बरामद हुए। प्रत्येक पैकेट में दो छोटे पैकेट थे, इस प्रकार कुल दस पैकेट हो गए। सभी दस पैकेटों में मौजूद पदार्थ के क्षेत्र परीक्षण में हेरोइन (जिसे पंजाब में चिट्टा के नाम से भी जाना जाता है) की पुष्टि हुई। कुल 5.6 किलोग्राम प्रतिबंधित पदार्थ बरामद किया गया और एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के प्रावधानों के तहत जब्त कर लिया गया। प्रतिबंधित पदार्थ के परिवहन और कब्जे में कथित रूप से शामिल सभी चार लोगों को अधिनियम के अंतर्गत गिरफ्तार किया गया।
हेरोइन एक अत्यधिक नशीला ओपिओइड है, जो केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है और इससे लत, श्वसन अवसाद, ओवरडोज और मृत्यु का गंभीर खतरा होता है। भारत में, यह एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के तहत प्रतिबंधित मादक पदार्थ है। इसके अनाधिकृत कब्जे, तस्करी, परिवहन या बिक्री पर कठोर दंड लागू होते हैं; व्यावसायिक मात्रा के लिए, धारा 21(सी) के तहत 10-20 वर्ष के कठोर कारावास और 1-2 लाख रुपये के जुर्माने का प्रावधान है, साथ ही इससे अधिक जुर्माने का भी प्रावधान है।
पंजाब में हुई यह महत्वपूर्ण बरामदगी मादक पदार्थों की आपूर्ति श्रृंखलाओं को बाधित करने और अवैध मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल लोगों को न्याय के कटघरे में लाने के लिए डीआरआई के निरंतर प्रयासों को रेखांकित करती है।
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