भारत की राष्ट्रपति, श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज, 27 अक्तूबर 2026 को राष्ट्रपति भवन में लिकटेंस्टाइन के महामहिम वंशानुगत राजकुमार एलोइस और राजकुमारी सोफी का स्वागत किया। राष्ट्रपति ने उनके सम्मान में भोज का भी आयोजन किया।
वंशानुगत राजकुमार एलोइस और उनके प्रतिनिधिमंडल का भारत में स्वागत करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि भारत के साथ उनका नियमित जुड़ाव और संपर्क भारत तथा लिकटेंस्टाइन के बीच द्विपक्षीय संबंधों के प्रति उनकी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
राष्ट्रपति ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि भारत और लिकटेंस्टाइन के बीच व्यापार, निवेश, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, नवाचार, संस्कृति और लोगों के बीच आपसी संबंधों जैसे क्षेत्रों में सहयोग निरंतर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान अनिश्चित भू-राजनीतिक और भू-आर्थिक परिदृश्य में दोनों देशों के बीच आर्थिक साझेदारी को सुदृढ़ करना पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गया है।
राष्ट्रपति ने कहा कि वर्ष 2024 में संपन्न भारत और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ के बीच व्यापार एवं आर्थिक साझेदारी समझौते ने हमारे व्यापार और निवेश संबंधों को और सुदृढ़ करने के लिए नए अवसर उपलब्ध कराए हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अगले 15 वर्षों में भारत में 100 बिलियन डॉलर के निवेश को सुगम बनाने और 10 लाख प्रत्यक्ष रोजगार सृजित करने की प्रतिबद्धता, हमारे साझा प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में सहयोग का विस्तार करने लिए एक मजबूत नींव का काम करेगी।
राष्ट्रपति ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि लिकटेंस्टाइन की अनेक कंपनियां उन्नत विनिर्माण, फिनटेक, कृषि अनुसंधान, सतत अवसंरचना, स्वास्थ्य सेवा और पदार्थ विज्ञान जैसे क्षेत्रों में भारत के साथ अपने सहयोग का विस्तार करने में गहरी रुचि दिखा रही हैं। उन्होंने कहा कि उद्योग और शैक्षणिक संस्थानों के बीच साझेदारी को बढ़ावा देकर कौशल विकास और व्यावसायिक प्रशिक्षण के क्षेत्र में उपलब्ध अपार संभावनाओं का दोहन किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि उन्नत विनिर्माण, नवाचार, और वित्तीय सेवाओं के क्षेत्रों में लिकटेंस्टाइन की विशेषज्ञता को भारत के कुशल कार्यबल, विनिर्माण क्षमता और तेजी से बढ़ते बाजार के साथ जोड़कर हम परस्पर लाभकारी साझेदारी विकसित कर सकते हैं।
दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि भारत और लिकटेंस्टाइन के बीच घनिष्ठ सहयोग से दोनों देशों की जनता को व्यापक लाभ हो सकता है। उन्होंने इस बात पर भी सहमति जताई कि यह यात्रा दोनों देशों के बीच संबंधों को और सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण योगदान देगी।
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