एराइज़ सिटीज़ फोरम का दूसरा संस्करण आज नई दिल्ली स्थित इंडिया हैबिटेट सेंटर में शुरू हुआ। दो दिवसीय इस फोरम का आयोजन आईसीएलईआई साउथ एशिया द्वारा, राष्ट्रीय शहरी मामलों संस्थान (एनआईयूए) के सहयोग से तथा भारत सरकार के आवास और शहरी कार्य मंत्रालय के समर्थन से किया जा रहा है।
“भारत से अंताल्या तक — प्रतिबद्धता। क्रियान्वयन। परिणाम” विषय पर आयोजित इस फोरम में तीन तकनीकी प्लेनरी सत्र और 14 तकनीकी सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। ये सत्र ग्लोबल साउथ क्षेत्र की स्थानीय सरकारों के शहरी लचीलेपन, सततता तथा समान और निम्न-कार्बन विकास को आगे बढ़ाने के अनुभवों पर केंद्रित हैं। इन चर्चाओं से ‘स्थानीय कार्यवाही द्वारा वैश्विक जलवायु लक्ष्यों हेतु दिल्ली घोषणा 2026’ का निर्माण होगा, जिसे 28 अक्टूबर 2026 को फोरम में अपनाया जाएगा और तुर्किये के अंताल्या में आयोजित होने वाले COP31 में प्रस्तुत किया जाएगा।
फोरम के उद्घाटन समारोह में भारत सरकार के आवास और शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, यूएन वुमन इंडिया की देश प्रतिनिधि शोको इशिकावा, राष्ट्रीय शहरी मामलों संस्थान की निदेशक डॉ. देबोलीना कुंडू, आईसीएलईआई के महासचिव जीनो वैन बिगिन तथा आईसीएलईआई के उप महासचिव एवं आईसीएलईआई साउथ एशिया के कार्यकारी निदेशक एमानी कुमार उपस्थित रहे।
इस अवसर पर भारत की कोच्चि की माननीय मेयर अधि. मिनिमोल वी.के., मालदीव के फुवाहमुलाह के माननीय मेयर इस्माइल रफीक, नेपाल के करजन्हा के माननीय मेयर भोला पोखरेल तथा भूटान के समद्रूप जोंगखर के माननीय मेयर थिनले नामगे भी उपस्थित थे। ये प्रतिनिधि दक्षिण एशिया भर के शहरी नेतृत्व का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
आवास और शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने फोरम के पहले संस्करण के बाद हासिल प्रगति की सराहना करते हुए भारत की जलवायु प्रतिबद्धताओं की पूर्ति और विकसित भारत 2047 के दृष्टिकोण को साकार करने हेतु शहरों के सतत विकास के लिए सामूहिक प्रयासों का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “संकल्प से योजना तक, योजना से क्रियान्वयन तक और क्रियान्वयन से परिणामों तक — यही हमारे कार्य करने का तरीका होना चाहिए। हमारा लक्ष्य ऐसे शहर बनाना है, जहाँ विकास समाज के हर वर्ग तक पहुँचे और आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर अवसर सृजित करे।”
लैंगिक संवेदनशील और समावेशी शहरी विकास की आवश्यकता पर बल देते हुए यूएन वुमन इंडिया की देश प्रतिनिधि शोको इशिकावा ने कहा, “भारत में हमारे प्रयासों से प्राप्त सीखों के आधार पर तीन प्राथमिकताएँ हैं: शहरी नियोजन, जलवायु नीतिया और निवेश में लैंगिक समानता को समाहित करना; ऐसे शहरी अवसंरचना और सेवाओं में निवेश करना जो महिलाओं की सुरक्षा, गतिशीलता और आर्थिक भागीदारी को सुदृढ़ करें; तथा शहरी जलवायु कार्रवाई में महिलाओं के नेतृत्व और जवाबदेहिता को संस्थागत रूप देना।” उन्होंने कहा कि यूएन वुमन एराइज़ सिटीज़ फोरम के साथ इस एजेंडे को आगे बढ़ाने हेतु कार्य करने के लिए तत्पर है, ताकि महिलाएँ और बालिकाएँ कल के शहरों के निर्माण में योगदान दे सकें।
राष्ट्रीय शहरी मामलों संस्थान की निदेशक डॉ. देबोलीना कुंडू ने कहा कि इस वर्ष के फोरम का विषय, “भारत से अंताल्या तक — प्रतिबद्धता, क्रियान्वयन, परिणाम,” जलवायु प्रतिबद्धताओं से कार्रवाई की ओर बढ़ने की तात्कालिकता को दर्शाता है। उन्होंने कहा, “जब हम COP31 की ओर देख रहे हैं, तो यह महत्वपूर्ण है कि हमारे शहरों से उभरने वाले अनुभव, प्राथमिकताएँ और समाधान राष्ट्रीय तथा वैश्विक जलवायु चर्चाओं में अधिक मजबूत स्थान पाएँ।”
आईसीएलईआई के महासचिव जीनो वैन बिगिन ने भी शहरी स्थानीय सरकारों की क्षमता का उल्लेख करते हुए कहा, “शहर नवोन्मेषी समाधान विकसित कर रहे हैं, प्रभावी साझेदारियाँ बना रहे हैं और अधिक लचीले, समावेशी तथा सतत भविष्य के मार्ग प्रदर्शित कर रहे हैं। उनके अनुभवों और प्राथमिकताओं की संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन (UNFCCC) के COP जैसी वैश्विक प्रक्रियाओं में अधिक प्रबल आवाज़ होनी चाहिए, और एराइज़ सिटीज़ फोरम इसी उद्देश्य की प्राप्ति का प्रयास करता है।”
आईसीएलईआई के उप महासचिव एवं आईसीएलईआई साउथ एशिया के कार्यकारी निदेशक एमानी कुमार ने फोरम के उद्देश्य पर बल देते हुए कहा, “एराइज़ सिटीज़ फोरम का उद्देश्य ग्लोबल साउथ की आवाज़ों को प्रबल करना है, ताकि वे ‘भारत से अंताल्या तक’ सुनी जा सकें। हम दिल्ली घोषणा को, जो हमारे सामूहिक प्रयासों का प्रमुख परिणाम और मजबूत स्थानीय जलवायु कार्रवाई हेतु साझा आह्वान है, COP31 के वैश्विक मंच तक ले जाएँगे, ताकि हमारे शहरों और शहरी हितधारकों के दृष्टिकोण तथा प्राथमिकताओं को स्पष्ट रूप से सुना जा सके।”
कैप्शन–ग्लोबल साउथ में सतत, समान और लचीले शहरों को आगे बढ़ाना: एराइज़ सिटीज़ फोरम 2026 के पहले दिन की प्रमुख बातें
एराइज़ सिटीज़ फोरम 2026 के पहले दिन दो प्लेनरी सत्र और आठ तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। शहर सरकारों, राज्य-स्तरीय निकायों, दूतावासों, संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों, विकास संस्थानों और विशेषज्ञों के उच्च-स्तरीय प्रतिनिधियों की भागीदारी वाली इन चर्चाओं में निम्नलिखित विषय शामिल थे:
वैश्विक जलवायु प्रतिबद्धताओं को जमीनी स्तर पर मापनीय कार्रवाई में बदलने हेतु बहु-स्तरीय कार्रवाई को सुदृढ़ करने की आवश्यकता,
शहरों में जलवायु-लचीला जल प्रबंधन और सतत ऊर्जा संक्रमण,
शहरी जैव विविधता और प्रकृति-सकारात्मक शहरों को बढ़ावा देना,
मनोरंजन और संस्कृति को व्यवस्थागत शहरी लचीलेपन हेतु कार्यान्वयन योग्य साधन के रूप में स्थापित करना,
लचीले तटीय शहरों और समुदायों के निर्माण, तथा
जलवायु-लचीली शहरी नियोजन में जन स्वास्थ्य तथा बाल- और युवा-केंद्रित पहलों को समाहित करना।
फोरम के पहले दिन ‘यूथ फॉर क्लाइमेट हैकाथॉन 2.0’ के विजेताओं को ऋतु ठाकुर स्मृति पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया। इस हैकाथॉन में दक्षिण एशिया के देशों के युवा नवोन्मेषियों से ‘कार्य-उन्मुख संक्रमण: चक्रीय शहरों हेतु लचीले, विस्तार योग्य और समावेशी समाधानों का क्रियान्वयन’ विषय पर समाधान आमंत्रित किए गए थे।
इसके अतिरिक्त, ग्लोबल बिल्डिंग्स परफॉरमेंस नेटवर्क (जीबीपीएन) और आईसीएलईआई साउथ एशिया के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) का आदान-प्रदान भी किया गया।
एराइज़ सिटीज़ फोरम के पहले दिन लॉन्च हुई पहल
27 अक्टूबर को उद्घाटन एवं तकनीकी सत्रों में निम्नलिखित कदमों का शुभारंभ किया गया:
सतत शहरी गतिशीलता एवं एकीकृत परिवहन केंद्र (शिखर सम्मेलन)
जलवायु लचीले शहरों में निवेश — राज्य-स्तरीय परियोजना पाइपलाइन: गुजरात, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना संबंधी रिपोर्ट
लैंगिक समानता और संवेदनशील परिवहन को समाहित करना — भारत में लैंगिकता और गतिशीलता पर केस स्टडी संकलन
एकीकृत नियोजन और अवसंरचना विकास सक्षम करने हेतु निधि जुटाने संबंधी केस स्टडी संकलन
सार्वजनिक बस परिवहन प्रणालियों में लैंगिक समानता हेतु नीति ढाँचा
प्रकृति-आधारित समाधानों के उपयोग द्वारा नहर पुनर्स्थापन हेतु दिशानिर्देश
यूनिसेफ इंडिया के सहयोग से ‘बच्चों के स्वास्थ्य हेतु प्रारंभिक कार्रवाई
(ईएसीएच): ऊष्मा लचीलेपन और स्वच्छ वायु की ओर’ परियोजना का पोस्टर
आईसीएलईआई साउथ एशिया की वार्षिक रिपोर्ट 2025–26
फोरम 28 अक्टूबर को भी जारी रहेगा, जिसमें एक प्लेनरी सत्र, छह तकनीकी सत्र और समापन समारोह आयोजित होगा। समापन समारोह में ‘स्थानीय कार्रवाई द्वारा वैश्विक जलवायु लक्ष्यों हेतु दिल्ली घोषणा 2026’ अपनाई जाएगी और उसे COP31 जलवायु चैंपियन तथा ज़ीरो वेस्ट फाउंडेशन के अध्यक्ष सामेद आगिरबाश को सौंपी जाएगी। यह घोषणा एराइज़ सिटीज़ फोरम की सामूहिक प्रतिबद्धताओं और शहरी प्राथमिकताओं को COP31, अंताल्या तक ले जाने में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर होगी, जिससे वैश्विक जलवायु मंच पर ग्लोबल साउथ के शहरों की उपस्थिति सुदृढ़ होगी।
एराइज़ सिटीज़ फोरम 2026 और इसके कार्यक्रम की अधिक जानकारी के लिए कृपया देखें: https://arisecitiesforum.org/
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