मुख्यालय एकीकृत रक्षा स्टाफ (एचक्यू आईडीएस) के तत्वावधान में सेंटर फॉर ज्वाइंट वारफेयर स्टडीज (सीईएनजेओडब्ल्यूएस) द्वारा साइबर-इनेबल्ड कॉग्निटिव वॉरफेयर विषय पर आयोजित दो दिवसीय संगोष्ठी का शुभारंभ 02 नवंबर, 2026 को नई दिल्ली में हुआ। इस संगोष्ठी का उद्देश्य साइबर अभियानों, एआई, सूचना प्रभाव तथा मानव संज्ञान के परस्पर अभिसरण से उत्पन्न हो रही उभरती सुरक्षा चुनौतियों पर विचार-विमर्श करना है। इसमें विशेष रूप से भारत के बदलते सुरक्षा परिदृश्य में उभरते खतरों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
संगोष्ठी में आयोजित सत्रों में साइबर-इनेबल्ड कॉग्निटिव वॉरफेयर के परिदृश्य और भारत के बदलते खतरे के स्वरूप, सूचना परिवेश को प्रभावित करने वाले कारकों, माध्यमों और आख्यानों सहित प्रभाव अभियानों की कार्यप्रणाली पर विशेष रूप से चर्चा की गई। विचार-विमर्श के दौरान सैन्यकर्मियों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को निशाना बनाने के मुद्दे के साथ-साथ साइबर प्रौद्योगिकियों, एआई और डिजिटल माध्यमों से किए जाने वाले दुष्प्रभावी हेरफेर के बढ़ते अंतर्संबंधों पर भी विचार किया गया। चर्चाओं में उभरते खतरों की व्यापक समझ विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया गया। जिसमें इन खतरों के तकनीकी पहलुओं से आगे बढ़कर उनके मनोवैज्ञानिक, संस्थागत और सामाजिक प्रभावों को भी समझने पर जोर दिया गया।
इस संगोष्ठी में वरिष्ठ सैन्य नेतृत्व, सरकारी अधिकारी, सामरिक मामलों के विशेषज्ञ, राजनयिक, शिक्षाविद्, प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ और मीडिया प्रतिनिधि एक साथ एकत्रित हुए हैं। यह संगोष्ठी साइबर-इनेबल्ड कॉग्निटिव वॉरफेयर की चुनौतियों और इसके निहितार्थों पर विचार-विमर्श के लिए एक बहुविषयक मंच प्रदान करती है।
इस संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र में रक्षा साइबर एजेंसी के महानिदेशक रियर एडमिरल संजय सचदेवा, सीईएनजेडोब्ल्यूएस के महानिदेशक, सेवानिवृत्त मेजर जनरल अशोक कुमार, राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा समन्वयक श्री नवीन कुमार सिंह, नौसेना स्टाफ के उप प्रमुख वाइस एडमिरल ए.एन. प्रमोद, तथा चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी के अध्यक्ष के एकीकृत रक्षा स्टाफ प्रमुख एयर मार्शल तेजिंदर सिंह ने भाग लिया।
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