कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय के अंतर्गत पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग (डीओपीपीडब्ल्यू) ने, 'राष्ट्रव्यापी डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र (डीएलसी) अभियान-5' के हिस्से के रूप में, 2 नवंबर 2026 को नई दिल्ली के एनडीसीसी सम्मेलन केंद्र में भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के सहयोग से एक विशाल शिविर का आयोजन किया। इस शिविर में पेंशनभोगियों और वरिष्ठ नागरिकों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। इसका मुख्य उद्देश्य तकनीक-आधारित, सुलभ और पेंशनभोगी-अनुकूल सेवाओं के माध्यम से डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की प्रक्रिया को आसान बनाना था।
उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए, डीओपीपीडब्ल्यू की सचिव सुश्री निवेदिता शुक्ला वर्मा ने कहा कि पेंशनभोगियों का डिजिटल सशक्तिकरण, सरकार की जीवन को आसान बनाने की प्रतिबद्धता का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। सचिव महोदया ने इस बात पर बल दिया कि तकनीकी प्रगति, विशेष रूप से 'फेस ऑथेंटिकेशन' यानी चेहरे से पहचान की प्रक्रिया ने जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की प्रक्रिया को पूरी तरह बदल दिया है। अब पेंशनभोगी बैंकों या अन्य कार्यालयों में जाए बिना, अपने स्मार्टफोन के जरिए खुद ही अपना डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र बना सकते हैं।
सचिव महोदया ने इस पहल में एसबीआई के महत्वपूर्ण योगदान की भी सराहना की। उन्होंने बताया कि पिछले साल के अभियान के दौरान, बैंक ने लगभग 25 लाख डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र बनवाने में सहायता की थी।
मौजूदा अभियान के तहत, एसबीआई 115 शहरों में विशेष डीएलसी शिविर आयोजित कर रहा है और अपनी शाखाओं तथा समर्पित सहायता टीमों के माध्यम से लोगों की मदद कर रहा है। बैंक ने अपने पेंशनभोगियों तक पहुंच बढ़ाने और उन्हें डिजिटल सेवाओं से जोड़ने के लिए कई कदम उठाए हैं। इसमें उन शाखाओं में विशेष व्यवस्था करना भी शामिल है, जहां पेंशनभोगियों की संख्या अधिक है।
डीओपीपीडब्ल्यू के संयुक्त सचिव श्री ध्रुवज्योति सेनगुप्ता ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए सभी पेंशनभोगियों से इस अभियान के अंतर्गत उपलब्ध सुविधाओं का लाभ उठाने का आग्रह किया किया। उन्होंने अन्य पेंशनभोगियों को भी डिजिटल सेवाओं को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने को कहा, ताकि पेंशन वितरण प्रणाली को और अधिक सुलभ, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाया जा सके।
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