केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज देहरादून में उत्तराखंड पुलिस को राष्ट्रपति निशान (President’s Colour) प्रदान किया। इस अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
राष्ट्रपति निशान अलंकरण समारोह को संबोधित करते हुए केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि राष्ट्रपति निशान प्राप्त होने पर उत्तराखंड पुलिस को बधाई देते हुए कहा कि उत्तराखंड पुलिस देश का 16वाँ ऐसा बल बन गया है, जिसे यह सर्वोच्च सम्मान मिला है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की स्थापना से लेकर अब तक के 25 वर्षों में उत्तराखंड पुलिस में काम कर चुके, वर्तमान में सेवारत और सेवानिवृत जवानों और अधिकारियों के लिए यह अत्यंत गौरव का क्षण है। श्री शाह ने कहा कि “कर्म सत्यं शौर्यम्” — इन तीन सूत्रों को उत्तराखंड पुलिस के जवानों और अधिकारियों ने न केवल अपना आदर्श माना, बल्कि अपने जीवन और कर्तव्य का आधार भी बनाया। इन्हीं मूल्यों के बल पर उत्तराखंड पुलिस ने इतने कम समय में राष्ट्रपति निशान प्राप्त करने का गौरव हासिल किया।
श्री अमित शाह ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड प्राकृतिक सौंदर्य से रचा-बसा है। यहाँ की बर्फीली चोटियाँ, सुंदर झीलें, घने वन, एलिफेंट सफारियाँ तथा माँ गंगा और यमुना का उद्गम स्थल विश्व भर के पर्यटकों को आकर्षित करता है। साथ ही, यहाँ भगवान बद्रीनाथ स्वयं विराजमान हैं, बाबा केदारनाथ हमारी रक्षा करते हैं और गंगोत्री तथा यमुनोत्री से निकली ये दोनों लोकमाताएँ करोड़ों लोगों के जीवन में समृद्धि लाने के साथ उन्हें आध्यात्मिक ऊँचाइयां भी दिलाती हैं। श्री शाह ने कहा कि सिखों के दसवें गुरु द्वारा वर्णित हेमकुंड साहिब न केवल सिख अनुयायियों के लिए, बल्कि सभी यात्रियों के लिए बड़ा आकर्षण का केंद्र है। इतने सारे तीर्थ स्थानों के साथ प्रतिष्ठित कुंभ मेला, हर वर्ष होने वाली चार धाम यात्रा, हेमकुंड साहिब और कैंची धाम में आने वाले लाखों यात्रियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी उत्तराखंड पुलिस के जवानों पर है। गृह मंत्री ने कहा कि वह उस प्रदेश से आते हैं, जहाँ से सबसे अधिक यात्री देवभूमि आते हैं, फिर भी उन्होंने अपने प्रदेश के किसी यात्री से उत्तराखंड पुलिस के बारे में कभी कोई शिकायत नहीं सुनी, जो राज्य की पुलिस के लिए और हम सभी के लिए गौरव का विषय है।
केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि किसी भी बल के लिए राष्ट्रपति निशान प्राप्त करना अत्यंत गौरव का क्षण होता है। उन्होंने कहा कि आज हम सभी ने अनेक उमंगों और आशाओं के साथ, पूरे उत्तराखंड के नागरिकों तथा देश भर से यहाँ आने वाले लोगों को सुरक्षा का विश्वास दिलाने की भावना से इस पल को महसूस किया है। किंतु इस पल के आने से पहले उत्तराखंड पुलिस के 206 वीर जवानों ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। श्री शाह ने कहा कि हम नम आँखों से उन जवानों को न केवल श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं, बल्कि अपनी कृतज्ञता भी व्यक्त करते हैं। उनकी साधना, अनुशासन और शौर्य के साथ-साथ वर्तमान में कार्यरत साथियों की सेवा, त्याग, अटूट समर्पण, निरंतर कर्तव्यनिष्ठा, उत्कृष्ट पेशेवरता और अनुशासन के बल पर ही आज उत्तराखंड पुलिस देश की 16वीं पुलिस बल बन गई है, जिसे राष्ट्रपति निशान प्राप्त हुआ है।
गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि 13,000 जवानों से बढ़कर 26,000 से अधिक कार्मिकों तक पहुँचने वाली उत्तराखंड पुलिस की यह यात्रा काफ़ी कठिन रही है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड कई प्रकार की प्राकृतिक आपदाओं से लड़ता और जूझता आया है। बड़ी-बड़ी कुदरती आपदाओं ने राज्य को हमेशा संघर्ष के लिए मजबूर किया है। फिर भी उत्तराखंड पुलिस का जवान, चाहे एसडीआरएफ के रूप में हो या नियमित पुलिस बल के रूप में, जंगलों की आग से लेकर भूस्खलन, तथा सुरंगों में फँसे मजदूरों तक, हर प्रकार की आकस्मिक आपदा का डटकर सामना करता रहा है। उन्होंने कहा कि बढ़ती हुई जनसंख्या और हर महीने लाखों यात्रियों के निरंतर आवागमन का बोझ उत्तराखंड पुलिस ने बहुत कुशलता से संभाला है। श्री शाह ने कहा कि किसी भी दुर्गम क्षेत्र में फँसे व्यक्ति तक यदि कोई सबसे पहले पहुँचता है, तो वह या तो आईटीबीपी का जवान होता है या उत्तराखंड पुलिस का जवान। इसी विश्वास और हौसले के कारण करोड़ों श्रद्धालु यहाँ आने का साहस करते हैं। उन्होंने कहा कि सिलक्यारा सुरंग में फँसे श्रमिकों का बचाव, तथा धराली, थराली, स्यानचट्टी, मालदेवता जैसी कई आपदाओं में उत्तराखंड पुलिस ने अदम्य शौर्य का परिचय दिया है।
श्री अमित शाह ने कहा कि उत्तराखंड की एक बहुत बड़ी समस्या चोटियों पर और सीमावर्ती क्षेत्रों में बसे गांवों से हो रहे पलायन की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने इस समस्या के समाधान के लिए वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम शुरू किया है। केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) के साथ कंधे से कंधा मिलाकर उत्तराखंड पुलिस भी इस कार्यक्रम के सभी मानकों को पूरा करने के लिए पूरे समर्पण भाव से कार्यरत है। उन्होंने कहा कि इसका परिणाम यह हुआ है कि कम से कम 50 ऐसे गांव हैं, जहाँ पलायन की जगह आबादी पुनः बसने लगी है और यह हमारे लिए आशा की किरण है।
केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि नवीन न्याय संहिताओं को लागू करने में देश में यदि सबसे अधिक परिश्रम कहीं किया गया है, तो वह उत्तराखंड में ही किया गया है। उन्होंने उत्तराखंड सरकार की ओर से राज्यवासियों को विश्वास दिलाया कि मई 2027 के बाद जो भी एफआईआर दर्ज होगी, उसके आरोपियों को तीन वर्षों के भीतर सजा दिलाने का काम उत्तराखंड पुलिस पूरा करेगी। उन्होंने कहा कि तारीख पर तारीख के चक्कर से अब देवभूमि के निवासियों को निजात मिलेगी। इसके लिए उत्तराखंड पुलिस ने न केवल प्रशासनिक ढाँचे में बदलाव किया है, बल्कि कई अधिसूचनाएँ भी जारी की हैं। फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी और फोरेंसिक विज्ञान को पुलिस ने पूरी तरह आत्मसात किया है। कम्प्यूटरीकरण को जमीन पर उतारा गया है। सीसीटीएनएस/आईसीजेएस 2.0 डैशबोर्ड में 93.46 के उत्कृष्ट स्कोर के साथ उत्तराखंड पुलिस ने राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया है। जेलों, न्यायालयों, एफएसएल, अभियोजन और पुलिस को इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से जोड़ा गया है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले दिनों में शीघ्र न्याय मिलने में उत्तराखंड की जनता के सामने कोई बाधा नहीं रहेगी।
श्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में देश नक्सलवाद से मुक्त हुआ है। पाँच दशक पुरानी इस समस्या से कई राज्यों की पुलिस तथा सीआरपीएफ, आईटीबीपी, बीएसएफ और एसएसबी ने मिलकर मुक्ति दिलाई है। लाखों लोगों ने अपनी जान गंवाई है। उन्होंने कहा कि 30 मार्च 2026 को उन्होंने संसद में घोषणा की थी कि आज से यह देश नक्सल-मुक्त है और यह हम सभी के लिए आनंद का विषय है, किंतु यहाँ हमें आलस्य करने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि हम विराम नहीं ले सकते, क्योंकि देश के सामने एक और गंभीर समस्या खड़ी है – नशे की समस्या। नशा-मुक्त भारत बनाना हमारा संकल्प है। उन्होंने कहा कि हमने तय किया है कि 31 दिसंबर 2029 तक भारत पूरी तरह नशा-मुक्त हो जाएगा और नशे का व्यापार करने वालों को जेल की सलाखों के पीछे धकेल दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि नशा-मुक्त भारत के संकल्प को पूरा करने की दिशा में भी उत्तराखंड पुलिस ने बहुत अच्छा कार्य किया है। जिस प्रकार सीसीटीएनएस, आईसीजेएस 2.0 तथा एनसीआरबी डैशबोर्ड में 93.46 प्रतिशत प्राप्त करके उत्तराखंड पुलिस ने देश की सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली पुलिस बलों में अपना स्थान बनाया है, उसी प्रकार नशा-मुक्त भारत और साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में भी उसने उत्कृष्ट कार्य किया है। उन्होंने कहा कि नशा-मुक्त भारत का संकल्प तीन वर्ष की योजना है और हमें विश्वास है कि तीन वर्षों में हम नशा-मुक्त देवभूमि का संकल्प भी पूरा कर लेंगे।
केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि विश्व की सबसे ऊँची चोटी माउंट एवरेस्ट पर सफलतापूर्वक आरोहण करने वाली देश की पहली राज्य पुलिस बनने का सम्मान भी उत्तराखंड पुलिस को प्राप्त है। वर्ल्ड पुलिस एंड फायर गेम्स में 37 पदक अर्जित करके उत्तराखंड पुलिस ने अच्छा प्रदर्शन किया है। उन्होंने उत्तराखंड पुलिस का आह्वान किया कि वह गुजरात के गांधीनगर में प्रस्तावित अगले वर्ल्ड पुलिस एंड फायर गेम्स में पदक तालिका में सबसे ऊपर रहे और सभी रिकॉर्ड तोड़े।
श्री अमित शाह ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड दिन दूनी रात चौगुनी प्रगति कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रगति के साथ ही सुरक्षा की हमारी जिम्मेदारी बढ़ जाती है। हम विश्व और देश भर से पर्यटकों को यहाँ लाना चाहते हैं और वे आते भी हैं, इसलिए हमारा दायित्व और अधिक है। उन्होंने कहा कि हम औद्योगिक निवेश चाहते हैं, जिससे उत्तराखंड के युवाओं को राज्य के बाहर पलायन न करना पड़े। इसकी वजह से भी सुरक्षा का हमारा दायित्व बढ़ जाता है। श्री शाह ने कहा कि मोदी सरकार का संकल्प है कि हर नागरिक को तीन वर्षों में न्याय मिले और इसे ध्यान में रखते हुए भी उत्तराखंड पुलिस का दायित्व बढ़ जाता है। उन्होंने विश्वास जताया कि उत्तराखंड पुलिस को प्राप्त हुआ राष्ट्रपति निशान इस पुलिस बल का हौसला बढ़ाएगा और हमारे संकल्प में नई जान फूँकेगा।
गृह मंत्री ने देशवासियों, विशेष रूप से उत्तराखंडवासियों, को धनतेरस तथा दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ भी दी।
