केन्द्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार से समर्थन प्राप्त डब्ल्यूडब्ल्यूएफ- इंडिया के ईआईएसीपी प्रोग्राम सेंटर- रिसोर्स पार्टनर ने दिल्ली-एनसीआर के लोगों से पटाखा- मुक्त ग्रीन दिवाली मनाने और हवा को साफ और शुद्ध रखने में मदद करने की अपील की है। यह अपील देश भर में चलाए गए ग्रीन दिवाली अभियान के अंतर्गत की गई है। मिशन लाइफ (लाइफस्टाइल फॉर एनवायरनमेंट) के तहत 20 अक्टूबर से 8 नवम्बर 2026 तक यह अभियान चलाया गया जिसमें 24 राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों में राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीएपी) में शामिल 130 शहरों पर विशेष ध्यान केन्द्रित किया गया।
केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार दिल्ली की हवा की गुणवत्ता 'बहुत खराब' श्रेणी में है और वायु गुणवत्ता चेतावनी प्रणाली के पूर्वानुमानों के अनुसार त्योहार के दिनों में हवा की गुणवत्ता 'गंभीर' श्रेणी में आ सकती है। एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) पूरे क्षेत्र में ग्रेडेड रिसपॉन्स एक्शन प्लान (जीआरएपी) के तहत उपाय लागू कर रहा है जिससे वायु की गुणवत्ता और खराब न हो। दिल्ली-एनसीआर के लोगों से इन प्रयासों का समर्थन करने और लागू किए जा रहे उपायों का पालन करने का आग्रह किया गया है।
डब्ल्यूडब्ल्यूएफ- ईआईएसीपी ने हरेक नागरिक को स्वच्छ हवा अच्छे स्वास्थ्य और प्रदूषण मुक्त पर्यावरण बनाने में अपनी भूमिका निभाने के लिए ग्रीन दिवाली संकल्प लेने के लिए आमंत्रित किया है।
ग्रीन दिवाली मनाने के लिए उसने सरल कदम भी बताए हैं जो इस तरह से हैं :
पर्यावरण के अनुकूल दीयों और मोमबत्तियों का चुनाव करें: पारंपरिक मिट्टी के दीयों और पर्यावरण के अनुकूल मोमबत्तियों का उपयोग करें, और बहुत अधिक ऊर्जा की खपत से बचें।
प्रकृति अनुकूल उपहार दें: स्थानीय स्तर पर बने, पर्यावरण के अनुकूल उपहार चुनें, जिनमें पैकेजिंग कम से कम हो।
पटाखों को ना कहें: वायु और ध्वनि प्रदूषण को कम करने और लोगों के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए पटाखों से बचें।
प्राकृतिक तरीके से सजावट करें: फूलों की पंखुड़ियों, चावल के आटे और हल्दी जैसी प्राकृतिक चीजों से रंगोली बनाएं, और पुरानी चीजों को नया रूप देकर (डीआईवाई) सजावट करने की कोशिश करें।
कचरा कम पैदा करें: सिंगल-यूज़ प्लास्टिक का इस्तेमाल न करें, सजावट की चीजों को दोबारा इस्तेमाल करें, और रीसाइक्लिंग के लिए कचरे को अलग-अलग छांटें।
सामुदायिक कार्यक्रम आयोजित करें: सामूहिक कदमों को बढ़ावा देने के लिए पौधारोपण अभियान, आस-पड़ोस की सफाई और पर्यावरण जागरूकता वॉक जैसे कार्यक्रम आयोजित करें।
नेक काम के लिए दान करें: जरूरतमंद लोगों को पुराने कपड़े और घर का ऐसा सामान दान करें जो काम का है लेकिन आपके इस्तेमाल में नही आ रहा है; इससे चीजों का दोबारा इस्तेमाल होगा और कचरा कम होगा।
पर्यावरण के अनुकूल आवागमन अपनाएं: त्योहारों के दौरान आने-जाने के लिए पैदल चलें, साइकिल का इस्तेमाल करें या सार्वजनिक या साझा परिवहन (पब्लिक या शेयर्ड वाहन) का उपयोग करें।
हवा की गुणवत्ता पर नजर रखें: केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के 'समीर' (SAMEER) ऐप पर रोजाना वायु गुणवत्ता सचकांक (एक्यआई) देखें और जब हवा की गुणवत्ता खराब हो तो बाहर जाने से बचें।
नागरिकों को डब्ल्यूडब्ल्यूएफ-इंडिया के 'कार्बन फुटप्रिंट सर्वे' (https://wwfindiawebgis.in/Carbon_Footprint/Carbon_Footprint.html) में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया गया है, ताकि पर्यावरण पर वे अपने कदमों के प्रभाव को समझ सकें और प्रकृति के प्रति अधिक अनुकूल आदतें अपना सकें। इसके अलावा इसमें शामिल होने वाले संस्थानों और समूहों को अपनी गतिविधियों की जानकारी ऑनलाइन फॉर्म
https://docs.google.com/forms/d/15hDbjbqZzeo68kNjAxeHQA_SMIQ7lUlPdvCIi-gvwdY/viewform
के माध्यम से साझा करने का आग्रह किया गया है। जानकारी देते समय संस्थान या संगठन का नाम और स्थान, गतिविधि का विवरण और तारीख, संकल्प लेने वाले प्रतिभागियों की संख्या, जियो-टैग की गई तस्वीरें और संक्षिप्त रिपोर्ट शामिल होनी चाहिए। चुनी गई प्रविष्टियों को ईआईएसीपी की वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रदर्शित किया जा सकता है।
