केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज अहमदाबाद में एक उच्च स्तरीय बैठक में गुजरात में कानून-व्यवस्था एवं आंतरिक सुरक्षा की स्थिति की समीक्षा की।
बैठक में गुजरात के मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल, उपमुख्यमंत्री श्री हर्ष संघवी, केन्द्रीय गृह सचिव, गृह मंत्रालय एवं अधीनस्थ कार्यालयों के वरिष्ठ अधिकारी तथा राज्य के गृह विभाग और संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में सीमावर्ती एवं तटीय सुरक्षा, नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन, मादक पदार्थों की तस्करी, साइबर अपराध, आतंकवाद, अवैध प्रवासियों तथा आपदा प्रबंधन से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने गुजरात की लगभग 2,340 किलोमीटर लंबी तटरेखा और पाकिस्तान के साथ अंतरराष्ट्रीय सीमा को देखते हुए सीमा एवं तटीय निगरानी मजबूत करने तथा सीमा सुरक्षा बल (BSF), राज्य पुलिस, तटरक्षक बल और केंद्रीय एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
श्री अमित शाह ने नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन में गुजरात के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि राज्य में 60 दिनों में 92 प्रतिशत तथा 90 दिनों में 86 प्रतिशत आरोप-पत्र दाखिल किए गए हैं। गृह मंत्री ने 25,000 से अधिक लंबित फॉरेंसिक मामलों के निस्तारण के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध केवल छोटे तस्करों तक सीमित न रहते हुए पूरे ड्रग नेटवर्क और उसके मुख्य सरगनाओं के विरुद्ध कार्रवाई की जाए तथा अवैध संपत्तियों को जब्त करने के लिए वित्तीय जाँच को प्राथमिकता दी जाए।
श्री अमित शाह ने साइबर अपराधों से निपटने के लिए S4C एवं 1930 हेल्पलाइन की क्षमता बढ़ाने, आतंकवाद विरोधी एजेंसियों को मजबूत करने तथा अवैध विदेशी नागरिकों की पहचान और नियमानुसार निर्वासन की कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष अभियानों के तहत 2,412 अवैध विदेशी नागरिकों के निर्वासन की सराहना की।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने आपदा प्रबंधन, अग्नि सुरक्षा, अहमदाबाद शहरी बाढ़ प्रबंधन परियोजना तथा शत्रु संपत्तियों के सर्वेक्षण एवं निस्तारण में तेजी लाने पर भी जोर दिया।
बैठक के अंत में केंद्रीय गृह मंत्री ने केंद्र एवं राज्य की सभी एजेंसियों को बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने तथा निर्धारित लक्ष्यों की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने सुरक्षित, विकसित एवं नशामुक्त गुजरात के माध्यम से सुरक्षित भारत के निर्माण के संकल्प पर बल दिया।
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