केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण ने खतरनाक तथा नियमन के अधीन विस्फोटक पदार्थों की डिजिटल बिक्री और विज्ञापन पर कार्रवाई शुरू की है। उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019, ई-कॉमर्स नियम 2020, विस्फोटक अधिनियम 1884 और अमोनियम नाइट्रेट नियम 2012 के तहत प्राधिकरण ने अमोनियम नाइट्रेट, बारूद, पिक्रिक एसिड तथा पीईटीएन की ऑनलाइन ऑनलाइन सूचीबद्धता पर चिंता जताई है। कार्रवाई का उद्देश्य ऑनलाइन बाजार में सुरक्षा और नियमों का पालन सुनिश्चित करना है।
विस्फोटक अधिनियम 1884 तथा संबंधित नियमों के अंतर्गत इन पदार्थों की बिक्री पर नियंत्रण लागू होता है। लेन-देन के लिए नियमानुसार लाइसेंस आवश्यक है। ऑनलाइन ऑनलाइन मंचों को विक्रेता के पीईएसओ लाइसेंस की जानकारी दिखाने और खरीदारी करने वाले व्यक्ति की पहचान तथा वैध अनुमति की जांच करने को कहा गया है। सीसीपीए ने ऐसे ऑनलाइन मंचों सहित कई वेबसाइटों पर ऑनलाइन लिस्टिंग की जांच की है।
निम्न ऑनलाइन डिजिटल प्लेटफॉर्मों से खतरनाक सामग्री की ऑनलाइन बिक्री के संबंध में जानकारी ली गई:
सिग्मा-एल्ड्रिच इंडिया
एक्सपोर्टर्सइंडिया
संबंधित मंचों ने 3,940 विक्रेताओं और वस्तु सूचीकरण से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराई। प्राधिकरण के अनुसार, इन मंचों पर पहचानी गई प्रविष्टियां हटाई जा चुकी हैं।
डिजिटल प्लेटफॉर्म और संबंधित कंपनी
सूचीबद्ध विक्रेताओं का आंकड़ा
एक्सपोर्टर्सइंडिया (वेबलिंक.इन प्राइवेट लिमिटेड)
अमोनियम नाइट्रेट
एक्सपोर्टर्सइंडिया.कॉम
ट्रेडइंडिया (इन्फोकॉम नेटवर्क प्राइवेट लिमिटेड)
पिक्रिक एसिड व पीईटीएन
166 विक्रेता (210 उत्पाद लिस्टिंग)
डायल4ट्रेड / डायल4ट्रेड टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड
सिग्मा-एल्ड्रिच केमिकल्स प्राइवेट लिमिटेड (मर्क)
अमोनियम नाइट्रेट तथा पीईटीएन
कंपनी अपने उत्पाद सीधे बेचती है; मंच पर अन्य विक्रेताओं को सूचीबद्ध करने की सुविधा नहीं देती।
इंडियामार्ट इंटरमेश लिमिटेड
बारूद एवं पीईटीएन
इंडियामार्ट इंटरमेश लिमिटेड
जस्ट डायल लिमिटेड
इन मामलों में सीसीपीए ने अंतिम आदेश जारी किए हैं:
डायल4ट्रेड: अमोनियम नाइट्रेट से जुड़ी ऑनलाइन बिक्री के लिए 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।
एक्सपोर्टर्सइंडिया, वेबलिंक.इन प्राइवेट लिमिटेड: अमोनियम नाइट्रेट और पीईटीएन से जुड़े मामले में 10 लाख रुपये का आर्थिक दंड।
एक्सपोर्टर्सइंडिया पर पिक्रिक एसिड से जुड़े दूसरे मामले में 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।
1. डायल4ट्रेड टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड
सीसीपीए के आदेश के अनुसार कंपनी पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगा है। साथ ही अमोनियम नाइट्रेट और अन्य नियंत्रित विस्फोटक पदार्थों की लिस्टिंग तथा उनकी बिक्री में सहायता रोकने के निर्देश दिए गए।
कंपनी ने अधिनियम की धारा 24 के अंतर्गत एनसीडीआरसी में इस निर्णय के खिलाफ अपील की। आयोग ने 9 अक्टूबर 2026 को सुनवाई के बाद अपील निरस्त कर दी।
आदेश में अधिनियम की धारा 2(28) तथा 2(47) के अनुसार इन लिस्टिंग को भ्रामक विज्ञापन और अनुचित व्यापार व्यवहार की श्रेणी में माना गया। कंपनी को ऐसे पदार्थों की बिक्री और प्रचार से संबंधित गतिविधियां बंद करने को कहा गया।
2. एक्सपोर्टर्सइंडिया (वेबलिंक.इन प्राइवेट लिमिटेड)
विस्फोटक अधिनियम 1884 के तहत विनियमित अमोनियम नाइट्रेट और पीईटीएन की ऑनलाइन लिस्टिंग तथा बिक्री को लेकर प्राधिकरण ने कंपनी पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया।
पिक्रिक एसिड की ऑनलाइन ऑनलाइन प्रविष्टियों और उनकी बिक्री में सहायता के दूसरे मामले में 10 लाख रुपये का दंड लगाया गया। यह पदार्थ भी विस्फोटक अधिनियम 1884 के अंतर्गत नियंत्रित है।
एक्सपोर्टर्सइंडिया ने उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम की धारा 24 के अंतर्गत एनसीडीआरसी में अपील दायर की है। इन मामलों पर आगे सुनवाई होनी है।
3. इंडियामार्ट इंटरमेश लिमिटेड
इंडियामार्ट को अमोनियम नाइट्रेट, पीईटीएन, बारूद और पिक्रिक एसिड की ऑनलाइन ऑनलाइन लिस्टिंग, विज्ञापन तथा बिक्री को लेकर सीसीपीए ने कारण बताओ नोटिस जारी किया।
महानिदेशक जांच कार्यालय ने इस मामले की जांच पूरी कर रिपोर्ट कंपनी को उपलब्ध करा दी है। इंडियामार्ट ने रिपोर्ट पर अपना पक्ष प्रस्तुत किया है।
उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 की प्रक्रिया के अनुरूप कंपनी को अपना जवाब देने और सुनवाई में उपस्थित होने के कई अवसर मिले हैं।
इंडियामार्ट ने कारण बताओ नोटिस को दिल्ली उच्च न्यायालय में रिट याचिका के जरिए चुनौती दी है।
जस्टडायल लिमिटेड को अमोनियम नाइट्रेट से संबंधित ऑनलाइन विज्ञापन और बिक्री में सहायता के आरोपों पर नोटिस जारी किया गया था।
इस मामले की जांच रिपोर्ट जस्टडायल को सौंपी जा चुकी है और कंपनी ने संबंधित जवाब अधिकारियों के सामने प्रस्तुत किया है।
उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 के तहत आदेश से पहले सुनवाई का अवसर देना आवश्यक है। जस्टडायल को अब तक चार मौके मिले, जिनमें हर बार सुनवाई स्थगित करने का अनुरोध हुआ। अगली और अंतिम सुनवाई 23 अक्टूबर 2026 तय की गई है।
महानिदेशक जांच कार्यालय में निम्न मामलों की पड़ताल जारी है:
सिग्मा-एल्ड्रिच केमिकल्स प्राइवेट लिमिटेड: अमोनियम नाइट्रेट, पीईटीएन और पिक्रिक एसिड की ऑनलाइन लिस्टिंग या बिक्री सहायता से जुड़ी जांच।
ट्रेडइंडिया / इन्फोकॉम नेटवर्क प्राइवेट लिमिटेड: पिक्रिक एसिड तथा पीईटीएन की ऑनलाइन ऑनलाइन बिक्री संबंधी जांच।
आईबायकैमिकल्स: पिक्रिक एसिड से संबंधित ऑनलाइन उत्पाद प्रविष्टियों और बिक्री की जांच।
प्राधिकरण का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य उपभोक्ता सुरक्षा कानूनों का पालन सुनिश्चित करना और ऑनलाइन माध्यमों से नियंत्रित खतरनाक पदार्थों तक अनधिकृत पहुंच रोकना है।
सीसीपीए ने डिजिटल बाजारों में उपभोक्ता अधिकारों, पारदर्शिता और सुरक्षित खरीद-बिक्री को मजबूत करने तथा अनुचित व्यवहार रोकने पर जोर दिया।
पीके/केसी/आरटी/आईएम/जीआरएस
