सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय से संचालित अटल वयो अभ्युदय योजना-अव्यय के वरिष्ठ नागरिकों के लिए एकीकृत कार्यक्रम-आईपीएसआरसी के अंतर्गत पात्र संगठनों को अनुदान के रूप में वित्तीय सहायता दी जाती है। इनमें गैर-सरकारी संगठन, राज्य सरकारें, पंचायती राज संस्थाएं और स्थानीय निकाय शामिल हैं। इस सहायता का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों के लिए सुविधाएं स्थापित करना और उनका रखरखाव करना है। फिलहाल आईपीएसआरसी के अंतर्गत 764 वृद्धाश्रम, 13 सतत देखभाल गृह, 17 मोबाइल चिकित्सा इकाइयों और 3 फिजियोथेरेपी क्लीनिक को सहायता दी जा रही है।
इन सुविधाओं के माध्यम से आवासीय देखभाल और अन्य सहायता सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वरिष्ठ नागरिकों को आश्रय और देखभाल प्रदान करने पर बल दिया जाता है। कार्यक्रम के अंतर्गत मोबाइल स्वास्थ्य सेवाओं, फिजियोथेरेपी सुविधाओं और बुजुर्गों के कल्याण के लिए अन्य उपायों को भी सहायता दी जाती है। योजना के प्रावधानों के अनुसार पात्र कार्यान्वयन संगठनों को वित्तीय सहायता जारी की जाती है।
मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि वरिष्ठ नागरिकों के लिए एकीकृत कार्यक्रम के अलावा, अटल वयो अभ्युदय योजना में वरिष्ठ नागरिकों के लिए राज्य कार्य योजना-एसएपीएसआरसी और क्षेत्रीय संसाधन और प्रशिक्षण केंद्र-आरआरटीसी भी शामिल हैं। ये सभी मिलकर वरिष्ठ नागरिकों तक सेवाएं पहुंचाने और उनके कल्याण से जुड़ी संस्थाओं को मजबूत करने में मदद करते हैं।
उन्होंने कहा कि इस योजना का उद्देश्य देखभाल सेवाओं, संस्थागत सहायता और राज्य स्तर की पहलों के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों का कल्याण सुनिश्चित करना है। यह योजना विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर बुजुर्गों की विभिन्न जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आवासीय देखभाल सुविधाओं को सहायता देती है। यह बुजुर्गों की देखभाल से जुड़ी सेवाओं की क्षमता बढ़ाती है और बढ़ती उम्र से संबंधित मुद्दों पर जागरूकता तथा साक्ष्य आधारित उपायों को बढ़ावा देती है।
अधिकारी ने बताया कि क्षेत्रीय संसाधन और प्रशिक्षण केंद्र अव्यय के अंतर्गत महत्वपूर्ण संस्थागत सहायता प्रदान करते हैं। ये केंद्र आईपीएसआरसी लागू करने में विशेष भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने कहा कि योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार, प्रत्येक आरआरटीसी को सालाना 19 लाख 58 हजार रुपये की वित्तीय सहायता दी जाती है। मंत्रालय वरिष्ठ नागरिकों तक सेवाओं की पहुंच बढ़ाने, क्षमता निर्माण और सेवा वितरण को मजबूत करने के लिए इन आरआरटीसी के रूप में कार्यरत नामित गैर-सरकारी संगठनों और संस्थाओं को भी वित्तीय सहायता प्रदान करता है।
अधिकारी ने आगे बताया कि सरकार द्वारा नामित ये केंद्र, वृद्धावस्था और वरिष्ठ नागरिक कल्याण पर क्षमता निर्माण, प्रशिक्षण, अनुसंधान, दस्तावेजीकरण, जागरूकता और वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण से जुड़े मुद्दों की पैरवी के लिए क्षेत्रीय नोडल एजेंसियों के रूप में कार्य करते हैं।
आरआरटीसी आंकड़ों का आधार तैयार करने, योजनाओं की निगरानी और मूल्यांकन, परियोजनाओं का निरीक्षण तथा राज्य सरकारों, केंद्र शासित प्रदेशों और कार्यान्वयन संगठनों के साथ समन्वय के माध्यम से साक्ष्य आधारित योजना बनाने और कार्यक्रमों को लागू करने में सहायता करते हैं।
अव्यय के अंतर्गत वरिष्ठ नागरिकों के लिए राज्य कार्य योजना का उद्देश्य बुजुर्गों के कल्याण के लिए राज्य स्तर पर योजना बनाने, उसे लागू करने और क्षमता निर्माण को मजबूत करना है। इसके अंतर्गत राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को प्रशिक्षित बुजुर्ग देखभालकर्ताओं का समूह तैयार करने, मोतियाबिंद के ऑपरेशन के लिए विशेष अभियान चलाने और स्थानीय जरूरतों के अनुरूप अन्य स्वीकृत कल्याणकारी उपाय लागू करने के लिए वित्तीय सहायता दी जाती है।
स्थानीय स्तर पर नए उपायों को प्रोत्साहित करने और राज्यों की विशिष्ट जरूरतों को पूरा करने के लिए, राज्य और केंद्र शासित प्रदेश योजना के प्रावधानों के अधीन आवंटित धनराशि का 20 प्रतिशत तक हिस्सा अपने विशेष कार्यक्रमों पर खर्च कर सकते हैं। केवल अव्यय के अंतर्गत स्वीकृत मदों के लिए ही वित्तीय सहायता दी जाती है। राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों से इन पहलों के लिए उपलब्ध धनराशि के अतिरिक्त अपने संसाधनों से भी योगदान देने की अपेक्षा की जाती है।
अव्यय के विभिन्न घटक संस्थागत देखभाल, राज्य स्तर पर योजना निर्माण और क्षेत्रीय स्तर पर क्षमता निर्माण को एक साथ जोड़ते हैं। इसका उद्देश्य देश की बढ़ती बुजुर्ग आबादी की अलग-अलग जरूरतों को पूरा करना है। यह योजना देखभाल सुविधाओं के विकास और रखरखाव, स्थानीय जरूरतों के अनुरूप कल्याणकारी उपायों तथा वरिष्ठ नागरिकों के लिए कार्यक्रम लागू करने वाली संस्थाओं को सहायता देती है। इसमें बुजुर्गों को सम्मानजनक जीवन, देखभाल और कल्याणकारी सेवाओं तक बेहतर पहुंच उपलब्ध कराने पर बल दिया जाता है।
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