केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग (डीओएसईएल) ने आज हरियाणा के गुरुग्राम में विद्यांजलि – एक विद्यालय स्वयंसेवी कार्यक्रम – के माध्यम से स्कूली शिक्षा हेतु राष्ट्रीय कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) सम्मेलन का आयोजन किया। इस सम्मेलन का उद्देश्य स्कूली शिक्षा में परिवर्तन लाने के लिए सीएसआर के प्रभावी उपयोग हेतु सरकार, कॉर्पोरेट संगठनों, राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों तथा कार्यान्वयन एजेंसियों के बीच सहयोग को सुदृढ़ बनाना था।
सम्मेलन का एक महत्वपूर्ण घटक सीएसआर-राज्य संवाद था, जिसमें कॉर्पोरेट संगठनों, राज्य नोडल अधिकारियों, डीओएसईएल, कार्यक्रम प्रबंधन इकाई (पीएमयू) तथा राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस संवाद के माध्यम से सहयोग की संभावनाओं का पता लगाने, सीएसआर संगठनों एवं राज्यों के बीच नेटवर्किंग को बढ़ावा देने तथा विद्यालयों की चिन्हित आवश्यकताओं के आधार पर उनके समर्थन के लिए संभावित परियोजनाओं पर विचार-विमर्श करने का अवसर प्राप्त हुआ।
राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों ने विद्यांजलि के अंतर्गत अपने अनुभव व पहलें प्रस्तुत कीं। इस अवसर पर आंध्र प्रदेश द्वारा विद्यांजलि के कार्यान्वयन, कर्नाटक द्वारा विद्यालयों अपनाए जाने, मिजोरम द्वारा सामुदायिक सहभागिता की भूमिका तथा दिल्ली द्वारा कार्यक्रम के अंतर्गत नवाचारों एवं संबंधित गतिविधियों पर प्रस्तुतियां दी गईं।
चाइल्डफंड इंडिया, सार्ड इंडिया, इंस्पायरिंग सीनियर्स फाउंडेशन तथा ईटीआई फाउंडेशन सहित कार्यान्वयन एजेंसियों ने भी विद्यांजलि के माध्यम से सीएसआर सहभागिता को प्रोत्साहित करने तथा विद्यालयों के विकास में सहयोग प्रदान करने संबंधी अपने अनुभव एवं दृष्टिकोण साझा किए।
तकनीकी सत्रों में भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) और भारती एयरटेल सहित अग्रणी कॉर्पोरेट संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया तथा स्कूली शिक्षा को समर्थन देने के लिए की गई अपनी पहलों एवं अनुभवों को साझा किया। उनकी प्रस्तुतियों में स्कूली संसाधनों को सुदृढ़ बनाने और बेहतर शिक्षण वातावरण के लिए अवसर सृजित करने में कॉर्पोरेट सहभागिता की भूमिका को रेखांकित किया गया।
इस अवसर पर डीओएसईएल की अपर सचिव सुश्री अर्चना शर्मा अवस्थी, डीओएसईएल की आर्थिक सलाहकार सुश्री ए. श्रीजा तथा मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
विद्यांजलि, डीओएसईएल की एक पहल है, जिसका उद्देश्य संरचित सामुदायिक एवं निजी क्षेत्र की सहभागिता के माध्यम से सरकारी तथा सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों को सुदृढ़ बनाना है। यह विद्यालयों को स्वयंसेवकों, संगठनों तथा सीएसआर भागीदारों से जोड़ने के लिए एक डिजिटल मंच उपलब्ध कराती है, जिससे सेवाओं, गतिविधियों एवं परिसंपत्तियों के रूप में योगदान को सुगम बनाया जा सके। इसके सीएसआर ढांचे में सीएसआर मॉड्यूल तथा विद्यालय अंगीकरण मॉड्यूल शामिल हैं, जो संगठनों को विद्यालयों की आवश्यकताओं की पूर्ति करने तथा उनके विकास में योगदान देने में सक्षम बनाते हैं।
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