केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय का ‘स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग’ (डीओएसईएल) 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर, 2026 तक ‘विशेष अभियान 6’ चला रहा है। इसके जरिए प्रशासनिक कामकाज को बेहतर बनाने, स्कूलों को स्वच्छ रखने और इलेक्ट्रॉनिक कचरे (ई-कचरे) के जिम्मेदार प्रबंधन पर जोर दिया जा रहा है। अभियान विद्यार्थियों और समुदायों को टिकाऊ तौर-तरीके अपनाने के लिए भी प्रोत्साहित करता है।
विशेष अभियान 6 की प्रमुख प्राथमिकताएं इस प्रकार हैं:
लंबित काम घटाकर प्रशासनिक कार्यकुशलता बढ़ाना
विभाग और उसके संगठनों में लंबित आधिकारिक काम घटाने के लिए विभिन्न श्रेणियों की फाइलों की समीक्षा की जा रही है। रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण, पुरानी और अनावश्यक फाइलों को हटाना तथा रिकॉर्ड प्रबंधन मजबूत करना भी इन प्रयासों का हिस्सा है। इससे प्रक्रियाओं को व्यवस्थित करने, कार्यालय की जगह का बेहतर इस्तेमाल करने और कामकाज में दक्षता बढ़ाने का लक्ष्य है।
स्वच्छ स्कूल परिसर के लिए सामूहिक प्रयास
‘मिशन लाइफ’ के इको क्लबों के नेतृत्व में देशभर के स्कूल सफाई अभियान चला रहे हैं। इनका उद्देश्य परिसर को साफ और स्वच्छ रखना तथा विद्यार्थियों और कर्मचारियों में सफाई के प्रति साझा जिम्मेदारी विकसित करना है, ताकि पढ़ाई के लिए स्वस्थ वातावरण बन सके।
ई-कचरे के संग्रहण और जागरूकता पर जोर
‘विशेष अभियान 6’ के अंतर्गत ‘मिशन लाइफ’ के ‘इको क्लब’ देशभर के स्कूलों में ई-कचरा जागरूकता और संग्रहण गतिविधियों को आगे बढ़ा रहे हैं। इनके माध्यम से विद्यार्थियों और शिक्षकों को जिम्मेदार ई-कचरा प्रबंधन का महत्व समझाया जा रहा है।
इन गतिविधियों में इलेक्ट्रॉनिक कचरे से पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभावों की जानकारी दी जा रही है। विद्यार्थियों को ई-कचरा कम करने और प्रबंधन में भाग लेने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। बेकार इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का निपटान अधिकृत माध्यमों से सुनिश्चित करना भी इसका उद्देश्य है।
इन पहलों के जरिए विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार आदतें विकसित करने और टिकाऊ तौर-तरीकों को बढ़ावा देने में स्कूलों की भूमिका मजबूत करने का प्रयास है।
कर्तव्य भवन 2 में ई-कचरे से बना भित्ति-चित्र और संग्रहण पात्र
‘अंतरराष्ट्रीय ई-कचरा दिवस’ पर 14 अक्टूबर, 2026 को डीओएसईएल ने कर्तव्य भवन 2 में ई-कचरा संग्रहण पात्र और एक रचनात्मक भित्ति-चित्र लगाए। इसे स्कूली विद्यार्थियों द्वारा जुटाए गए 50 किलोग्राम ई-कचरे से बनाया गया है। ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020’ तथा ‘मिशन लाइफ’ के ‘इको क्लब’ की दृष्टि के अनुरूप यह “घटाने, पुनः उपयोग करने और पुनर्चक्रण” का संदेश देता है। संग्रहण पात्र खराब इलेक्ट्रॉनिक सामान जमा करने की समर्पित सुविधा देते हैं और संस्थानों में उचित ई-कचरा प्रबंधन की जरूरत दर्शाते हैं।
पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की तैयारी
देशव्यापी ई-कचरा जागरूकता और संग्रहण अभियान 28 अक्टूबर, 2026 को होना है। इसकी तैयारियों की समीक्षा के लिए डीओएसईएल के सचिव श्री टी. के. अनिल कुमार ने 16 अक्टूबर, 2026 को राज्यों/केन्द्र-शासित प्रदेशों तथा स्वायत्त निकायों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस की अध्यक्षता की। उन्होंने आईईसी अभियान समेत प्रस्तावित गतिविधियों की जानकारी दी और स्कूलों से एकत्र ई-कचरे को अधिकृत विक्रेताओं के हवाले करने की योजना बनाने पर जोर दिया।
‘मिशन लाइफ’ के इको क्लबों के माध्यम से ‘विशेष अभियान 6’ स्कूलों के सफाई अभियानों को ई-कचरा जागरूकता और संग्रहण से जोड़ रहा है। यह स्वच्छ और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार शिक्षण संस्थान बनाने में सामूहिक भागीदारी का महत्व रेखांकित करता है।
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