भारत-ब्रिटेन द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास कोंकण-2026 का समापन 15 अक्टूबर, 2026 को ब्रिटेन में प्लायमाउथ के पास हुआ। इस अभ्यास का आयोजन 8 से 15 अक्टूबर, 2026 के बीच किया गया था। अभ्यास के दौरान भारतीय नौसेना और ब्रिटिश रॉयल नेवी ने कई पेशेवर और परिचालन क्षेत्रों में एक साथ प्रशिक्षण लिया। इससे दोनों नौसेनाओं को आपसी तालमेल सुधारने, अपने अनुभव साझा करने और समुद्री सहयोग को और सुदृढ़ करने का मौका मिला।
कोंकण-26 अभ्यास में भारतीय नौसेना का प्रतिनिधित्व स्टील्थ फ्रिगेट आईएनएस त्रिशूल ने किया, वहीं ब्रिटेन की रॉयल नेवी ने ड्यूक-क्लास पनडुब्बी रोधी युद्धक फ्रिगेट एचएमएस सदरलैंड को इसमें उतारा। इस संयुक्त समुद्री अभ्यास का संचालन रॉयल नेवी के बेड़ा परिचालन मानक और प्रशिक्षण (एफओएसटी) विभाग द्वारा किया गया।
12 से 15 अक्टूबर 2026 तक चले चार दिन के गहन समुद्री चरण में बहु-खतरे वाले समुद्री माहौल में उन्नत समुद्री युद्धाभ्यास और संयुक्त सामरिक अभ्यास किए गए। इसमें संचार प्रक्रियाओं, सतही जहाजों के विरुद्ध असममित युद्ध, पनडुब्बी रोधी युद्ध तथा हथियार फायरिंग का अभ्यास भी शामिल था। इन अभ्यासों ने भाग लेने वाली दोनों नौसेनाओं की इकाइयों के बीच तालमेल और परिचालन समन्वय को और सशक्त बनाया।
पेशेवर अनुभव और श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों के आदान-प्रदान के माध्यम से कोंकण-26 ने जटिल समुद्री परिस्थितियों में भारतीय नौसेना और ब्रिटेन की रॉयल नेवी की मिलकर काम करने की क्षमता को और मजबूत बनाया। इस अभ्यास ने दोनों नौसेनाओं के परिचालन समन्वय को बेहतर किया और भारत-ब्रिटेन की लंबे समय से चली आ रही समुद्री साझेदारी को नई ताकत दी।
पीके/केसी/आरटी/एनके
