अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA), नई दिल्ली के कौमारभृत्य विभाग के तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन KAUMARACON 2026 का शनिवार को समापन हुआ, जिसमें आयुर्वेदिक बाल स्वास्थ्य को आगे बढ़ाने पर अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक सत्र और विचार-विमर्श हुए। सम्मेलन का अंतिम दिन संस्थान का 10वाँ स्थापना दिवस भी रहा, जो आयुर्वेद शिक्षा, अनुसंधान, उत्कृष्ट नैदानिक सेवाओं और वैश्विक सहयोग में संस्थान के दस वर्षों की प्रगति का प्रतीक है।
सम्मेलन में अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ, शिक्षाविद, शोधकर्ता, चिकित्सक, नीति-निर्माता और उद्योग जगत के प्रतिनिधि शामिल हुए। इसमें बाल चिकित्सा में आयुर्वेद तथा पारंपरिक, पूरक एवं एकीकृत चिकित्सा (TCIM) की भूमिका पर चर्चा हुई। चर्चा के दौरान वैज्ञानिक प्रमाणों, अंतर्विषयक अनुसंधान और निवारक स्वास्थ्य सेवाओं की अहमियत पर खास जोर रहा।
पारंपरिक, पूरक एवं एकीकृत चिकित्सा (TCIM) और वैश्विक बाल स्वास्थ्य पर हुए वैज्ञानिक सत्र में इंग्लैंड श्रीलंका, जर्मनी, नेपाल, अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, इटली और संयुक्त राज्य अमेरिका समेत कई देशों के विशेषज्ञों ने अपनी राय रखी। चर्चा के केंद्र में आयुर्वेदिक बाल चिकित्सा शिक्षा, नियामक ढाँचे, पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियाँ और बाल स्वास्थ्य में अंतरराष्ट्रीय सहयोग की संभावनाएँ रहीं।
बाल स्वास्थ्य में अनुसंधान, नवाचार और व्यावसायीकरण को गति देने के लिए उद्योग-अकादमिक सहयोग विषय पर आयोजित पैनल चर्चा की अध्यक्षता प्रो. (वैद्य) पी. के. प्रजापति, निदेशक, AIIA ने की, जबकि डॉ. ए. रघु, सलाहकार (आयुर्वेद), आयुष मंत्रालय ने सह-अध्यक्ष के रूप में सहभागिता की। इस चर्चा में अनुसंधान आधारित उत्पाद विकास, गुणवत्ता सुनिश्चित करने और अकादमिक शोध को असरदार स्वास्थ्य समाधानों में बदलने पर जोर दिया गया। कौमारभृत्य में नीति, शिक्षा और अनुसंधान पर हुए गोलमेज सम्मेलन में आयुर्वेदिक बाल चिकित्सा को मजबूत करने के लिए विशेष शिक्षा, अनुसंधान और नीतिगत सहयोग की आवश्यकता पर विचार हुआ।
स्थापना दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में श्री रामवीर सिंह बिधूड़ी, माननीय सांसद, लोकसभा उपस्थित रहे। पद्म भूषण वैद्य देवेंद्र त्रिगुण जी और प्रो. डॉ. अभिमन्यु कुमार, पूर्व निदेशक, AIIA एवं CEO, CAYEIT, विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। वहीं, डॉ. अशोक कुमार वर्ष्णेय, राष्ट्रीय संगठन सचिव, आरोग्य भारती एवं सदस्य, राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर प्रो. (वैद्य) पी. के. प्रजापति, निदेशक, AIIA भी उपस्थित थे।
समारोह की सबसे खास बात AIIA और राष्ट्रीय आयुर्वेद विद्यापीठ तथा AIIA और आरोग्य भारती के बीच दो समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर रही। इन समझौतों का लक्ष्य आयुर्वेद में संस्थागत सहयोग और ज्ञान के आदान-प्रदान को मजबूत करना है।
इस मौके पर 15 से अधिक अकादमिक प्रकाशनों का विमोचन हुआ। संस्थान ने अपनी नई डिजिटल ब्रांड आइडेंटिटी मैनुअल (DBIM)-अनुरूप वेबसाइट, फाउंडेशन्स ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप एंड स्टार्टअप डेवलपमेंट फॉर आयुष प्रोफेशनल्स (FESDAP) ई-कोर्स और रिसर्च मेथडोलॉजी एंड मेडिकल स्टैटिस्टिक्स पाठ्यपुस्तक का भी शुभारंभ किया। साथ ही, संस्थान की विकास यात्रा और उपलब्धियों को समेटने वाली ई-बुक रूटेड एंड राइजिंग: जर्नी ऑफ ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेदा का ऑनलाइन विमोचन भी हुआ।
AIIA परिवार को बधाई देते हुए श्री रामवीर सिंह बिधूड़ी, माननीय सांसद, लोकसभा ने कहा, “मैंने AIIA के शिलान्यास समारोह को देखा था और वर्ष 2016 से 2026 तक इसकी उल्लेखनीय प्रगति का साक्षी रहा हूँ। यह अस्पताल सराहनीय कार्य कर रहा है और माननीय प्रधानमंत्री जी ने इसकी विकास यात्रा के प्रत्येक चरण में सहयोग प्रदान किया है।”
आयुष मंत्री को धन्यवाद देते हुए और संस्थान के कर्मचारियों की मेहनत की सराहना करते हुए प्रो. (वैद्य) पी. के. प्रजापति, निदेशक, AIIA ने कहा, “KAUMARACON 2026 की सफलता AIIA परिवार के अथक प्रयासों का परिणाम है। संस्थान के सभी सदस्यों ने इस सम्मेलन को सफल बनाने के लिए दिन-रात मेहनत की है।”
AIIA के 10वें स्थापना दिवस और KAUMARACON 2026 के समापन समारोह का समापन आयुर्वेद शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार, संस्थागत सहयोग तथा बाल स्वास्थ्य में आयुर्वेद की भूमिका को और मजबूत करने के संकल्प के साथ हुआ।
