केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन) की मध्य प्रदेश इकाई ने मिशन युवा रक्षा के अंतर्गत अक्टूबर 2026 में नीमच, जावरा, जावद, मंदसौर और गरोठ के शिक्षण संस्थानों में पांच नशा-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए। इन कार्यक्रमों के जरिए नशा-मुक्ति, स्वस्थ जीवन शैली और "नशा-मुक्त भारत" की सोच को बढ़ावा दिया गया।
5 अक्टूबर 2026 को नीमच के स्वामी विवेकानन्द गवर्नमेंट पीजी कॉलेज में नशे के दुष्प्रभावों और नशामुक्त जीवन की अहमियत पर आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में लगभग 200 विद्यार्थी और शिक्षक शामिल हुए।
जागरूकता कार्यक्रम – स्वामी विवेकानन्द गवर्नमेंट पीजी कॉलेज, नीमच
13 अक्टूबर 2026 को सीबीएन के कार्यक्रम में मादक पदार्थों के सेवन, युवाओं की सेहत व भविष्य पर इसके असर तथा स्वस्थ जीवन शैली पर बातचीत हुई। सरदार पटेल कॉलेज ऑफ नर्सिंग, जावरा में इसमें लगभग 200 छात्रों और शिक्षकों के साथ 25 स्टाफ सदस्यों ने भाग लिया।
जागरूकता कार्यक्रम – सरदार पटेल कॉलेज ऑफ नर्सिंग, जावरा
15 अक्टूबर 2026 को सीबीएन ने ब्रह्माकुमारीज, नीमच के साथ मिलकर नशामुक्त जीवन और मादक पदार्थों के प्रति जागरूकता बढ़ाने वाला कार्यक्रम किया। इसमें जावद के सीएम राइज गवर्नमेंट स्कूल के लगभग 450 छात्रों और शिक्षकों ने भाग लिया।
ब्रह्मकुमारीज के साथ सीबीएन का जागरूकता कार्यक्रम – सीएम राइज गवर्नमेंट स्कूल, जावद
उसी दिन सीबीएन मध्य प्रदेश इकाई के मंदसौर-I विभाग ने युवा रक्षा एवं नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत एक शिविर लगाया, जिसका फोकस नशा रोकथाम, स्वस्थ जीवनशैली और नशा मुक्त समाज के निर्माण में युवाओं की भागीदारी पर रहा। इसमें मंदसौर के सबाखेड़ा स्थित सीएम राइज स्कूल के लगभग 450 छात्र शामिल हुए।
जागरूकता कार्यक्रम – सीएम राइज स्कूल, सबाखेड़ा, मंदसौर
इसी तरह, जिला अफीम अधिकारी कार्यालय, सीबीएन, गरोठ ने ब्रह्माकुमारीज के साथ मिलकर 15 अक्टूबर 2026 को संस्कार वैली हायर सेकेंडरी स्कूल, गरोठ में जागरूकता कार्यक्रम किया, जिसमें लगभग 230 छात्र शामिल हुए।
जागरूकता कार्यक्रम – संस्कार वैली हायर सेकेंडरी स्कूल, गरोठ
इन सभी कार्यक्रमों में प्रतिभागियों को वैज्ञानिक ढंग से बताया गया कि नशे का दुरुपयोग शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य, शिक्षा, पारिवारिक जीवन और आजीविका को कैसे नुकसान पहुंचाता है। गतिविधियों में जागरूकता सत्र, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएं, शैक्षिक वीडियो, प्रस्तुतियां, ध्यान और पोस्टर निर्माण शामिल रहे। प्रतिभागियों को नशे से दूर रहने, स्वस्थ जीवन शैली अपनाने और नशा मुक्त भारत में योगदान देने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रमों में नशे की रोकथाम के लिए व्यक्तिगत जिम्मेदारी और सामूहिक भागीदारी पर भी बल दिया गया। प्रतिभागियों ने नशे से दूर रहने तथा अपने स्कूलों, परिवारों और समुदायों में जागरूकता अभियानों का साथ देने का संकल्प लिया। कार्यक्रमों में उत्साहजनक भागीदारी रही और इनसे युवाओं में निवारक शिक्षा की अहमियत और मजबूत हुई।
इन चार जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से सीबीएन मध्य प्रदेश इकाई ने खासकर छात्रों और युवाओं के बीच प्रवर्तन गतिविधियों के साथ-साथ निवारक जागरूकता और मांग-कमी की पहलें चलाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
शैक्षणिक संस्थानों को जोड़कर तथा संवादात्मक शिक्षण, जागरूकता गतिविधियों और नशामुक्त जीवन के व्यक्तिगत संकल्पों को बढ़ावा देकर, सीबीएन युवाओं को सोच-समझकर निर्णय लेने और अपने समुदायों में नशा रोकथाम के सक्रिय दूत बनने के लिए सशक्त करना चाहता है।
ये पहलें नशा मुक्त भारत की परिकल्पना तथा एक स्वस्थ, सुरक्षित और नशामुक्त समाज बनाने के प्रति केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो की लगातार प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।
पीके/केसी/आरटी/एमएम
