माई भारत और राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के ज़रिए युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय ने 16 अक्टूबर, 2026 को देशभर में “योग एवं आत्म-सुरक्षा दिवस” मनाकर “नशा मुक्त युवा, विकसित भारत 100 सप्ताह संकल्प अभियान” के दूसरे महीने का आगाज़ किया। माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा आरंभ किया गया यह अभियान अब “स्वस्थ युवा, नशा मुक्त युवा (शक्ति एवं सेवा)” विषय के साथ अपने दूसरे महीने में पहुँच गया है। इसका लक्ष्य शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक मज़बूती, अनुशासन और आत्मविश्वास को स्वस्थ व नशा मुक्त समाज की बुनियाद के रूप में प्रोत्साहित करना है।
पांचवें सप्ताह की गतिविधियों में देश भर के 183 शैक्षणिक संस्थानों, एनएसएस इकाइयों और गोद लिए गए गांवों से कुल 91,179 लोग जुड़े। इन कार्यक्रमों में स्थानीय नेता, पुलिस अधिकारी, खेल प्राधिकरण, चिकित्सा विशेषज्ञ और प्रमाणित योग प्रशिक्षक एक साथ आए और स्वस्थ जीवनशैली, व्यक्तिगत सुरक्षा तथा नशीले पदार्थों के दुरुपयोग को लेकर जागरूकता फैलाई।
पहल के तहत आयोजित योग के 332 सत्रों में 34,290 प्रतिभागी शामिल हुए, इनमें 19,882 महिलाएं थीं। दूसरी ओर, आत्मरक्षा के 311 प्रदर्शनों के ज़रिए 31,507 प्रतिभागियों तक पहुँच बनाई गई, जिनमें 18,364 महिलाएं शामिल थीं। साथ ही, सामुदायिक जागरूकता के लिए हुई 180 गतिविधियों में 25,391 प्रतिभागी जुड़े। योग सत्रों में सामान्य योग प्रोटोकॉल और विश्राम की तकनीकें शामिल की गईं, ताकि शारीरिक स्वास्थ्य और तनाव प्रबंधन का महत्व रेखांकित हो सके। आत्मरक्षा प्रदर्शनों का केंद्र व्यावहारिक सुरक्षा तकनीकें, आसपास की परिस्थितियों के प्रति सजगता और निजी सुरक्षा रहीं, जो ख़ास तौर पर युवा महिलाओं के लिए उपयोगी साबित हुईं।
कुल भागीदारी में महिलाओं का हिस्सा 57.1% रहा, जो अभियान से उनके व्यापक जुड़ाव को दिखाता है। दिल्ली, जयपुर, लखनऊ, पटना और त्रिवेंद्रम समेत कई क्षेत्रीय निदेशालयों में महिलाओं की भागीदारी उल्लेखनीय रही। अनुव्रत विश्व भारती सोसाइटी, बीएपीएस, भारत स्काउट्स एंड गाइड्स और माई भारत केंद्रों जैसे सहयोगी संगठनों ने इन गतिविधियों के आयोजन में योगदान दिया।
डिजिटल माध्यमों पर भी इस देशव्यापी आयोजन की व्यापक पहुँच रही। अभियान के हैशटैग #NashaMuktYuva के साथ 4,197 सोशल मीडिया पोस्ट स्वाभाविक रूप से साझा की गईं।
योग, आत्मरक्षा और सामुदायिक जागरूकता को एक साथ जोड़कर यह पहल नशीले पदार्थों के दुरुपयोग की रोकथाम में शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक कल्याण और व्यक्तिगत दृढ़ता की भूमिका को और मज़बूत करती है। 100 सप्ताह के संकल्प अभियान के ज़रिए 'माई भारत' और 'एनएसएस', एनएसएस के आदर्श वाक्य "स्वयं से पहले आप" से प्रेरणा लेते हुए, 'विकसित भारत' और नशा-मुक्त भारत के विजन की ओर युवाओं व समुदायों को निरंतर एकजुट कर रहे हैं।
पीके/केसी/आरटी/पीकेपी
