भारत सरकार के मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के अंतर्गत पशुपालन और डेयरी विभाग (डीएएचडी) ने विशेष अभियान 6.0 में सक्रिय रूप से भाग लिया। यह अभियान 2 अक्टूबर 2026 से 31 अक्टूबर 2026 तक चलाया गया, जिसका उद्देश्य स्वच्छता के तरीकों को बढ़ावा देना और लंबित मामलों का समय पर निपटान सुनिश्चित करना था। यह अभियान प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप चलाया गया, जिसका लक्ष्य सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता को संस्थागत बनाना और लंबित कार्यों को कम करना था।
विशेष अभियान 6 के तहत डीएएचडी में सचिव श्री नरेश पाल गंगवार ने 29 सितंबर 2026 को अभियान के तैयारी चरण की समीक्षा की। उन्होंने विभाग के अंतर्गत आने वाले सभी कार्यालयों को इस अभियान के उद्देश्यों और महत्व के बारे में जागरूक किया और उनसे पूरी प्रतिबद्धता तथा उत्साह के साथ इसमें सक्रिय रूप से भाग लेने का आग्रह किया।
डीएएचडी में अपर सचिव, जो इस अभियान के नोडल अधिकारी भी हैं, ने 15 अक्टूबर 2026 को विभाग के सभी उप-नोडल अधिकारियों के साथ विशेष अभियान 6.0 की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि वे सौंपे गए सभी लक्ष्यों को प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध तरीके पूरा करना सुनिश्चित करें। इसके अलावा, पूरे अभियान के दौरान अपर सचिव ने विभाग और इसके अधीनस्थ कार्यालयों के उप-नोडल अधिकारियों के साथ नियमित रूप से समीक्षा बैठकें कीं। इन बैठकों का उद्देश्य प्रगति की गंभीरता से निगरानी करना, निर्धारित लक्ष्यों की तुलना में उपलब्धियों का आकलन करना, आने वाली बाधाओं को दूर करना और अभियान का प्रभावी तथा समयबद्ध कार्यान्वयन सुनिश्चित करना था।
विभाग ने विशेष अभियान 6.0 के दौरान सराहनीय कार्य किया। विभाग ने राज्य सरकार के संदर्भों, जन शिकायतों और अपीलों के निपटान, वास्तविक फाइलों की समीक्षा, कार्यस्थलों की स्वच्छता और कबाड़ (स्क्रैप) के निपटान जैसे कई प्रमुख क्षेत्रों में अपने लक्ष्यों का 100% या उससे अधिक हासिल किया। विशेष रूप से, 226 स्थानों की सफाई का लक्ष्य था, जबकि 247 स्थानों की सफाई की गई और स्क्रैप के निपटान से 25,93,896 रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ। यह कुशल प्रशासन, बेहतर रिकॉर्ड प्रबंधन और कार्यस्थल की स्वच्छता के प्रति विभाग की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
विशेष अभियान 6.0 के दौरान डीएएचडी की उपलब्धियां निम्नलिखित हैं:
संसदीय आश्वासन
राज्य सरकार संदर्भ
जन शिकायतों की अपील
सांसदों से संदर्भ
नियमों/प्रक्रियाओं में ढील
वास्तविक फाइलों की समीक्षा
कुल 16707 वास्तविक फाइलों की समीक्षा की गई और उनमें से 10,710 फाइलों को हटा दिया गया।
ई-फाइलों की समीक्षा
2171 फाइलों की समीक्षा की गई और 1327 फाइलें बंद कर दी गईं।
स्थलों की स्वच्छता
स्क्रैप निपटान से प्राप्त राजस्व
स्क्रैप के निपटान और फाईलों की छंटाई करने से खाली हुई जगह (वर्ग फुट में)
ट्वीट सहित सोशल मीडिया पोस्ट की संख्या
पशुपालन और डेयरी विभाग (डीएएचडी) के अधीनस्थ कार्यालयों ने राष्ट्रव्यापी विशेष अभियान 6.0 में सक्रिय रूप से भाग लिया है। इसके माध्यम से उन्होंने स्वच्छता, पर्यावरणीय स्थिरता और बेकार सामग्री के रचनात्मक पुन: उपयोग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दर्शाई। इस अभियान के तहत, कचरे से संपदा (वेस्ट टू वेल्थ) की अवधारणा को बढ़ावा देने के लिए कई गतिविधियां आयोजित की गईं। इनमें बेकार और अप्रयुक्त सामग्री को उपयोगी तथा रचनात्मक उत्पादों में बदलकर, उनके अभिनव पुन: उपयोग को प्रोत्साहित किया गया। इन पहलों का उद्देश्य कार्यस्थलों पर अपशिष्ट प्रबंधन, संसाधनों के संरक्षण और टिकाऊ तरीकों को अपनाने के महत्व के बारे में जागरूकता फैलाना था। इन सामूहिक प्रयासों के जरिए, अधीनस्थ कार्यालयों ने स्वच्छता को बढ़ावा देकर, कचरे के उत्पादन को कम करके तथा पर्यावरणीय जिम्मेदारी और टिकाऊ तरीकों की संस्कृति को विकसित करके विशेष अभियान 6.0 के उद्देश्यों को पूरा करने में योगदान दिया है।
डीएएचडी में सचिव श्री नरेश पाल गंगवार के अगुवाई में लंबित मामलों के निपटान के लिए विशेष अभियान (एससीडीपीएम) 6.0 के अंतर्गत, विभाग ने 31 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली स्थित कृषि भवन में श्रमदान का आयोजन किया। इस दौरान अधिकारियों ने श्रमदान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और स्वच्छता तथा कार्यस्थल पर साफ-सफाई बनाए रखने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। डीएएचडी में सचिव द्वारा हाउसकीपिंग स्टाफ और अधिकारियों को स्वच्छता किट वितरित करने के साथ इसका समापन हुआ।
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