PIB Backgrounder Read in English

भारतीय वायुयान नियम, 2026: भारत के आसमान के लिए एक आधुनिक नियमावली

Key details of this update
DetailInformation
Date04 November 2026 (Wednesday)
Time6:11 PM
Topic / MinistryPIB Backgrounder
Languageहिन्दी · Read in English
Reading time10 min (1,819 words)

भारत में नागर विमानन क्षेत्र और नए नियमों की आवश्यकता

भारत दुनिया के सबसे तेजी से विकसित हो रहे नागर विमानन बाजारों में से एक है। यहां हवाई यात्रा के माध्यम से बड़े शहरों, छोटे कस्बों और दूर-दराज के क्षेत्रों को आपस में जोड़ा जा रहा है। देश के उड्डयन नेटवर्क के विस्तार का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वर्ष 2014 में 74 हवाई अड्डे परिचालन में थे, जबकि अक्टूबर 2026 तक इनकी संख्या बढ़कर 166 हो गई। इस क्षेत्र के निरंतर विस्तार के साथ इसके नियामक ढांचे को भी विमानन प्रौद्योगिकी, संचालन और वित्तपोषण में हो रहे बदलावों के अनुरूप विकसित करना आवश्यक है। इस पूरी प्रक्रिया में सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके लिए एक स्पष्ट, आधुनिक और सुरक्षा-केंद्रित कानूनी ढांचे की आवश्यकता है। ‘भारतीय वायुयान अधिनियम, 2024’ इस आधुनिकीकरण का कानूनी आधार प्रदान करता है। इसी के तहत सरकार ने ‘भारतीय वायुयान नियम, 2026’ अधिसूचित किए हैं, जिन्होंने दशकों से लागू ‘वायुयान नियम, 1937’ का स्थान लिया है। ये नए नियम 1 जनवरी, 2027 से लागू होंगे। इनमें सुरक्षा से जुड़ी आवश्यक शर्तों को बरकरार रखते हुए नागरिक उड्डयन क्षेत्र में हुए नवीनतम बदलावों को भी शामिल किया गया है।

इन नियमों में विमान के डिजाइन और प्रमाणन के लिए अधिक स्पष्ट ढांचा निर्धारित किया गया है। इसके तहत विमान के डिजाइन को मान्यता देने और उसके कलपुर्जों के विनिर्माण की अनुमति देने का प्रावधान किया गया है। इससे डिजाइनकर्ता देश के रूप में भारत की स्थिति और मजबूत होगी। नियमों में आंशिक का भी प्रावधान है। इसके तहत एक विमान का स्वामित्व कई व्यक्तियों या संस्थाओं के पास हो सकता है, जबकि उसके संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी स्पष्ट रूप से निर्धारित की जाएगी। इसके अतिरिक्त, ‘विमान वस्तुओं में हितों का संरक्षण अधिनियम, 2025’ भारत में विमान पट्टे के लिए ‘केप टाउन कन्वेंशन’ के ढांचे को लागू करता है। इसके साथ ही, ‘अपरिवर्तनीय पंजीकरण-समाप्ति एवं निर्यात अनुरोध प्राधिकरण’ (आईडीईआरए) व्यवस्था के तहत विमान का पंजीकरण समाप्त करने के लिए समयबद्ध प्रक्रिया उपलब्ध कराई गई है और पात्र विमानों के निर्यात को सुगम बनाया गया है। समय के साथ, इन उपायों से विमान खरीदने और पट्टे पर लेने की लागत कम हो सकती है, जिससे हवाई किरायों पर पड़ने वाला दबाव भी घट सकता है। इन नियमों का उद्देश्य एयरलाइनों को व्यावसायिक लचीलापन प्रदान करने, कारोबार सुगमता को बढ़ावा देने और यात्रियों के हितों की रक्षा करने के बीच संतुलन स्थापित करना है। इनके तहत हवाई किरायों और उनसे जुड़े शुल्कों में अधिक पारदर्शिता को बढ़ावा देकर यात्रियों के हितों की सुरक्षा के उपायों को मजबूत किया गया है। साथ ही, असाधारण परिस्थितियों में केंद्र सरकार को उचित कदम उठाने का अधिकार भी दिया गया है।

‘भारतीय वायुयान नियम, 2026’ में कुल 220 नियम हैं, जिन्हें आठ अध्यायों और छह अनुसूचियों में विभाजित किया गया है। इनमें विमान पंजीकरण, उड़ान-योग्यता, कार्मिकों के लाइसेंस, हवाई अड्डों का संचालन, हवाई नेविगेशन सेवाओं और विमान संचालन जैसे प्रमुख विषय शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, इन नियमों में नियामक निगरानी, सुरक्षा प्रबंधन, नियमों के अनुपालन और दंड से संबंधित प्रावधान भी किए गए हैं। ये नियम ‘वायुयान नियम, 1937’ और ‘वायुयान नियम, 1920’ के भाग-IX का स्थान लेंगे। साथ ही, कुछ विशेष बचत प्रावधानों के अधीन, ‘रेडियो टेलीफोन ऑपरेटर (प्रतिबंधित) प्रमाणपत्र और लाइसेंस नियम, 2025’ को भी निरस्त करेंगे।

भारतीय वायुयान नियम, 2026 के प्रमुख प्रावधान

इन नियमों में नागरिक उड्डयन से जुड़े विभिन्न पहलुओं को शामिल किया गया है। इनमें विमान के डिजाइन और चालक दल के लाइसेंस से लेकर हवाई अड्डों के संचालन तथा दैनिक उड़ान परिचालन तक के विषय शामिल हैं। इनके प्रमुख प्रावधान निम्नलिखित हैं:

सामान्य सुरक्षा एवं सार्वजनिक आचरण

ये नियम विमान के उपयोग, पंजीकरण, पहचान और सुरक्षित संचालन से जुड़ी आवश्यकताएं तय करते हैं।

विमान पंजीकरण: प्रत्येक विमान का पंजीकरण कराना और उस पर निर्धारित राष्ट्रीयता एवं पंजीकरण चिह्न प्रदर्शित करना अनिवार्य है।

विमान संबंधी दस्तावेज: विमान में पंजीकरण प्रमाण-पत्र, उड़ान-योग्यता प्रमाण-पत्र तथा परिचालन से संबंधित अन्य निर्धारित दस्तावेज रखना आवश्यक है।

प्रतिबंधित वस्तुएं: हथियार, गोला-बारूद, विस्फोटक और सैन्य सामग्री के परिवहन के लिए निर्धारित अनुमति लेना अनिवार्य है।

प्रतिबंधित एवं निषिद्ध क्षेत्र: कुछ विशेष क्षेत्रों में विमानों के परिचालन को विनियमित किया गया है।

फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी: हवाई अड्डों पर और उड़ान के दौरान विमान से फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी करने के लिए निर्धारित अनुमतियां लेना आवश्यक है।

उड़ान सुरक्षा: इसमें सुरक्षित उड़ान परिचालन, खतरनाक तरीके से उड़ान भरने पर रोक, आपातकालीन स्थितियों से निपटने, संकटग्रस्त विमानों और विमानन नियमों के अनुपालन से संबंधित प्रावधान शामिल हैं।

विमान सुरक्षा: इसमें चालक दल के सदस्यों पर हमला करने या उनके कार्य में बाधा डालने, गैर-कानूनी गतिविधियों तथा विमान की सुरक्षा को खतरे में डालने वाले आचरण से संबंधित प्रावधान शामिल हैं।

अन्य परिचालन प्रतिबंध: इन नियमों में विमान में ईंधन भरने, विमान से वस्तुएं गिराने, पैराशूटिंग, जानवरों के परिवहन और अन्य विनियमित गतिविधियों से संबंधित प्रावधान भी शामिल हैं। इसके अलावा, शोर नियंत्रण के तहत भारत के ऊपर ऐसे नागरिक विमानों के परिचालन पर प्रतिबंध लगाया गया है, जो ध्वनि की तीव्र तरंगें उत्पन्न करते हैं।

विमान डिजाइन, विनिर्माण और उड़ान-योग्यता

इन नियमों में विमानों और वैमानिक उत्पादों के डिजाइन एवं प्रमाणन, उनके विनिर्माण, उड़ान-योग्यता तथा रखरखाव से संबंधित आवश्यकताओं को भी शामिल किया गया है, जिनमें भारत में डिजाइन किए गए उत्पाद भी शामिल हैं।

टाइप प्रमाणन: डीजीसीए भारत में डिजाइन किए गए विमानों, इंजनों और प्रोपेलरों के लिए टाइप प्रमाण-पत्र जारी कर सकता है। निर्धारित शर्तों के अधीन विदेशी टाइप प्रमाण-पत्रों को मान्यता भी दे सकता है या स्वीकार कर सकता है।

उड़ान-योग्यता निर्देश: यदि किसी विमान या वैमानिक उत्पाद में ऐसी असुरक्षित स्थिति सामने आती है, जिसका प्रभाव उसी डिजाइन वाले अन्य उत्पादों पर भी पड़ सकता है, तो डीजीसीए आवश्यक निर्देश जारी कर सकता है। कुछ विशेष अपवादों को छोड़कर, इन निर्देशों के मसौदे आमतौर पर 30 दिनों के लिए डीजीसीए की वेबसाइट पर प्रकाशित किए जाते हैं, ताकि संबंधित पक्षों से आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित किए जा सकें।

भारतीय तकनीकी मानक आदेश: विमान के ऐसे कलपुर्जों को, जो नियम 27 से 33 के दायरे में नहीं आते, डीजीसीए द्वारा निर्धारित तकनीकी मानकों का अनुपालन करना होगा।

कलपुर्जों का डिजाइन एवं विनिर्माण: डीजीसीए उड़ान-योग्यता संबंधी निर्धारित आवश्यकताओं को पूरा करने वाले विमान के कलपुर्जों के डिजाइन और विनिर्माण को अधिकृत कर सकता है।

उड़ान-योग्यता प्रमाणन: इसमें उड़ान-योग्यता प्रमाण-पत्र, विशेष उड़ान-योग्यता प्रमाण-पत्र और उड़ान-योग्यता समीक्षा प्रमाण-पत्र जारी करने से संबंधित प्रावधान शामिल हैं।

शोर प्रमाणन: डीजीसीए निर्धारित आवश्यकताओं के अनुरूप विमानों के लिए शोर प्रमाण-पत्र जारी कर सकता है।

निरीक्षण एवं रखरखाव: इन नियमों में विमानों के निरीक्षण, समय-समय पर ओवरहॉल, संशोधन, मरम्मत और रखरखाव प्रमाणन की प्रक्रियाएं निर्धारित की गई हैं।

रखरखाव संबंधी रिकॉर्ड: विमानों, इंजनों, प्रोपेलरों और अन्य निर्धारित उपकरणों की लॉगबुक तथा लॉग रिकॉर्ड का रखरखाव अनिवार्य किया गया है।

मान्यता प्राप्त संगठन: डीजीसीए विमान डिजाइन, विनिर्माण, रखरखाव और इनसे जुड़ी गतिविधियों में शामिल संगठनों को निर्धारित मानदंडों के आधार पर मान्यता दे सकता है। ऐसे संगठनों को डीजीसीए की निगरानी में भी रहना होगा।

विदेशी संगठन: डीजीसीए विमानों, इंजनों और कलपुर्जों के रखरखाव के लिए विदेशी मान्यता प्राप्त संगठनों को भी स्वीकार कर सकता है, बशर्ते वे निर्धारित शर्तों को पूरा करते हों।

नियमों में विमान के उपकरणों, रेडियो यंत्रों, वजन और संतुलन, खराब पुर्जों तथा रखरखाव प्रमाणन के लिए भी आवश्यकताएं निर्धारित की गई हैं।

विमान पंजीकरण और पहचान

ये नियम विमान के पंजीकरण, पहचान, स्वामित्व में बदलाव और पंजीकरण रिकॉर्ड के रखरखाव के लिए आवश्यकताएं निर्धारित करते हैं।

पंजीकरण की श्रेणियां: स्वामित्व, नागरिकता, व्यावसायिक पंजीकरण और पट्टे से संबंधित निर्धारित मानदंडों के आधार पर विमानों को श्रेणी ‘ए’ या ‘बी’ के तहत पंजीकृत किया जा सकता है।

पंजीकरण प्रमाण-पत्र: इन नियमों में विमान के पंजीकरण प्रमाण-पत्र के लिए आवेदन करने और उसे जारी करने की प्रक्रिया निर्धारित की गई है। इसमें आयातित विमानों के लिए अस्थायी पंजीकरण प्रमाण-पत्र जारी करने का प्रावधान भी शामिल है।

स्वामित्व में बदलाव: विमान के स्वामित्व या पट्टादाता में किसी भी बदलाव की सूचना तत्काल देना अनिवार्य है। पंजीकरण संबंधी सभी आवश्यकताएं पूरी होने तक विमान का परिचालन नहीं किया जा सकेगा। हालांकि, डीजीसीए से लिखित अनुमति मिलने पर इसमें छूट दी जा सकती है।

पंजीकरण रद्द करना और पंजीकरण समाप्ति: निर्धारित परिस्थितियों में विमान का पंजीकरण रद्द किया जा सकता है। आईडीईआरए धारकों की ओर से पंजीकरण रद्द करने के लिए प्राप्त वैध आवेदनों पर निर्धारित शर्तों के अनुसार पांच कार्य दिवसों के भीतर कार्रवाई की जाएगी।

निर्यात और विमान रजिस्टर: विमान का पंजीकरण समाप्त होने के बाद उसके निर्यात के लिए आवश्यक प्रावधान किए गए हैं। डीजीसीए भारत में पंजीकृत विमानों का एक रजिस्टर रखेगा, जिसे निर्धारित शर्तों के अधीन आम जनता देख सकेगी।

पंजीकरण चिह्न: प्रत्येक विमान पर राष्ट्रीयता चिह्न ‘वीटी’ के बाद एक हाइफन और तीन निर्धारित बड़े अंग्रेजी अक्षर प्रदर्शित करना अनिवार्य है। पंजीकरण चिह्नों को निर्धारित अवधि के लिए आरक्षित कराने का प्रावधान भी है।

सरकारी चिह्न और राष्ट्रीय ध्वज: गैर-सरकारी विमानों पर उन चिह्नों का उपयोग नहीं किया जा सकेगा, जो सरकारी विमानों के लिए आरक्षित हैं। राष्ट्रीय ध्वज का प्रदर्शन ‘भारत की ध्वज संहिता’ के प्रावधानों के अनुसार किया जा सकता है।

मोड-एस एड्रेस: भारत में पंजीकृत या पंजीकरण के लिए प्रस्तावित ऐसे विमानों को, जिनमें ‘मोड-एस ट्रांसपोंडर’ लगा है, निर्धारित शर्तें पूरी करने पर डीजीसीए द्वारा ‘मोड-एस एड्रेस’ जारी किया जा सकता है।

ये नियम लागू अंतरराष्ट्रीय विमानन व्यवस्थाओं के तहत विमान के पंजीकरण और पंजीकरण रद्द करने के बारे में भी बताते हैं।

कार्मिकों का लाइसेंस और योग्यता

इन नियमों में लाइसेंस, रेटिंग और प्रमाणपत्रों की 23 श्रेणियां बताई गई हैं। इनमें विमानन कर्मियों के लिए योग्यता, मेडिकल फिटनेस, प्रशिक्षण, अनुभव और क्षमता संबंधी आवश्यकताएं निर्धारित की गई हैं। इसके मुख्य प्रावधानों में कर्मियों के चार समूह शामिल हैं:

1. पायलट और फ्लाइट इंजीनियर

विद्यार्थी पायलट, निजी पायलट, वाणिज्यिक पायलट और एयरलाइन परिवहन पायलटों के साथ-साथ फ्लाइट इंजीनियरों एवं फ्लाइट नेविगेटरों के लिए लाइसेंस संबंधी आवश्यकताएं।

न्यूनतम आयु और शैक्षणिक योग्यता से संबंधित मानदंड।

चिकित्सा फिटनेस के मानक और समय-समय पर होने वाली स्वास्थ्य जांच।

उड़ान अनुभव, परीक्षाएं और योग्यता का आकलन।

विमान रेटिंग, लाइसेंस की वैधता और उसका नवीनीकरण।

विदेशी लाइसेंसों का सत्यापन और मान्यता।

फ्लाइट क्रू की लॉगबुक तथा उड़ान समय का रिकॉर्ड रखना।

2. विमान रखरखाव इंजीनियर

लाइसेंस, योग्यता और प्राधिकरण से संबंधित आवश्यकताएं।

विदेशी विमान रखरखाव इंजीनियर लाइसेंसों का सत्यापन।

रखरखाव कर्मियों की लॉगबुक और उनके कार्य अनुभव का रिकॉर्ड रखना।

3. एयर ट्रैफिक कंट्रोलर

लाइसेंस और इकाई-विशिष्ट रेटिंग से संबंधित आवश्यकताएं।

प्रशिक्षण, अनुभव और योग्यता का आकलन।

चिकित्सा फिटनेस और समय-समय पर योग्यता का मूल्यांकन।

लाइसेंस की वैधता, पुनः सत्यापन और नवीनीकरण।

निर्धारित लाइसेंस और रेटिंग के तहत अधिकारों का उपयोग करने के लिए अधिकतम आयु सीमा 60 वर्ष।

अनुभव का रिकॉर्ड और निर्धारित योग्यता मानकों को बनाए रखना।

4. रेडियो-टेलीफोन ऑपरेटर

विमान में लगे रेडियो-टेलीफोन उपकरणों के संचालन के लिए आवश्यक योग्यताएं।

सीमित रेडियो-टेलीफोन कार्यों के लिए पात्रता, परीक्षा और लाइसेंस संबंधी प्रावधान।

लागू प्रमाण-पत्रों और लाइसेंसों की मान्यता तथा उनका नवीनीकरण।

इन नियमों की पहली अनुसूची में विमान कर्मियों के लिए लाइसेंस संबंधी आवश्यकताओं का उल्लेख है। दूसरी अनुसूची में एयर ट्रैफिक सेवाओं से जुड़े कर्मियों के लिए लाइसेंस और योग्यता संबंधी आवश्यकताओं का प्रावधान है।

केबिन क्रू के लिए आवश्यकताएं

इसी विषय से और: PIB Backgrounder

View all इसी विषय से और: PIB Backgrounder
  1. PIB Backgrounder

    भारत के बायोस्फीयर रिजर्व

    अंतरराष्ट्रीय बायोस्फीयर रिजर्व दिवस हमें जैव विविधता के संरक्षण के साथ-साथ मानव आजीविका को बनाए रखने में इन प्राकृतिक क्षेत्रों की महत्वपूर्ण भूमिका की याद दिलाता है। भारत में अधिसूचित 18 बायोस्फीयर…

    पूरा पढ़ें →
  2. PIB Backgrounder

    खेत बचाओ अभियान – रबी 2026

    खेत बचाओ अभियान (केबीए) - रबी 2026 एक राष्ट्रव्यापी अभियान है, जो 22 अक्टूबर से 30 नवंबर 2026 तक चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य लगभग 50 लाख किसानों लक्षित करते हुए…

    पूरा पढ़ें →
  3. PIB Backgrounder

    भारत का सामाजिक सुरक्षा कवरेज

    व्यापक ईपीएफओ कवरेज, डिजिटल सुधारों और कल्याणकारी पहलों के माध्यम से भारत के सामाजिक सुरक्षा कवरेज का विस्तार हुआ है। ईपीएफओ पात्र सदस्यों को भविष्य निधि बचत, पेंशन और बीमा लाभ प्रदान…

    पूरा पढ़ें →
  4. PIB Backgrounder

    पीएम-किसान की 24वीं किस्त

    पीएम-किसान योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को प्रति वर्ष 6,000 रुपये की राशि तीन किस्तों में प्रदान की जाती है, जिससे कृषि निवेश और घरेलू वित्तीय स्थिरता को समर्थन मिलता है।…

    पूरा पढ़ें →
  5. PIB Backgrounder

    भारत के नये युग की अंतरिक्ष प्रौद्योगिकियां

    भारत की अंतरिक्ष यात्रा 1963 में केरल के थुम्बा से लॉन्च किए गए एक साउंडिंग रॉकेट के साथ जो शुरू हुई थी, वह अब एक प्रस्तावित 'भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन' की ओर मुखातिब…

    पूरा पढ़ें →
  6. PIB Backgrounder

    हरित हाइड्रोजन

    हरित हाइड्रोजन भारत के स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन के स्तंभ के रूप में उभर रहा है। इसका उत्पादन नवीकरणीय बिजली का उपयोग करके पानी को विभाजित करके किया जाता है। यह उर्वरक उत्पादन,…

    पूरा पढ़ें →

और करेंट अफेयर्स

View all और करेंट अफेयर्स
  1. राष्ट्रपति सचिवालय

    इस शनिवार (7 नवम्बर 2026) से गार्ड परिवर्तन समारोह प्रातः 08:00 बजे से 09:00 बजे के बीच आयोजित होगा

    राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में प्रत्येक शनिवार को आयोजित होने वाला गार्ड परिवर्तन समारोह इस शनिवार, 7 नवम्बर 2026 से प्रातः 08:00 बजे से 09:00 बजे के बीच आयोजित किया जाएगा। अधिक…

    पूरा पढ़ें →
  2. लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्रालय

    सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई) ने महिला नेतृत्व वाले एमएसएमई को सहायता प्रदान करने के लिए एसआरआई फंड पर जागरूकता कार्यशाला आयोजित की

    भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई) ने महिला उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से संचालित यशस्विनी अभियान के अंतर्गत 4 नवंबर, 2026 को नई दिल्ली स्थित कर्तव्य…

    पूरा पढ़ें →
  3. वित्‍त मंत्रालय

    अंतर-मंत्रालयी समूह ने कैबिनेट द्वारा प्रत्यायोजित वैकल्पिक तंत्र द्वारा अनुमोदन के लिए 1,100 करोड़ रुपये से अधिक के परिसंपत्ति मुद्रीकरण प्रस्तावों की सिफारिश की

    सार्वजनिक उद्यम विभाग (डीपीई) के सचिव की अध्यक्षता में और दूरसंचार विभाग (डीओटी) के सचिव की सह-अध्यक्षता में अंतर-मंत्रालयी समूह (आईएमजी) ने वैकल्पिक तंत्र (एएम) द्वारा विचार और अनुमोदन के लिए 1,100…

    पूरा पढ़ें →
  4. स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्रालय

    केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने विशेष अभियान 6 के तहत शत प्रतिशत लक्ष्य हासिल किए

    केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने 2 से 31 अक्टूबर, 2026 तक आयोजित विशेष अभियान 6 के तहत स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग (डीओएचएफडब्ल्यू) के लिए निर्धारित शत प्रतिशत लक्ष्यों को…

    पूरा पढ़ें →
  5. ग्रामीण विकास मंत्रालय

    एनआरए, आईसीएआर-एनबीएसएस और एलयूपी और डीओएलआर ने विज्ञान आधारित वाटरशेड प्रबंधन को मजबूत करने के लिए राष्ट्रीय स्तर के परामर्श का आयोजन किया

    भूमि संसाधन विभाग (डीओएलआर), ग्रामीण विकास मंत्रालय, राष्ट्रीय वर्षा सिंचित क्षेत्र प्राधिकरण (एनआरएए), कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय ने नागपुर स्थित आईसीएआर-राष्ट्रीय मृदा सर्वेक्षण एवं भूमि उपयोग नियोजन ब्यूरो (आईसीएआर-एनबीएसएस एंड एलयूपी)…

    पूरा पढ़ें →
  6. राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग

    एनएचआरसी के हस्तक्षेप से हैदराबाद के केंद्रीय कारागार में विविध लैंगिक पहचान और अभिव्यक्ति वाले लोगों के लिए लिंग-तटस्थ प्रकोष्ठ की स्थापना की गई

    हैदराबाद केंद्रीय कारागार प्राधिकारियों की ओर से राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) को सूचित किया गया है कि उन्होंने विभिन्न लिंग पहचान और अभिव्यक्तियों वाले लोगों के लिए एक अलग लिंग-तटस्थ प्रकोष्ठ की…

    पूरा पढ़ें →
  7. प्रधानमंत्री कार्यालय

    प्रधानमंत्री ने सत्य, ज्ञान और सदाचार के महत्व पर जोर देते हुए एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया

    प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने लोगों, परिवारों और समाज को बनाए रखने वाले मूल्यों पर जोर देते हुए एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया। यह श्लोक इस बात पर जोर देता है कि…

    पूरा पढ़ें →
  8. ग्रामीण विकास मंत्रालय

    विकसित भारत-जी राम जी के अंतर्गत चारा उत्पादन बढ़ाने, पशुधन संबंधी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए ग्रामीण विकास विभाग एवं पशुपालन और डेयरी विभाग (डीएएचडी) की संयुक्त पहल

    ग्रामीण विकास मंत्रालय के ग्रामीण विकास विभाग (डीओआरडी) और मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के पशुपालन और डेयरी विभाग (डीएएचडी) ने विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण): वीबी-जी राम…

    पूरा पढ़ें →
  9. खान मंत्रालय

    खनन मंत्रियों का चौथा सम्मेलन 5-6 नवंबर, 2026 को गोवा में आयोजित होगा

    भारत सरकार का खान मंत्रालय 5-6 नवंबर, 2026 को गोवा में खनन मंत्रियों के चौथे सम्मेलन का आयोजन कर रहा है। इस सम्मेलन में विभिन्न राज्यों के खनन मंत्री तथा केंद्र और…

    पूरा पढ़ें →
  10. रक्षा मंत्रालय

    भारत और कनाडा ने अपना पहला रक्षा संवाद आयोजित किया

    भारत-कनाडा रक्षा संवाद का पहला संस्करण 3 नवंबर, 2026 को वर्चुअल माध्यम से आयोजित किया गया। इस बैठक की सह-अध्यक्षता रक्षा मंत्रालय में संयुक्त सचिव (अंतरराष्ट्रीय सहयोग) डॉ. अमित तेलंग और कनाडा…

    पूरा पढ़ें →
↑