सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय ने 'पीएम विश्वकर्मा योजना' के तहत पंजीकृत पात्र जनजातीय कारीगरों के लिए बाजार पहुंच को मजबूत करने के उद्देश्य से जनजातीय कार्य मंत्रालय के अधीन भारतीय जनजातीय सहकारी विपणन विकास महासंघ (TRIFED) के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता ज्ञापन एमएसएमई मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव एवं विकास आयुक्त डॉ. रजनीश, ट्राइफेड के प्रबंध निदेशक श्री एम. राजा मुरुगन, उप महानिदेशक श्री नितीश कुमार, एमएसएमई मंत्रालय के संयुक्त विकास आयुक्त श्री दानिश अशरफ और ट्राइफेड के कार्यकारी निदेशक श्री प्रतीक सिंह मीणा की उपस्थिति में हस्ताक्षरित किया गया। यह सहयोग एमएसएमई मंत्रालय के 'पीएम विश्वकर्मा ढांचे' और ट्राइफेड के स्थापित 'ट्राइब्स इंडिया मार्केटप्लेस' एवं खुदरा नेटवर्क को एक साथ लाता है।
17 सितंबर 2023 को शुरू की गई 'पीएम विश्वकर्मा योजना' का उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों के उत्पादों और सेवाओं की गुणवत्ता तथा पहुंच में सुधार करना है। यह योजना उन कारीगरों को सहायता प्रदान करती है जिनके कौशल परिवारों और अनौपचारिक समूहों के भीतर प्रशिक्षण के पारंपरिक गुरु-शिष्य मॉडल के माध्यम से एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में स्थानांतरित होते हैं।
समझौता ज्ञापन के उद्देश्य:-
इस समझौता ज्ञापन के तहत, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय और ट्राइफेड पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत पंजीकृत पात्र जनजातीय कारीगरों द्वारा बनाए गए उत्पादों के प्रदर्शन, संवर्धन और बिक्री को सुगम बनाने के लिए सहयोग करेंगे। इस सहयोग में उत्पाद-आधारित व्यापार शामिल होंगे, जैसे कि सुतार (बढ़ई), अस्त्रकार (शस्त्र बनाने वाले), मूर्तिकार, सुनार, कुम्हार, चर्मकार (जूते बनाने वाले), टोकरी/चटाई/झाड़ू निर्माता/नारियल रेशे (कॉयर) के बुनकर, गुड़िया और खिलौने निर्माता, माला निर्माता आदि।
ट्राइफेड, एमएसएमई मंत्रालय द्वारा संदर्भित पात्र जनजातीय कारीगरों की ऑनबोर्डिंग (प्रणाली से जोड़ना) और क्षमता निर्माण को सुगम बनाएगा तथा लागू ऑनबोर्डिंग शर्तों और नीतियों के अधीन, ट्राइब्स इंडिया के खुदरा (रिटेल) नेटवर्क और इसके ऑनलाइन मार्केटप्लेस के माध्यम से उन्हें बाजार तक पहुंच प्रदान करेगा।
भाग लेने वाले जनजातीय कारीगरों द्वारा बनाए गए उत्पादों को विक्रेताओं की सहमति और लागू ट्राइफेड नीतियों के अनुपालन के अधीन, प्रस्तावित "ट्राइब्स इंडिया–पीएम विश्वकर्मा कलेक्शन" के तहत ट्राइब्स इंडिया रिटेल नेटवर्क और tribesindia.com पर प्रदर्शित किया जाएगा।
ट्राइफेड बाजार के लिए तैयार (मार्केट-रेडी) उत्पादों के लिए एकत्रीकरण (एग्रीगेशन), गुणवत्ता आश्वासन और पैकेजिंग सहायता में सहायता प्रदान करेगा तथा परस्पर पहचाने गए विक्रेताओं को प्रारंभिक उत्पाद इमेजिंग और कैटलॉगिंग सहायता प्रदान करने के लिए एमएसएमई मंत्रालय के साथ मिलकर काम करेगा।
ट्राइफेड अपने ई-मार्केटप्लेस के माध्यम से पहचाने गए जनजातीय विश्वकर्माओं द्वारा निर्मित उत्पादों के प्रचार-प्रसार को सुगम बनाएगा और समझौता ज्ञापन के प्रावधानों एवं लागू शर्तों के अधीन, अपने आउटलेट्स पर समर्पित प्रदर्शन (डिसप्ले) और बिक्री स्थान प्रदान करेगा।
एमएसएमई मंत्रालय संभावित विक्रेताओं की पहचान कर उन्हें प्रोत्साहित करेगा, उन्हें tribesindia.com पर विभिन्न श्रेणियों के उत्पादों को सूचीबद्ध करने के लिए प्रेरित करेगा, जागरूकता कार्यशालाओं का आयोजन करेगा तथा कारीगरों और ट्राइफेड के बीच समन्वय में सहयोग प्रदान करेगा।
ट्राइफेड के उत्पाद पोर्टफोलियो में जनजातीय कपड़ा (टेक्सटाइल), धातु शिल्प, वेत और बांस के उत्पाद, जैविक खाद्य पदार्थ, जनजातीय पेंटिंग, आभूषण और मिट्टी के बर्तन शामिल हैं, जबकि इसके खुदरा आउटलेट देश भर के जनजातीय समुदायों के हथकरघा और हस्तशिल्प उत्पादों को प्रदर्शित करते हैं।
यह सहयोग पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत पंजीकृत जनजातीय कारीगरों के पारंपरिक उत्पादों को ट्राइब्स इंडिया के खुदरा (रिटेल) और डिजिटल मार्केटप्लेस नेटवर्क से जोड़कर उनकी बाजार दृश्यता (मार्केट विजिबिलिटी) का विस्तार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह दोनों संगठनों के लागू नियमों और नीतियों के अनुसार, भाग लेने वाले कारीगरों के लिए उत्पाद प्रस्तुतिकरण, क्षमता निर्माण और व्यापक बाजार पहुंच का समर्थन करेगा।
पीके/केसी/आरटी/वीएस/डीए
