मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के मत्स्यपालन विभाग ने प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) के मार्गदर्शन में 2 से 31 अक्टूबर 2026 तक आयोजित विशेष अभियान 6 में अपनी भागीदारी सफलतापूर्वक पूरी की। इस अभियान का उद्देश्य स्वच्छता को संस्थागत रूप देना, सरकारी कार्यालयों में लंबित मामलों को कम करना, अभिलेख प्रबंधन में सुधार करना तथा कार्यालय के स्थान और संसाधनों के कुशल उपयोग को बढ़ावा देना था।
कुशल और नागरिक-केंद्रित शासन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित करते हुए विभाग ने 40 स्वच्छता अभियान आयोजित करने का अपना लक्ष्य पूरा किया। शिकायत निवारण के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण प्रगति हुई। अभियान के दौरान सभी 100 लोक शिकायतों और सभी 30 लोक शिकायत अपीलों का निपटारा किया गया। इसके अतिरिक्त, संसद सदस्यों से प्राप्त 4 संदर्भों और प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) से प्राप्त 3 संदर्भों का भी निपटारा किया गया।
अभिलेख प्रबंधन और डिजिटलीकरण के लिए विशेष प्रयास किए गए। कुल 800 भौतिक फाइलों की समीक्षा की गई, जिनमें से 745 फाइलों को छंटाई के बाद हटा दिया गया। इससे अभिलेख प्रबंधन को बेहतर बनाने और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने में मदद मिली। ई-फाइलों के मामले में, समीक्षा के लिए प्रस्तुत 45 फाइलों में से 25 को अभियान के दौरान बंद किया गया।
इस अभियान से कार्यालय के स्थान के प्रभावी उपयोग और अनावश्यक सामग्री के निपटान में भी मदद मिली। कबाड़ के निपटान के माध्यम से विभाग और उसके कार्यालयों ने लगभग 1,150 वर्ग फुट कार्यालयीन स्थान खाली कराया। इसके अतिरिक्त, विभाग ने विभिन्न श्रेणियों के इलेक्ट्रॉनिक और विद्युत उपकरणों की 308 वस्तुओं को शामिल करते हुए ई-कचरा प्रबंधन अभियान चलाया।
विभाग ने सोशल मीडिया का भी प्रभावी उपयोग किया। अभियान के दौरान की गई विभिन्न गतिविधियों को प्रदर्शित करने और विभाग की पहलों के बारे में जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए एक्स, फेसबुक, इंस्टाग्राम, थ्रेड्स, लिंक्डइन, ट्रुथ सोशल, ब्लूस्काई और यूट्यूब पर 120 से अधिक पोस्ट साझा किए गए।
विशेष अभियान 6 का सफल क्रियान्वयन स्वच्छता को बढ़ावा देने, प्रशासनिक दक्षता में सुधार करने, जवाबदेही को मजबूत बनाने तथा अधिक सुव्यवस्थित, उत्पादक और नागरिक-अनुकूल कार्य वातावरण तैयार करने के प्रति मत्स्यपालन विभाग की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस अभियान ने बेहतर शासन और संसाधनों के अनुकूलतम उपयोग के लिए स्वच्छता को संस्थागत बनाने तथा प्रभावी कार्यप्रणालियां अपनाने के महत्व को और मजबूत किया है।
पीके/केसी/आरटी/एके
