Sunday, 25 October 2026 18 new updates today
Latest Updates

लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्रालय Read in English

एनआई-एमएसएमई के प्रशिक्षण और डिजिटल सहायता से छोटे उद्यमों को बढ़ावा: संस्थान की यात्रा, उपलब्धियां और उद्यमियों के अनुभव

Key details of this update
DetailInformation
Date21 October 2026 (Wednesday)
Time7:49 PM
Topic / Ministryलघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्रालय
Languageहिन्दी · Read in English
Reading time5 min (881 words)

राष्ट्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम संस्थान उद्यमियों को प्रशिक्षण, अनुसंधान और परामर्श के माध्यम से सहायता देता है। एमएसएमई मंत्रालय के अधीन यह स्वायत्त संस्थान छोटे उद्यमों की प्रबंधकीय क्षमता, कौशल और व्यावसायिक तैयारी बढ़ाने पर काम करता है। संस्थागत साझेदारियों और विशेष कार्यक्रमों के जरिए इसका उद्देश्य नवाचार को प्रोत्साहित करना तथा उद्यमों को प्रतिस्पर्धा के लिए अधिक सक्षम बनाना है।

क्षमता निर्माण आयोग ने संस्थान को “उत्कृष्ट / UTKRISHT” 3-स्टार रेटिंग दी है। 66 वर्षों की यात्रा में इसने सरकारी संस्थाओं, नीति निर्माताओं, उद्योग और उद्यमियों की जरूरतों के अनुसार अपने कार्यक्रम विकसित किए हैं। प्रशिक्षण के साथ टिकाऊ उद्यम विकास, नवाचार और अनुकूल व्यावसायिक वातावरण तैयार करना इसकी प्राथमिकताओं में शामिल है।

संस्थान की स्थापना और विकास

नई दिल्ली में 1960 में केंद्रीय औद्योगिक विस्तार प्रशिक्षण संस्थान के रूप में इसकी शुरुआत हुई। 1962 में हैदराबाद स्थानांतरण के बाद इसे लघु उद्योग विस्तार प्रशिक्षण संस्थान के रूप में पंजीकृत किया गया। एमएसएमई विकास अधिनियम 2006 आने के बाद 2007 में इसे वर्तमान नाम मिला।

संस्थान की गतिविधियां उद्यम स्थापित करने से लेकर वित्त, विपणन और अंतरराष्ट्रीय व्यापार तक फैली हैं। डिजिटल बदलाव, नई तकनीक अपनाने और टिकाऊ व्यावसायिक प्रक्रियाओं पर भी प्रशिक्षण दिया जाता है। इन प्रयासों का संबंध उद्यमों की उत्पादकता, रोजगार और समावेशी आर्थिक विकास से है।

प्रशिक्षण और अनुसंधान का विस्तार

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 550 प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित हुए। इनमें 150 देशों के 11,032 अधिकारियों को प्रशिक्षण मिला।

राष्ट्रीय स्तर के 17,672 कार्यक्रमों में 6,07,497 प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण का लाभ लिया।

कौशल विकास से जुड़े 6,840 कार्यक्रमों के जरिए 2,10,062 युवाओं को तैयार किया गया।

एमएसएमई क्लस्टरों के विकास के लिए संस्थान ने 27 परियोजनाएं लागू कीं।

बौद्धिक संपदा सुविधा केंद्रों के माध्यम से उद्यमों को 235 सेवाएं दी गईं।

नीतिगत फैसलों और छोटे उद्यमों के विकास में मदद के लिए 962 अनुसंधान अध्ययन पूरे किए गए।

बदलते बाजार और तकनीक के लिए तैयारी

बाजार की अपेक्षाओं और उत्पादन प्रणालियों में बदलाव के साथ छोटे उद्यमों के लिए डिजिटल तकनीक समझना जरूरी हो रहा है। संस्थान के कार्यक्रम डिजिटल विपणन, ई-कॉमर्स, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, तकनीक आधारित विनिर्माण और बौद्धिक संपदा जैसे विषय शामिल करते हैं। हरित ऊर्जा तथा टिकाऊ कारोबार भी इनके दायरे में हैं। इन क्षेत्रों का ज्ञान उद्यमों को कामकाज सुधारने, उत्पाद विकसित करने, नए ग्राहकों तक पहुंचने और प्रतिस्पर्धा में बने रहने में सहायता देता है।

मार्च 2026 में संस्थान ने डिजिटल विपणन, एआई स्वचालन और ई-कॉमर्स पर राष्ट्रीय सम्मेलन किया। बाद में उद्योग 5.0 से जुड़े डिजिटल कारखानों पर सम्मेलन में एआई, औद्योगिक इंटरनेट ऑफ थिंग्स और क्लाउड तकनीक पर चर्चा हुई। इन आयोजनों ने उद्यम विकास तथा विनिर्माण में नई तकनीक के उपयोग को समझने का मंच दिया। ज्ञान साझा करने से छोटे उद्यम अपने लिए उपयुक्त तकनीक और नए व्यावसायिक अवसरों की पहचान कर सकते हैं।

प्रशिक्षण से कारोबार में बदलाव के उदाहरण

अमरचिंता के रेशम उद्यम की डिजिटल बाजार तक पहुंच

तेलंगाना के वनपर्थी में महंकाली चंद्रशेखर की अमरचिंता हैंडलूम वीवर्स प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड ने अपने पारंपरिक रेशम कारोबार में डिजिटल साधनों का उपयोग शुरू किया।

नाबार्ड के सहयोग से कंपनी के विपणन कार्यकारी ने 2024–25 में संस्थान का 5 दिवसीय प्रशिक्षण लिया। इसके बाद पूरे वर्ष मार्गदर्शन जारी रहा। इस सहायता का केंद्र डिजिटल ब्रांडिंग मजबूत करना और बाजार तक कंपनी की पहुंच बढ़ाना था।

कंपनी ने इंस्टाग्राम, व्हाट्सऐप बिजनेस और गूगल बिजनेस प्रोफाइल को ग्राहक संपर्क में इस्तेमाल किया। मंत्रालय के अनुसार गूगल के जरिए उसे ₹16 लाख का ऑर्डर मिला और वार्षिक कारोबार ₹2.8 करोड़ तक पहुंचा। यह उदाहरण बताता है कि डिजिटल माध्यम पारंपरिक बुनकर उद्यम को नए बाजारों से जोड़ सकते हैं और कारीगरों के लिए अवसर बढ़ा सकते हैं।

मिलेट उत्पादों की महिला उद्यमी का अनुभव

श्यामपेट, तेलंगाना की उद्यमी सुनकिशाला स्वरूपा ने मिलेट आधारित खाद्य कारोबार के लिए डिजिटल विपणन सीखा। नाबार्ड समर्थित और एनआई-एमएसएमई द्वारा संचालित परियोजना के तहत उन्होंने डिजिटल ब्रांडिंग तथा विपणन का 5 दिवसीय प्रशिक्षण लिया। इसके बाद वर्ष भर मिले मार्गदर्शन ने सीखे हुए साधनों को कारोबार में लागू करने में मदद की।

इंस्टाग्राम, गूगल माय बिजनेस और कैनवा के इस्तेमाल से उनकी ऑनलाइन पहचान मजबूत हुई। उत्पादों का प्रचार अधिक ग्राहकों तक पहुंचा और ग्राहक आधार का विस्तार हुआ।

मंत्रालय के विवरण के अनुसार मासिक कारोबार ₹20,000 से ₹2 लाख हुआ, यानी 10 गुना बढ़ोतरी दर्ज की गई।

कारोबार के विस्तार के साथ आसपास की महिलाओं को भी रोजगार के अवसर मिले।

स्वरूपा का अनुभव महिला उद्यमों को डिजिटल कौशल और लगातार मार्गदर्शन देने के महत्व को सामने लाता है। बाजार से बेहतर जुड़ाव छोटे कारोबार को आगे बढ़ाने और स्थानीय स्तर पर समावेशी विकास में सहायक हो सकता है।

उद्यमियों के कौशल और अवसरों को मजबूत करना

उद्यमिता, प्रशिक्षण, अनुसंधान और डिजिटल सहायता संस्थान के काम के प्रमुख आधार हैं। बड़ी संख्या में प्रतिभागियों को तैयार करने और उद्यमों के विकास में सहयोग देने के जरिए यह छोटे कारोबारों को अधिक सक्षम बनाने का प्रयास करता है।

प्रशिक्षण से मिले अनुभव और उद्यमियों के उदाहरण बताते हैं कि कौशल, बाजार संपर्क और मार्गदर्शन साथ मिलकर आजीविका के अवसर बढ़ा सकते हैं। बदलती परिस्थितियों में कारोबार चलाने के लिए आवश्यक ज्ञान और साधन उपलब्ध कराना संस्थान की भूमिका का हिस्सा है। इसके प्रयास आत्मनिर्भरता, नवाचार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में सक्षम एमएसएमई क्षेत्र की दिशा में केंद्रित हैं।

संस्थान के कार्यक्रमों और सेवाओं का आधिकारिक विवरण देखें: http://www.nimsme.gov.in/

आधिकारिक सूचना: सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय।

इसी विषय से और: लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्रालय

View all इसी विषय से और: लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्रालय
  1. लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्रालय

    सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय ने देशव्यापी स्वच्छता एवं जागरूकता पहलों के साथ ‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ अभियान का समापन किया

    सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई) ने 17 सितंबर से 2 अक्टूबर 2026 तक स्वच्छता ही सेवा (एसएचएस) 2026 अभियान मनाया। इसका समापन 2 अक्टूबर 2026 को स्वच्छ भारत दिवस के…

    पूरा पढ़ें →
  2. लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्रालय

    नारियल की भूसी से उद्यम तक: नारियल का रेशा ग्रामीण जीवन को कैसे बदल रहा है

    जो चीज नारियल की भूसी के रूप में शुरू होती है, वो आज भारत के नारियल उत्पादक क्षेत्रों में उद्यम और आजीविका का स्रोत बन रही है। नारियल का रेशा, एक प्राकृतिक,…

    पूरा पढ़ें →

और करेंट अफेयर्स

View all और करेंट अफेयर्स
  1. वाणिज्‍य एवं उद्योग मंत्रालय

    एनआईसीडीसी ने बिहार इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग सिटी गया लिमिटेड की शुरुआत के साथ बिहार में औद्योगिक विकास को आगे बढ़ाया

    नेशनल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एनआईसीडीसी) ने बिहार में औद्योगिक विकास को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। बोधगया में बिहार के मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने…

    पूरा पढ़ें →
  2. आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय

    लगभग 1,500 प्रतिनिधियों और विशेषज्ञों की भागीदारी के साथ भुवनेश्वर में 19वें अर्बन मोबिलिटी इंडिया सम्मेलन और प्रदर्शनी का समापन हुआ

    19वां अर्बन मोबिलिटी इंडिया (यूएमआई) सम्मेलन और प्रदर्शनी 2026 आज ओडिशा के भुवनेश्वर में संपन्न हुआ। इस अवसर पर केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य तथा ऊर्जा मंत्री, श्री मनोहर लाल ने समापन…

    पूरा पढ़ें →
  3. रेल मंत्रालय

    सतना–देवेंद्रनगर (53 किमी) एवं रीवा–चुरहट (65 किमी) रेलखंड देश को समर्पित; विंध्य एवं बुंदेलखंड आए करीब, सीधी जिले को बड़ा लाभ

    मध्य प्रदेश के विंध्य क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी के विस्तार की दिशा में आज एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल हुई। माननीय केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव एवं मध्य प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री…

    पूरा पढ़ें →
  4. रक्षा मंत्रालय

    भारतीय नौसेना के डीज़ल-इलेक्ट्रिक पनडुब्बियों के लिए स्वदेशी एआईपी प्रणाली ने ‘काम शुरू करना चरण-2’ (सेटिंग टू वर्क फ़ेज़-2) गतिविधि के उद्घाटन के साथ महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की

    भारतीय नौसेना की पानी के नीचे की क्षमताओं को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मुकाम हासिल किया गया है, जो नौसेना सामग्री अनुसंधान प्रयोगशाला, डीआरडीओ द्वारा स्वदेशी रूप से विकसित एयर…

    पूरा पढ़ें →
  5. पर्यावरण

    सीएक्यूएम ने अमृतसर और तरनतारन में धान के पराली प्रबंधन उपायों की समीक्षा की

    एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के अध्यक्ष श्री राजेश वर्मा के नेतृत्व में एक उच्च-स्तरीय टीम ने एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों के लिए आज…

    पूरा पढ़ें →
  6. युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय

    केंद्रीय राज्य मंत्री रक्षा खडसे ने ऑल-वुमन कोचेस कोर्स में भारतीय खेलों में महिलाओं के लिए और बेहतर रास्ते बनाने का आह्वान किया

    युवा कार्यक्रम और खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे ने शनिवार को नई दिल्ली के दिल्ली लॉन टेनिस एसोसिएशन (डीएलटीए) टेनिस स्टेडियम में, ऑल इंडिया टेनिस एसोसिएशन (एआईटीए) की एसीई 2032 पहल के…

    पूरा पढ़ें →
  7. युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय

    मेरा भारत-एनएसएस नशा मुक्त युवा अभियान के छठे सप्ताह में देशभर के गांवों में ‘ग्राम सेवा एवं परंपरागत खेल दिवस’ मना रहा है

    युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय के अंतर्गत 'एमवाई भारत' राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) ने 'नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत 100 सप्ताह संकल्प अभियान' के छठे सप्ताह के हिस्से के रूप में…

    पूरा पढ़ें →
  8. पृथ्‍वी विज्ञान मंत्रालय

    केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने दिल्ली एनसीआर के लिए दुनिया की अपनी तरह की पहली ‘एयर पॉल्यूशन एनालिसिस’ सुविधा का उद्घाटन किया

    केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी और पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन, परमाणु ऊर्जा विभाग और अंतरिक्ष विभाग में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने…

    पूरा पढ़ें →
  9. श्रम और रोजगार मंत्रालय

    लखनऊ में 26 अक्टूबर को श्रम संहिता, श्रम कल्याण और सामाजिक सुरक्षा पर दो दिवसीय राज्य स्तरीय ‘श्रम संवाद’ कार्यक्रम

    श्रम और रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार के सहयोग से 26 और 27 अक्टूबर 2026 को लखनऊ, उत्तर प्रदेश में श्रम संहिता, श्रम कल्याण और सामाजिक सुरक्षा पर दो दिवसीय…

    पूरा पढ़ें →
  10. कृषि एवं किसान कल्‍याण मंत्रालय

    ​ऐतिहासिक उपलब्धि: पीएम मोदी का संकल्प हुआ साकार, 11 करोड़ किसानों को मिला फार्मर आईडी का सुरक्षा कवच

    देश के कृषि क्षेत्र में एक नए डिजिटल युग का सूत्रपात करते हुए केंद्र सरकार ने निर्धारित समय से पांच महीने पहले ही 11 करोड़ 'फार्मर आईडी' (किसान विशिष्ट डिजिटल पहचान) तैयार…

    पूरा पढ़ें →
↑