प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) के मार्गदर्शन में ग्रामीण विकास विभाग विशेष अभियान 6 चला रहा है। इस अभियान का उद्देश्य स्वच्छता को संस्थागत रूप देना, लंबित मामलों को कम करना और ई-कचरे (ई-वेस्ट) का निपटान करना है। इसकी शुरुआत 2 अक्टूबर 2026 को हुई, जिसमें सचिव (ग्रामीण विकास) ने शपथ दिलाई और उसके बाद कर्तव्य भवन-03 में श्रमदान किया गया।
विभाग ने 2 से 23 अक्टूबर तक चले स्वच्छता अभियानों और आईएमसी संदर्भों (रेफरेंस) के अपने 100% लक्ष्य हासिल कर लिए। लोक शिकायतों से जुड़ी अपीलों में 77%, वास्तविक फाइलों की समीक्षा में 76%, लोक शिकायतों के निपटान में 69% और ई-फाइलों की समीक्षा में 63% प्रगति दर्ज की गई। संसद में दिए गए आश्वासनों के मामले में 60%, सांसदों के संदर्भों में 51%, राज्य सरकारों के संदर्भों में 50% और पीएमओ के संदर्भों में 33% प्रगति हुई।
अब तक, 690 वास्तविक फाइलों को हटा दिया गया है और 1,177 ई-फाइलों को बंद कर दिया गया है। इंडिया हैबिटेट सेंटर स्थित विभाग के स्टोर से भी बेकार पड़े फर्नीचर और उपकरणों को हटा दिया गया है। ई-कचरे और बेकार फर्नीचर के निपटान से लगभग 15.29 लाख रुपए की आय होने की उम्मीद है और इससे कार्यालय की 43,186 वर्ग फुट जगह खाली हो गई।
अन्य गतिविधियों में निर्मल डेस्क चैलेंज, इनडोर पौधों का वितरण और तंबाकू-रोधी जागरूकता अभियान शामिल थे। निबंध और पोस्टर प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं तथा सफाई मित्रों को सम्मानित किया गया। विभाग ने 22 अक्टूबर को स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के सहयोग से सफाई कर्मचारियों सहित 250 से अधिक आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए एक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया। इस शिविर में ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, आंखों और कान, नाक, गला (ईएनटी) की जांच की गई।
विभाग का लक्ष्य 31 अक्टूबर 2026 तक अपने 100% लक्ष्यों को हासिल करना है।
पीके/केसी/आरटी/एमके/एसएस
