विधि एवं न्याय मंत्रालय के विधायी विभाग ने सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता को संस्थागत बनाने एवं लंबित मामलों में कमी लाने के लिए 'विशेष अभियान 6' के तहत अपने कार्यालयों की समीक्षा की।
विधायी विभाग ने 23 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली स्थित कर्तव्य भवन-2 की चौथी मंजिल पर अपने विभिन्न अनुभागों, कार्यालय कक्षों एवं स्वच्छता सुविधाओं का निरीक्षण किया। यह निरीक्षण 'विशेष अभियान 6' के अंतर्गत किया गया, जिसका उद्देश्य सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता को संस्थागत रूप देना तथा लंबित कार्यों को कम करना है।
इस समीक्षा का नेतृत्व संयुक्त सचिव एवं विधायी परामर्शदाता तथा नोडल अधिकारी श्री जी. पानमेई ने किया, जिसमें अवर सचिव श्रीमती रचना और प्रशासन-II अनुभाग के कर्मचारी भी शामिल थे।
समीक्षा के दौरान, श्री पानमेई ने कार्यालय परिसर और सामान्य सुविधाओं की साफ-सफाई एवं रखरखाव का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से बातचीत की और कार्यालय परिसर में साफ-सफाई, स्वच्छता तथा उचित व्यवस्था बनाए रखने के महत्व पर बल दिया। उन्होंने सभी अनुभाग अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि उनके संबंधित अनुभाग और कमरे साफ-सुथरे एवं व्यवस्थित रहें तथा उनमें कोई भी अनावश्यक या बेकार का सामान न पड़ा हुआ हो।
समीक्षा में एक साफ-सुथरे, स्वच्छ एवं काम के अनुकूल माहौल बनाए रखने के लिए सामूहिक जिम्मेदारी, नियमित निगरानी एवं सभी अधिकारियों व कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी के महत्व पर बल दिया गया। इस पहल ने 'विशेष अभियान 6' के उद्देश्यों के प्रति, तथा कार्यस्थल पर स्वच्छता, कार्यकुशलता एवं अनुशासन की संस्कृति को बढ़ावा देने के प्रति विधायी विभाग की प्रतिबद्धता की पुनः पुष्टि की।
प्रशासनिक सुधार के संदर्भ में इस समीक्षा का महत्व
इस घटनाक्रम को पढ़ते समय कार्यालय की भौतिक व्यवस्था और लंबित कार्यों की समीक्षा को साथ रखकर समझना उपयोगी है। साफ-सफाई केवल निरीक्षण के दिन की गतिविधि तक सीमित रखने के बजाय उसे नियमित कामकाज की जिम्मेदारी बनाने पर जोर दिया गया है। इसलिए यहां महत्वपूर्ण बिंदु निरीक्षण का स्थान भर नहीं, बल्कि अनुभाग स्तर पर जिम्मेदारी और लगातार निगरानी की अपेक्षा भी है। अधिकारियों तथा कर्मचारियों की भागीदारी इस व्यवस्था का हिस्सा है।
प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए नोट तैयार करते समय मंत्रालय, विभाग, अभियान, निरीक्षण की तारीख और समीक्षा का उद्देश्य अलग-अलग लिखें। इससे घटना का प्रशासनिक संदर्भ स्पष्ट रहता है। विधायी विभाग की पहचान को अभियान के व्यापक उद्देश्य से जोड़कर याद करें और निरीक्षण में भाग लेने वाले अधिकारियों की भूमिकाओं को संस्था के नाम से अलग रखें। किसी अभियान के अंतर्गत हुई एक विभागीय गतिविधि का विवरण उसी गतिविधि का उदाहरण होता है; उसे पूरे अभियान के सभी कार्यालयों का परिणाम मानकर प्रस्तुत करने से बचें।
निगरानी और कार्यस्थल की जिम्मेदारी
इस समीक्षा में कमरों, अनुभागों और सामान्य सुविधाओं की व्यवस्था पर ध्यान दिया गया। अध्ययन के लिए इन बिंदुओं को स्थान, रखरखाव, उपयोगिता और कर्मचारियों की सहभागिता जैसे विषयों में बांटा जा सकता है। अनावश्यक सामान हटाने का निर्देश कार्यस्थल की उपयोगी जगह और सुव्यवस्था से जुड़ा है। नियमित निगरानी का अर्थ यह समझना है कि व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी आगे भी संबंधित अनुभागों के काम का हिस्सा बनी रहे।
लंबित मामलों में कमी अभियान का घोषित उद्देश्य है। किसी प्रश्न के उत्तर में उद्देश्य, की गई कार्रवाई और मापे गए परिणाम को अलग-अलग बताना बेहतर रहेगा। इस लेख में दिए निरीक्षण और निर्देशों को कार्रवाई के रूप में दर्ज करें। लंबित मामलों की समाप्ति की कोई संख्या या सफलता दर जोड़ने के लिए अलग पुष्ट विवरण चाहिए। इसी तरह साफ-सफाई की समीक्षा से नई भर्ती, आवेदन प्रक्रिया या सेवा संबंधी पात्रता का निष्कर्ष नहीं निकलता। इस समाचार का मुख्य संदर्भ कार्यालय प्रशासन, कार्यकुशलता और सामूहिक जिम्मेदारी है।
