विधि और न्याय मंत्रालय के विधायी विभाग ने विशेष अभियान 6 के अंतर्गत 15 अक्टूबर, 2026 को कर्तव्य भवन-2, नई दिल्ली में "ई-कचरा निपटान" विषय पर एक कार्यशाला का आयोजन किया। कार्यशाला की अध्यक्षता संयुक्त सचिव एवं विधि सलाहकार श्री जी. पनमेई ने की। इसमें विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ-साथ इसके संबद्ध कार्यालयों—राजभाषा विंग और विधि साहित्य प्रकाशन—के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी भाग लिया।
कार्यशाला के दौरान, इंडिया-एड्स एनजीओ की महासचिव श्रीमती रचना ने अपनी टीम के साथ इलेक्ट्रॉनिक कचरे (ई-कचरे) के उचित निपटान और प्रबंधन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने पर्यावरण पर ई-कचरे के दुष्प्रभावों और पुराने तथा अनुपयोगी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के जिम्मेदारीपूर्वक निपटान की आवश्यकता पर जोर दिया। सत्र में पर्यावरण के अनुकूल प्रथाओं को अपनाने और इलेक्ट्रॉनिक कचरे के अंधाधुंध निपटान को रोकने के महत्व पर भी जोर दिया गया।
श्री जी. पनमेई, जेएस एंड एलसी ने श्रीमती रचना और उनकी टीम को ई-कचरे के जिम्मेदार प्रबंधन और निपटान के बारे में अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच जागरूकता पैदा करने में उनके बहुमूल्य योगदान के लिए हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से पुराने एवं अनुपयोगी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का निपटान लागू नियमों और प्रक्रियाओं के अनुसार सुनिश्चित करने का आग्रह किया। उन्होंने आगे जोर दिया कि पर्यावरण संरक्षण, संसाधनों के संरक्षण तथा स्वच्छ और अधिक टिकाऊ कार्यस्थल को बढ़ावा देने के लिए ई-कचरे का प्रभावी प्रबंधन आवश्यक है।
पीके/केसी/आरटी/जीके
