नौसैनिक नवाचार और स्वदेशीकरण संगोष्ठी – 'स्वावलंबन 2026' – 26-27 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के मानेकशॉ सेंटर में आयोजित किया जाएगा। यह भारतीय नौसेना का प्रमुख कार्यक्रम है। इसका विषय 'नवाचार और स्वदेशीकरण के माध्यम से शक्ति और सामर्थ्य' है। यह संगोष्ठी सशस्त्र बलों, उद्योग जगत, स्टार्टअप्स, एमएसएमई, शिक्षाविदों और निवेशकों को एक मंच पर लाएगी, ताकि स्वदेशी तकनीकी नवाचार को बढ़ावा दिया जा सके और रक्षा क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता को मजबूत किया जा सके।
इस संगोष्ठी की शुरुआत 2022 में हुई थी। तब से 'स्वावलंबन' ऐसे राष्ट्रीय मंच के रूप में विकसित हुआ है, जो भारतीय नौसेना की परिचालन आवश्यकताओं को भारतीय उद्योग और शिक्षा जगत की तकनीकी क्षमताओं से जोड़ता है। इस पहल का उद्देश्य स्वदेशी नवाचार से लेकर व्यावहारिक परिचालन क्षमताओं तक के सफर को तेज करना है, जिससे समुद्री तैयारियों और 'आत्मनिर्भरता' को मजबूती मिल सके।
(https://www.pib.gov.in/Pressreleaseshare.aspx?PRID=1842970)
विशेष प्रदर्शनी में समुद्री निगरानी, काउंटर-यूएएस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम प्रौद्योगिकियों, एनबीसीडी और सुरक्षा, तथा दक्षता बढ़ाने वाले समाधानों से जुड़े स्वदेशी नवाचारों को प्रदर्शित किया जाएगा। इसके साथ ही, इसमें ऐसी सफलता की कहानियां भी दिखाई जाएंगी जो यह दर्शाती हैं कि कोई विचार पूर्ण उत्पाद के रूप में कैसे विकसित होता है।
इस संगोष्ठी में क्वांटम तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्वायत्त प्रणालियां और हाइपरसोनिक तकनीक जैसी भविष्य की उभरती प्रौद्योगिकियों पर चर्चा की जाएगी। इसमें विशेष रूप से इस बात पर ध्यान दिया जाएगा कि भविष्य के युद्धों और नौसैनिक अभियानों में इन तकनीकों का किस प्रकार उपयोग किया जा सकता है। इन विशेष सत्रों में आत्मनिर्भरता और iDEX इकोसिस्टम को मजबूत करने, मजबूत घरेलू आपूर्ति शृंखला बनाने, एकेडमिक उद्यमिता को बढ़ावा देने, और स्टार्टअप्स को बेहतरीन स्वदेशी तकनीकों का विस्तार करने में सक्षम बनाने पर ध्यान दिया जाएगा। निवेशकों और वेंचर कैपिटलिस्ट्स के साथ बातचीत से, रक्षा क्षेत्र के होनहार उद्यमों को फंडिंग, विस्तार और व्यावसायीकरण के रास्ते तलाशने के अवसर मिलेंगे।
इस सेमिनार के पूर्ण सत्र में 26 अक्टूबर 2026 को माननीय रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस सत्र में, रक्षा मंत्री रक्षा नवाचार और स्वदेशीकरण में योगदान के लिए उद्योग भागीदारों को सम्मानित करेंगे। इस अवसर पर 'स्वावलंबन 5.0' दस्तावेज़ और 'टेक्नोलॉजी इम्पेरेटिव्स' (तकनीकी आवश्यकताओं) पर आधारित संग्रह (कम्पेंडियम) भी जारी किया जाएगा। ये दस्तावेज़ भारतीय नौसेना की तकनीकी प्राथमिकताओं, परिचालन संबंधी जरूरतों और स्वदेशी विकास के अवसरों पर केंद्रित चर्चा के लिए महत्वपूर्ण संदर्भ के रूप में काम आएंगे।
इस कार्यक्रम का आयोजन भारतीय नौसेना द्वारा रक्षा नवाचार संगठन (डीआईओ) और भारतीय रक्षा विनिर्माता सोसाइटी (एसआईडीएम) के सहयोग से किया जा रहा है।
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