मेरा युवा भारत (माय भारत) ने युवा कार्य एवं खेल मंत्रालय के अंतर्गत “विकसित भारत के लिए नशा मुक्त युवा” अभियान के 100-सप्ताह के अभियान के छठे सप्ताह के दौरान विभिन्न गतिविधियों की एक श्रृंखला आयोजित की। अनंतिम रिपोर्ट के अनुसार, 694 कार्यक्रमों के माध्यम से 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 2,11,139 युवाओं और नागरिकों को इस अभियान से जोड़ा गया। इन गतिविधियों का मुख्य केंद्र ‘नशे के रावण का दहन/नशा रूपी महिषासुर का वध’, पारंपरिक खेल और ‘विकसित भारत के लिए नशा मुक्त युवा पर परिचर्चा’ (पड़ोस युवा संसद) रहे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से सांस्कृतिक सहभागिता, शारीरिक गतिविधियों और सामुदायिक संवाद को एक साथ जोड़कर मादक पदार्थों के दुरुपयोग के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया।
इस अभियान में रावण दहन और महिषासुर वध जैसी सांस्कृतिक रूप से जुड़ी पहलों का उपयोग व्यसन पर विजय पाने और मादक पदार्थों के सेवन को अस्वीकार करने का संदेश देने के लिए किया गया। पारंपरिक खेल गतिविधियों ने शारीरिक फिटनेस, स्वस्थ जीवनशैली और सामुदायिक भागीदारी को प्रोत्साहित किया, जबकि पड़ोस युवा संसद सत्रों ने युवाओं और समुदाय के सदस्यों को मादक पदार्थों के सेवन के हानिकारक प्रभावों, रोकथाम रणनीतियों और नशामुक्त समाज के निर्माण में युवाओं की भूमिका पर चर्चा करने के लिए एक मंच प्रदान किया।
इन कार्यक्रमों का आयोजन फिट इंडिया और ब्रह्माकुमारीज़, हार्टफुलनेस, फिक्की, सीआईपीयू, एसोचैम तथा प्रोजेक्ट पॉइंट सहित सहयोगी संगठनों के साथ मिलकर किया गया। इस सहयोगात्मक दृष्टिकोण ने युवा नेटवर्क, सामुदायिक संस्थानों और सहयोगी संगठनों को एक साथ लाकर अभियान की पहुंच बढ़ाने और मादक द्रव्यों के सेवन के खिलाफ सामूहिक कार्रवाई को प्रोत्साहित करने में मदद की।
इस अभियान के तहत नशामुक्त भारत के लक्ष्य की ओर 2,11,139 प्रतिज्ञाएँ दर्ज की गईं। इन गतिविधियों का उद्देश्य युवाओं को स्वस्थ, नशामुक्त जीवनशैली अपनाने के लिए प्रोत्साहित करके और दूसरों को भी नशीले पदार्थों से दूर रहने के लिए प्रेरित करके जागरूकता को व्यक्तिगत प्रतिबद्धता और सामुदायिक स्तर पर कार्रवाई में बदलना था।
100-सप्ताह के अभियान के माध्यम से माय भारत जागरूकता कार्यक्रमों, सहभागितापूर्ण गतिविधियों और युवाओं के नेतृत्व में संचालित पहलों के जरिए युवाओं और समुदायों को निरंतर जोड़ रहा है। छठे सप्ताह में सांस्कृतिक परंपराओं, खेलों और व्यवस्थित संवाद पर दिया गया जोर मादक पदार्थों के दुरुपयोग की रोकथाम तथा युवाओं के बीच सोच-समझकर निर्णय लेने की प्रवृत्ति को बढ़ावा देने के लिए समुदायों की निरंतर भागीदारी के महत्व को रेखांकित करता है।
यह पहल ‘विकसित भारत के लिए नशा मुक्त युवा’ के व्यापक दृष्टिकोण को साकार करने में योगदान देती है। इसका उद्देश्य युवा नागरिकों को स्वस्थ समुदायों और विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित करना है।
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