केन्द्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने आज नई दिल्ली में इन्वेस्ट तेलंगाना ग्लोबल समिट के पूर्वावलोकन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भारत की बढ़ती व्यापार साझेदारी, नीतिगत स्थिरता और निवेश के अवसरों पर प्रकाश डाला। इस शिखर सम्मेलन के आयोजन के लिए तेलंगाना के मुख्यमंत्री श्री ए. रेवंत रेड्डी को बधाई देते हुए श्री गोयल ने कहा कि 2047 तक राज्य के 3 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य को केंद्र सरकार, राज्य सरकार, उद्योग जगत, निवेशक और आमलोगों के सामूहिक प्रयासों से हासिल किया जा सकता है।
श्री गोयल ने कहा कि भारत के मौजूदा व्यापार समझौतों ने 70 ट्रिलियन डॉलर की वैश्विक जीडीपी तक प्राथमिकता वाले बाजार तक पहुंच प्रदान की है। इसमें एक दशक से भी पहले पूरे हुए समझौतों के जरिए 10 ट्रिलियन डॉलर और हाल ही में संपन्न हुए नौ समझौतों के जरिए 60 ट्रिलियन डॉलर की अतिरिक्त पहुंच शामिल है। आठ और द्विपक्षीय या बहुपक्षीय समझौतों के लिए बातचीत चल रही है। इनसे 15 ट्रिलियन डॉलर और जुड़ जाएंगे। इसके बाद भारत के पास 115 ट्रिलियन डॉलर के वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद का लगभग 76 प्रतिशत कवर करने के लिए प्राथमिक बाजार पहुंच होगी।
उन्होंने बताया कि वैश्विक चुनौतियों के बीच आईएमएफ ने वैश्विक व्यापार वृद्धि के केवल 1.9 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है। भारत ने निर्यात में 1 ट्रिलियन डॉलर का लक्ष्य रखा है, जिसमें चालू वर्ष में 15 प्रतिशत की वृद्धि का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि यह लक्ष्य निर्यातकों, उद्योग संघों और व्यवसायों के उस सामूहिक विश्वास को दर्शाता है, जिसके तहत वे पारंपरिक पूर्वानुमानों से बेहतर प्रदर्शन करना चाहते हैं।
भारत के आर्थिक प्रदर्शन पर प्रकाश डालते हुए श्री गोयल ने कहा कि एक दशक पहले पांच कमजोर अर्थव्यवस्थाओं में शामिल रहा भारत अब दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। उन्होंने पिछले साल 7.7 प्रतिशत और चालू वर्ष की पहली तिमाही में 7.8 प्रतिशत की वृद्धि का हवाला दिया और उम्मीद जताई कि सितंबर में समाप्त होने वाली तिमाही में भी वृद्धि 7 प्रतिशत से ऊपर बनी रहेगी। उन्होंने आईएमएफ के हालिया आकलन का भी जिक्र किया, जिसमें उम्मीद से बेहतर आर्थिक प्रदर्शन की बात कही गई है। साथ ही, आईएमएफ का यह भी मानना है कि भारत चालू वर्ष और आने वाले वर्ष में सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बना रहेगा।
मंत्री ने पश्चिम एशिया और यूक्रेन में संघर्षों तथा होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास पैदा हुई बाधाओं के कारण उत्पन्न वैश्विक अनिश्चितताओं को स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि भारत इन चुनौतियों के बीच भी लगातार मजबूती दिखा रहा है। उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसियों द्वारा भारत की क्रेडिट रेटिंग में किए गए सुधारों का भी जिक्र किया, जिनमें जापानी क्रेडिट रेटिंग एजेंसी (जेसीआर) भी शामिल है। इस एजेंसी ने 35 से अधिक वर्षों में पहली बार भारत की रेटिंग में सुधार किया है।
मंत्री ने कहा कि भारत निवेशकों को स्थिर नीतियां, खुली सीमाएं, मजबूत सप्लाई चेन और यह भरोसा देता है कि कानून का शासन उनके हितों की रक्षा करेगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पिछले साढ़े चार वर्षों में भारत ने नौ मुक्त व्यापार समझौतों या द्विपक्षीय व्यापार समझौतों पर बातचीत करके उन्हें अंतिम रूप दिया है। इससे 38 विकसित देशों में भारतीय व्यवसायों के लिए अवसर खुले हैं। उन्होंने कहा कि इन देशों के पास ऐसी क्षमताएं हैं जो एक-दूसरे की पूरक हैं। इनमें उन्नत उपकरण, आधुनिक तकनीकें, हाई-टेक डिवाइस और ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट (जीपीयू) शामिल हैं, जिनकी भारतीय उद्योग को आवश्यकता है।
तेलंगाना की ऐतिहासिक व्यापारिक परंपराओं का उल्लेख करते हुए श्री गोयल ने काकतीय शासक गणपति देव द्वारा 1244 में जारी किए गए समुद्री चार्टर मोटुपल्ली अभय शासन को याद किया, जिसने व्यापार में स्थिरता और पूर्वानुमान योग्यता को बढ़ावा दिया। उन्होंने वर्तमान स्थिति से तुलना करते हुए कहा कि निवेशक अभी भी नीतियों में निश्चितता और निरंतरता की तलाश कर रहे हैं।
'विकसित भारत 2047' के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी पर बल देते हुए श्री गोयल ने कहा कि साझा समृद्धि की दिशा में देश की यात्रा के लिए 1.4 अरब भारतीयों के सामूहिक प्रयास और ऊर्जा की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि तेलंगाना की कुशल, योग्य और युवा आबादी की प्रतिबद्धता और क्षमताएं, राज्य को विकास और प्रगति के नए मानक स्थापित करने में मदद कर सकती हैं।
तेलंगाना की 2047 तक अपनी अर्थव्यवस्था को लगभग 200 अरब डॉलर से बढ़ाकर 3 ट्रिलियन डॉलर तक ले जाने की आकांक्षा का जिक्र करते हुए उन्होंने राज्य सरकार द्वारा तय किए गए इस लक्ष्य का स्वागत किया।
श्री गोयल ने कहा कि मेरे शब्दकोश में 'असंभव' जैसा कोई शब्द नहीं है। उन्होंने यह भी माना कि लक्ष्य को हासिल करने के लिए काफी सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता होगी। उन्होंने कहा कि राज्य के विकास में केंद्र सरकार, राज्य सरकार, व्यवसायों, निवेशकों, किसानों, मछुआरों, तकनीकी कार्यबल, वैज्ञानिकों, नवप्रवर्तकों, स्टार्टअप्स, महिला उद्यमियों और अधिकारियों सभी को योगदान देना होगा।
श्री गोयल ने कहा कि तेलंगाना अपने दवा उद्योग, एयरोस्पेस और रक्षा क्षमताओं, मूल्य वर्धित कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, अनुसंधान और विकास, नवाचार और सेवा क्षेत्र के माध्यम से विकसित भारत की परिकल्पना में योगदान करने के लिए अच्छी स्थिति में है। उन्होंने वैश्विक क्षमता केंद्रों, डिजाइन और नवाचार, और कृत्रिम बुद्धिमत्ता और क्वांटम कंप्यूटिंग के क्षेत्र में राज्य की प्रतिभा पर भी प्रकाश डाला।
इस बात उल्लेख करते हुए कि आर्थिक विकास में प्रत्येक योगदान महत्वपूर्ण है, मंत्री ने भारत-ऑस्ट्रेलिया मुक्त व्यापार समझौते का लाभ उठाते हुए हैदराबाद से ऑस्ट्रेलिया को 2.5 मीट्रिक टन जीआई-टैग वाले तंदूर लाल चना (अरहर) भेजे जाने का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के निर्यात से पता चलता है कि व्यापार समझौते न केवल बड़े उद्योगों के लिए, बल्कि किसानों और छोटे उत्पादकों के लिए भी अवसर पैदा कर सकते हैं।
श्री गोयल ने इस बात का उल्लेख किया कि भारत की विकास यात्रा में हर योगदान, चाहे वह छोटा हो या बड़ा, महत्वपूर्ण है। उन्होंने विकसित भारत 2047 के दृष्टिकोण को सामूहिक रूप से आगे बढ़ाने में किसानों, उद्यमियों, एमएसएमई और अन्य हितधारकों की भूमिका पर प्रकाश डाला।
मंत्री ने तेलंगाना के विकास के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता जताई और राज्य में शुरू की गई या समर्थित परियोजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने जहीराबाद औद्योगिक स्मार्ट सिटी की आधारशिला रखने का उल्लेख किया। इसके बारे में उन्होंने कहा कि यह ऑटोमोबाइल, खाद्य प्रसंस्करण, मशीनरी और विद्युत उपकरणों के लिए प्लग-एंड-प्ले औद्योगिक भूमि प्रदान करेगा। उन्होंने वारंगल स्थित काकतीय मेगा टेक्सटाइल पार्क का भी जिक्र किया और इसे पहला पूरी तरह से चालू पीएम मित्र पार्क बताया। साथ ही, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह पार्क 'फार्म टू फाइबर, फाइबर टू फैक्ट्री, फैक्ट्री टू फैशन और फैशन टू फॉरेन' के '5एफ' विजन के अनुरूप है।
केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय का आह्वान करते हुए, श्री गोयल ने कहा कि 2047 के लिए तेलंगाना का विकास दृष्टिकोण प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा व्यक्त किए गए विकसित भारत के राष्ट्रीय दृष्टिकोण के अनुरूप है।
आगे की राह के लिए छह सुझाव देते हुए श्री गोयल ने प्रस्ताव रखा कि तेलंगाना वस्तुओं और सेवाओं में अपने 50 प्रमुख निर्यात उत्पादों की पहचान करे और ऐसे बाजारों की सूची तैयार करे, जहां मौजूदा मुक्त व्यापार समझौतों के तहत विशेष पहुंच मिलती हो। उन्होंने एमएसएमई, किसानों और स्टार्टअप्स को इन समझौतों का अधिकतम लाभ उठाने में मदद करने के लिए हर जिले में एफटीए हेल्प डेस्क स्थापित करने का भी सुझाव दिया।
उन्होंने तंदूर लाल चना (अरहर), चटपटा मिर्च और निजामाबाद हल्दी जैसे जीआई-टैग वाले उत्पादों को वैश्विक बाजारों तक ले जाने का आह्वान किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किसानों को अपनी उपज के लिए बेहतर मूल्य दिलाने में मदद करने के लिए ट्रेसेबिलिटी, पैकेजिंग और ब्रांडिंग बहुत जरूरी है।
श्री गोयल ने नवाचार में निवेश करने वाली प्रमुख प्रारंभिक सामग्री और सक्रिय दवा सामग्री (एपीआई) में घरेलू क्षमताओं को मजबूत करके और जेनेरिक उत्पादों से आगे बढ़कर उच्च मूल्य वाले ब्रांडेड और अभिनव दवा उत्पादों, बायोसिमिलर और जैव प्रौद्योगिकी की ओर बढ़ते हुए तेलंगाना के दवा उद्योग को मूल्य शृंखला में आगे बढ़ाने का सुझाव दिया।
अंतरिक्ष, एयरोस्पेस, विमान के पुर्जों, रखरखाव, मरम्मत और ओवरहाल(एमआरओ), रक्षा, इलेक्ट्रॉनिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग और मशीन लर्निंग के क्षेत्रों में अवसरों की पहचान करते हुए उन्होंने प्रिसिजन इंजीनियरिंग और टूलिंग क्षमताओं को विकसित करने, उन्नत परीक्षण सुविधाएं स्थापित करने तथा विज्ञान, प्रौद्योगिकी और विनिर्माण के क्षेत्र में दुनिया के प्रमुख संस्थानों के साथ साझेदारी करने का आह्वान किया।
उन्होंने अनुसंधान और विकास तथा कौशल-निर्माण को आगे बढ़ाने के लिए उद्योग, शिक्षा जगत और सरकार के बीच मजबूत संबंध स्थापित करने का प्रस्ताव भी रखा, जिससे कार्यबल को भविष्य की औद्योगिक और तकनीकी जरूरतों के लिए तैयार करने में मदद मिल सके।
अंत में श्री गोयल ने छोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से हटाकर सुधार करने, अनुपालन बोझ को कम करने, सरल प्रक्रियाओं और समयबद्ध सिंगल-विंडो मंजूरी के माध्यम से व्यवसाय करने में आसानी के सुधारों को तेज करने का सुझाव दिया। इस दिशा में केंद्र के प्रयासों का जिक्र करते हुए उन्होंने तेलंगाना को भी ऐसे ही उपाय अपनाने पर विचार करने के लिए प्रोत्साहित किया, ताकि कारोबारी कामकाज और आमलोगों के जीवन को सरल बनाया जा सके और इस तरह पूरे राज्य में जीवन जीने में आसानी को मजबूत किया जा सके।
अपने संबोधन का समापन करते हुए श्री गोयल ने दिवाली के प्रतीक का उल्लेख किया और कहा कि रोशनी एक-एक दीये से फैलती है। उन्होंने कहा कि हर निवेश, निर्यात, नई नौकरी और स्टार्टअप, तेलंगाना और पूरे देश को 2047 तक एक विकसित और समृद्ध राष्ट्र के साझा लक्ष्य के करीब ले जाएगा। उन्होंने भारत और दुनिया भर के निवेशकों को तेलंगाना में मौजूद अवसरों को तलाशने के लिए आमंत्रित किया। साथ ही ऐसी दीर्घकालिक साझेदारियों का आह्वान किया जिनसे रोजगार के अवसर सृजित हों और जो तेलंगाना तथा भारत के लोगों की समृद्धि में योगदान दें।
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