प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आत्म-साक्षात्कार की परिवर्तनकारी शक्ति को उजागर करते हुए एक संस्कृत सुभाषितम् साझा किया। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि अपने सच्चे स्वरूप को जानना असीम आत्मबल और आत्मविश्वास को जागृत करता है, मानसिक पीड़ा को दूर करता है और गहन शांति एवं मुक्ति की ओर मार्गदर्शन करता है।
श्री मोदी ने एक्स पर संस्कृत सुभाषितम् साझा करते हुए लिखा;
“प्रतिबोधविदितं मतममृतत्वं हि विन्दते।
आत्मना विन्दते वीर्यं विद्यया विन्दतेऽमृतम्॥”
प्रतिबोधविदितं मतममृतत्वं हि विन्दते। आत्मना विन्दते वीर्यं विद्यया विन्दतेऽमृतम्॥ https://t.co/eKFWbxAdMk
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