भारत सरकार के उपभोक्ता मामले विभाग ने उपभोक्ता संरक्षण (ई-कॉमर्स) (संशोधन) नियमावली, 2026 के माध्यम से उपभोक्ता संरक्षण (ई-कॉमर्स) नियमावली, 2020 में संशोधन किया है, जिसका उद्देश्य ई-कॉमर्स क्षेत्र के लिए एक पारदर्शी और संतुलित नियामक ढांचे की सुविधा प्रदान करते हुए उपभोक्ता संरक्षण को मजबूत करना है।
संशोधित नियमावली कारोबारी सुगमता की आवश्यकता और ई-कॉमर्स संस्थाओं पर अनावश्यक नियामक बोझ थोपे बिना उपभोक्ता हितों की रक्षा करने वाले एक संतुलित दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए डिजिटल मार्केटप्लेस में उभरती उपभोक्ता चिंताओं को दूर करने का प्रयास करते हैं।
संशोधित नियमावली के एक प्रमुख प्रावधान के तहत प्रत्येक ई-कॉमर्स इकाई के लिए राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (एनसीएच) की अभिसरण प्रक्रिया में भागीदार बनना आवश्यक है, जिससे राष्ट्रीय उपभोक्ता शिकायत निवारण प्रणाली के साथ ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म का एकीकरण मजबूत हो सके।
2025 के दौरान, एनसीएच को 17,71,622 शिकायतें मिलीं, जिनमें से 5,11,196 या लगभग 29 प्रतिशत, ई-कॉमर्स क्षेत्र से संबंधित थीं।
संशोधित नियमों में निम्नलिखित प्रावधान हैं:
उपभोक्ता शिकायतें: प्रत्येक ई-कॉमर्स इकाई शिकायतकर्ता को शिकायत की एक प्रति प्रदान करेगी जैसा कि उसके शिकायत अधिकारी द्वारा दर्ज किया गया है।
खोज परिणाम: ई-कॉमर्स संस्थाएं खोज परिणामों में इस तरह से हेरफेर नहीं करेंगी जो उपयोगकर्ताओं को गुमराह करता है या उपयोगकर्ता की खोज क्वेरी के लिए परिणामों की प्रासंगिकता पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है।
प्रायोजित लिस्टिंग: प्रायोजित लिस्टिंग की पहचान स्पष्ट और प्रमुख घोषणाओं के माध्यम से की जाएगी।
मूल्य में कटौती: जहां मूल्य में कमी की घोषणा की जाती है, वहां कम कीमत और पूर्व मूल्य दोनों प्रदर्शित किए जाएंगे। "पूर्व मूल्य" का अर्थ है सबसे कम कीमत जिस पर घोषणा से पहले 30 दिनों के दौरान वस्तुओं या सेवाओं की पेशकश की गई थी।
डार्क पैटर्न: ई-कॉमर्स संस्थाएं डार्क पैटर्न की रोकथाम और विनियमन के लिए दिशानिर्देश, 2023 का पालन करेंगी, वार्षिक स्व-लेखापरीक्षा करेंगी और अनुपालन का प्रमाण पत्र प्रमुखता से प्रदर्शित करेंगी।
विक्रेता और उत्पाद विवरण: मार्केटप्लेस ई-कॉमर्स संस्थाएं महत्वपूर्ण विवरण प्रदान करेंगी, जिसमें सर्वोत्तम पहले/उपयोग से पहले तारीखें, वापसी/वापसी, वारंटी, डिलीवरी और भुगतान विवरण शामिल हैं, ताकि जागरूक उपभोक्ता निर्णय लेने में सक्षम हो सकें।
उपभोक्ता संबंधी विवरण: मार्केटप्लेस ई-कॉमर्स संस्थाएं स्पष्ट और सकारात्मक सहमति के बिना निर्दिष्ट उद्देश्यों के लिए उपभोक्ता संबंधी विवरण का उपयोग नहीं करेंगी।
